संपादकीय / केवल सरकार को घेरने के लिए उसकी आलोचना न हो



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Dainik Bhaskar

Aug 14, 2019, 12:20 AM IST

प्रतिस्पर्धी प्रजातंत्र में विपक्ष और मीडिया, दोनों का काम सरकार की गलत नीतियों व अन्य कमियों को उजागर करना होता है। अच्छा काम करने के लिए ही तो जनता सरकार को चुनती है लिहाज़ा विपक्ष या मीडिया से सरकार के पक्ष में कसीदे काढ़ने की अपेक्षा नहीं होती।

 

हां, मीडिया अगर कोई जन-शिक्षा का कार्यक्रम है -जैसे रासायनिक खाद का प्रयोग करने से पहले खेत का मृदा जांच करने के प्रति किसानों को शिक्षित करना या स्वच्छता के प्रति सजग करना– तो यह मीडिया के मूल कर्तव्यों में आता है लेकिन, कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों और मीडिया के द्वारा कश्मीर में ईद-उल-अजहा का पर्व संगीनों के साये में मनाया गया या कम मनाया गया या नहीं मनाया गया इसे लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करना पूर्वाग्रह दिखाता है।

 

एक ऐसे राज्य (अब केंद्र-शासित) में जहां पाक-प्रायोजित आतंकवाद का तांडव दशकों से चल रहा हो और जिसके पूरी शिद्दत से सिर उठाने के संकेत हों उसमें त्योहार के लिए खुली छूट दे दी जाए और पुलिस कहीं नज़र न आए, क्या संभव है? और अगर सरकार द्वारा यह किया भी जाए और बम धमाके में कुछ लोग या अर्धसैनिक बल के लोग मारे जाएं तो क्या यही विपक्ष और मीडिया का एक वर्ग यह कहना शुरू नहीं करेगा कि ‘अनुच्छेद 370’ हटाने की बाद कश्मीर जलने लगा’? हम इस बात पर तो सरकार की आलोचना कर सकते हैं कि कश्मीर के विकास और अमन के लिए विशेष दर्ज़ा हटाने की जगह और क्या-क्या विकल्प हो सकते थे लेकिन यह टिप्पणी कि ‘कश्मीरी मुसलमान अपना पाकीज़ा त्योहार जवानों की बूट की आवाज और संगीनों की दहशत से नहीं मना सके’ तो यह देश और कश्मीरियों के प्रति गैरजिम्मेदाराना है।

 

यह पूर्वाग्रह-ग्रसित और स्वच्छ प्रजातान्त्रिक मानदंडों के प्रतिकूल भी है। कुतर्क का एक ताजा नमूना देखें। कांग्रेस नेता मणि शंकर ने एक लेख में इस बात पर एतराज जताया है कि क्यों ‘35000 अतिरिक्त अर्ध सैनिक बल तैनात किए गए जबकि उनके अनुसार लाखों जवान कश्मीर में पहले से थे’। उन्हें इस बात पर भी ऐतराज है कि क्यों हजारों अमरनाथ यात्रियों व पर्यटकों को ‘जबरदस्ती’ हटाया गया। अगर तीर्थयात्री आतंकी हमले में मर गए होते तो उनका जवाब क्या होता? इस तरह के कुतर्कों से राजनीतिक दलों पर जनता का विश्वास कम होने लगता है। वैसे भी कांग्रेस के कुछ नेताओं में सेल्फ गोल की अद्भुत क्षमता है।

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