पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Management Funda: Humans Can Make Records At Any Age!

इंसान किसी भी उम्र में रिकॉर्ड बना सकता है!

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मेजर बख्तावर सिंह बरार।

यदि आप किसी को यह कहते सुनें कि ‘अरे, यह बच्चा तो बहुत छोटा है या ये आदमी तो बहुत बूढ़ा है’, तो इस मिथक को तोड़ने के लिए नीचे दिए 5 और 105 साल वाले इंसानों की ज़िंदगी के ये दो उदाहरण काफी हैं।


पांच साल की बच्ची की कहानी: अंग्रेजी में बच्चों के इस खेल को ‘हुला-हूप्स’ कहा जाता है। यह खेल मुझे बचपन की यादों में ले जाता है। दशकों पहले भौतिकी पढ़ाने वाले शिक्षक पूरी कक्षा के बीच मुझसे कहते थे कि साइकिल का पहिया लेकर उसे अपनी कमर में डालो और गोल-गोल घुमाओ। इस तरह वे हमें सिखाते थे कि दोलन (ऑसिलेशन) क्या होता है।

 

वे समझाते थे कि यह एक क्रम से होने वाली गति है, जिसमें एक गतिमान रिंग एक अक्ष (एक्सिस) के चारों ओर घूमती है और उस उदाहरण में अक्ष मेरा शरीर होता था। इस वजह से हुला-हूप्स हमेशा मेरे मन में बचपन की यादों को मासूमियत के साथ ताजा कर जाता है।

 

पिछली सदी से यह खेल पढ़ाई के एक साधन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, कुछ कबीलों में यह जादू-टोने वाले कर्मकांड के हिस्से की तरह देखा जाता है, साथ ही फिटनेस प्रेमियों के लिए यह कमर को अच्छा आकार और मांसपेशियों को ताकत देेने का जरिया है। नए दौर में हुला-हूप्स को ईजाद करने का श्रेय आर्थर स्पड मिलिन और रिचर्ड नेर को जाता है, जिन्होंने साबित किया कि बच्चों के लिए हुला-हूप की माप 70 सेमी और वयस्कों के लिए एक मीटर होनी चाहिए।


लेकिन कर्नाटक के मंगलुरू जिले के माटाडकनी कस्बे में रहने वाली पांच साल की लड़की आध्या ने इसी खेल में नया रिकॉर्ड बना दिया है। जून के महीने में उसने घुटनों पर बैठकर 34 मिनट और 25 सेकंड तक 4000 बार हुला-हूप को अपनी कमर में डालकर घुमाया। वह एक साथ तीन हुला-हूप रिंग कमर में डालकर घुमा लेती है। आध्या की प्रतिभा को उसकी डांस टीचर ने पहचाना और उसके माता-पिता को इंडिया स्टार बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए आवेदन करने की सलाह दी। रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद इस बच्ची ने एक बार में हुला-हूप घुमाने की संख्या 5000 तक कर ली है।


105 साल के बुर्जुग की कहानी: ‘मैं रिटायर्ड हूं’ वाक्य से उन्हें नफरत है। जब वे किसी के मुंह से ऐसा सुनते हैं तो गुस्से से भर जाते हैं और कहते हैं ‘रिटायर होने का मतलब क्या है? बिस्तर पर पड़ जाना? किसान और सिपाही कभी बिस्तर में नहीं मरा करते।’ दोनों ही रूपों में एक मिसाल हैं मेजर बख्तावर सिंह बरार। भारतीय सेना के ये डेकोरेटेड वेटरन सिपाही 68 वर्ष की उम्र में 1980 में अमेरिका जाकर बस गए थे।

 

एक बार एक महिला ने उनसे कहा, ‘इस उम्र में तो आपको पेंशन के लिए आवेदन देना चाहिए।’ उन्होंने तपाक से जवाब दिया ‘आपका बहुत बहुत धन्यवाद मैडम, मुझे इसकी जरूरत नहीं।’ जब पूछा गया कि आपने ऐसा क्यों कहा, तो उनका जवाब था, ‘मैंने अब तक इस देश के लिए क्या किया है, कुछ भी तो नहीं। मैं यहा एक बोझ बनकर नहीं रहना चाहता।’

 

इसके बाद उन्होंने खेत मजदूर के रूप में काम करना शुरू किया ताकि खुद के और पत्नी के लिए पेंशन कमा सके। वक्त बदला और 2006 के बाद से बरार अपने बेटे की कैलिफोर्निया के डिलैनो में स्थित एग्रीकल्चर कम्पनी का काम संभाल रहे हैं। यह कम्पनी करीब 18000 एकड़ में अंगूर और बादाम की खेती करती है। पिछले नवंबर में उन्होंने वर्क डेस्क पर अपना 105वां जन्मदिन मनाया!

 

अपने अनुभव से सीख देते हुए बरार कहते हैं, ‘लम्बी और स्वस्थ उम्र की चाबी ज़िंदगी में एक मध्यम मार्ग पर चलना है। जो भी करें, उसकी अति न करें।’ उनके जीवन में छुट्‌टी जैसा कोई दिन नहीं होता, वे हमेशा अपनी डेस्क पर मौजूद होते हैं। शतायु होने के बाद भी बरार सेहतमंद हैं और अच्छी याददाश्त के साथ लगातार कड़ी मेहनत करना जारी रखे हुए हैं।

 

फंडा यह है कि  मनुष्य जाति की खूबसूरती यही है कि उम्र चाहे 5 हो या 105, वह रिकॉर्ड बनाने का दम रखती है। इसके पीछे अनुशासन के साथ मनोस्थिति भी अहम है।

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आपका कोई सपना साकार होने वाला है। इसलिए अपने कार्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित रखें। कहीं पूंजी निवेश करना फायदेमंद साबित होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता संबंधी परीक्षा में उचित परिणाम ह...

और पढ़ें