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सेकंड आर्टिकल / चालीस मिनट की फिल्म का अंत बदलकर देख रहे हैं दो घंटे तक

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 10:55 PM IST


Looking to change the end of the 40 minute film for two hours
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Looking to change the end of the 40 minute film for two hours

ज़िंदगी में पीछे जाकर अपने चुनाव बदलने का मौक़ा हो या न हो, कहानी में हो गया है। टेलीविज़न, सिनेमा, वीडियो में ये पहली बार नेटफ्लिक्स के ज़रिए संभव हुआ है। नेटफ्लिक्स पर वयस्कों की पहली इंटरैक्टिव फ़िल्म- बैंडरस्नैच, जो बहुचर्चित टीवी शृंखला ‘ब्लैक मिरर’ की एक कड़ी है, प्रदर्शित हो रही है।

 

इसके मुख्य किरदार के सामने, कहानी में चुनाव के दो विकल्प आते हैं और दर्शक के सामने स्क्रीन पर भी वही दो विकल्प उभरते हैं, जैसे दवाई खानी है या फेंकनी है, किसी का पीछा करना है या नहीं, दर्शक कर्सर के माध्यम से जो विकल्प चुनता है, किरदार फिल्म के भीतर वही करता है। इन सभी विकल्पों के हिसाब से पांच अलग-अलग अंत फिल्माए गए हैं। 40 मिनट की फिल्म को विकल्प बदलते हुए लगभग डेड़ से दो घंटे तक देखा जा रहा है।


इंटरनेट मूवी डेटाबेस (आईएमडीबी) अब तक केवल फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों की रेटिंग तय करने वाला ऑनलाइन डेटा बेस था। कौन-सी फिल्म देखनी है कौन-सी नहीं इसके लिए दर्शक आईएमबीडी की राय लेते थे लेकिन, अब ये आ रहा है स्ट्रीमिंग की दुनिया में एक और मीडिया सर्विस प्रोवाइडर बनकर, नाम होगा- फ्री डाइव।

 

अमेजन प्राइम यानी नेटफ्लिक्स पर आप शुल्क चुकाकर विज्ञापन रहित मनोरंजन देख पाते हैं, इस प्लेटफार्म पर शुल्क तो नहीं होगा लेकिन, ठीक टीवी की भांति विज्ञापन ज़रूर दिखेंगे। जहां फ्री ड्राइव मोबाइल पर नहीं चल सकेगा, वहीं ‘एयरलिफ्ट’ और ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ बनाने वाली अबूनदंतिया एंटरटेनमेंट ख़ासतौर पर मोबाइल यूज़र्स की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, सिनेमा और टेलिविज़न के अब तक प्रचलित वीडियो/फिल्म अनुपात को बदलकर वर्टिकल मनोरंजन सामग्री बनाएगा, जिसे मोबाइल की पूरी लम्बाई में देखा जा सकेगा। 


मनोरंजन जगत की खबर है कि 31 मई से ऑल इंडिया रेडियो समाचार बुलेटिन अब निजी एफएम चैनल पर सुने जा सकेंगे। अब तक एफएम चैनलों को एआईआर खबरों के प्रसारण की अनुमति नहीं थी लेकिन, 28 दिसम्बर 18 को आकाशवाणी के बंद किए जाने की सूचना के बाद ये नई पहल है।


चुनावी माहौल में फ़िल्मों में भी राजनीति का विषय गर्मा रहा है, ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ में सितम्बर 2016 में हुई कश्मीर की सर्जिकल स्ट्राइक और भारत-पाकिस्तान तनाव की कहानी है लेकिन, बड़े परदे पर इन दिनों प्रधानमंत्री के किरदार का ही ज़ोर-शोर दिख रहा है।

 

केजीएफ ने कन्नड़ फ़िल्मों के इतिहास में दो मशालें ऊंची की हैं, एक तो वे दो सौ करोड़ कमाने वाली पहली कन्नड़ फ़िल्म बन गई है। दूसरा ये भी पहली बार हुआ है कि कोई कन्नड़ फ़िल्म व्यावसायिक तौर पर पाकिस्तान में रिलीज़ हो, उस पर ख़बर है कि इस्लामाबाद और लाहौर में केजीऐफ अच्छा व्यवसाय कर रही है। फ़िल्म सितारों में अपनी जीवनी और संघर्ष की कहानी लिखना प्रचलित रहा है अब मनीषा कोईरला अपनी किताब ‘हील्ड’ में कैंसर से लड़ाई के दिनों की आपबीती कह रही हैं। लेखक - निधि सक्सेना फिल्म निर्देशक, लेखिका व पेंटर

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