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डॉ. भारत अग्रवाल का कॉलम:गृह मंत्री अमित शाह की जीवनी का बंगाली अनुवाद जारी हुआ, बंगाल चुनाव में बीजेपी की सबसे बड़ी पूंजी- मोदी और शाह की छवि

8 महीने पहले
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डॉ. भारत अग्रवाल - Dainik Bhaskar
डॉ. भारत अग्रवाल

शाह की शख्सियत
वैसे तो फार्मूला पुराना है, लेकिन कई दशक से इसका प्रयोग नहीं हुआ था। अब बंगाल चुनाव के बीच गृह मंत्री अमित शाह की जीवनी का बंगाली अनुवाद जारी हुआ है। बंगाल चुनाव में बीजेपी की सबसे बड़ी पूंजी है- मोदी-शाह की छवि। और इस छवि को और पुख्ता करने में यह जीवनी या संजीवनी भी बहुत कारगर साबित हो रही है। इस जीवनी के लेखक हैं डॉ. अनिर्बान गांगुली।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रस्ट के निदेशक। अनिर्बान पश्चिम बंगाल चुनाव में भी बहुत सक्रिय हैं। इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद शिवानंद द्विवेदी ने किया है। यह हिंदी अनुवाद बिहार चुनाव से पहले जारी हुआ था। अब श्रीजीत दत्ता द्वारा अनूदित बांग्ला अनुवाद आया है। कोलकाता के हर पुस्तक भंडार में पुस्तक हिट है। प्रकाशक भी प्रसिद्ध घराना है। बीजेपी ने और उसके उम्मीदवारों ने जिलों में पुस्तक वितरित की है।

दो सीट, माने एक सरकार?
एक सर्वे में बताया गया है कि केरल में बीजेपी दो सीट जीत सकती है और 2-4 सीटों के अंतर से ही कम्युनिस्ट नेतृत्व वाला एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ से आगे रहेगा। सर्वे ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। इसलिए नहीं कि एलडीएफ उससे 2-4 सीटों से आगे है, बल्कि इसलिए क्योंकि बीजेपी दो सीट जीत रही है।
कांग्रेस की चिंता राहुल गांधी के इस बयान से जाहिर होती है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी कांग्रेस मुक्त भारत की बात तो करती है, लेकिन लेफ्ट मुक्त भारत की बात नहीं करती। मजाक में कांग्रेस के लोग यह भी कहते हैं कि चिंता की बात यह भी है कि मणिपुर में दो सीट जीतने के बावजूद बीजेपी ने सरकार बना ली थी और केरल में भी दो सीट जीतने की बात आ रही है। तो कहीं केरल अगला मणिपुर न बन जाए।

दो पैरों पर, कोलकाता टू दिल्ली!
केरल में बात दो सीटों की तो बंगाल में दो पैर की हो रही है। दीदी ने ऐलान कर दिया है कि एक पैर से वह बंगाल जीतेंगी और दो पैरों से दिल्ली। अर्थात दीदी ने खुद को मोदी के मुकाबले पीएम इन वेटिंग के रूप में प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया है। डेरेक ओब्रायन यह लॉजिक दे रहे हैं कि जैसे मोदी 2012 में तीसरी बार गुजरात जीतकर पीएम उम्मीदवार बनने योग्य हो गए थे, उसी तरह ममता तीसरी बार बंगाल जीतकर पीएम इन वेटिंग बनने जा रही हैं। लेकिन बीजेपी तो राष्ट्रीय पार्टी है सो मोदी जैसी ताकत ममता कहां से जुटाएंगी। इस पर जवाब मिलता है दो मई (चुनाव नतीजे) के बाद, यह सुविधा खुद ब खुद ममता को मिल जाएगी।

एक अनाम दावेदार
असम में यह तय है कि या तो बीजेपी जीतेगी या फिर कांग्रेस गठबंधन। यदि बीजेपी जीतती है, तो दो बातें होंगी। या तो सर्वानंद सोनोवाल सीएम होंगे या हेमंता बिस्वासर्मा। हालांकि कांग्रेस की तरफ से सीएम उम्मीदवार अभी तय नहीं है, लेकिन सुना यह जा रहा है कि कांग्रेस से दो लोगों को उम्मीद है। पहले हैं गौरव गोगोई। और दूसरा कौन? कांग्रेस के लोग दूसरे नाम के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व अर्थात सोनियां गांधी को अधिकृत करते हुए कहते हैं कि आलाकमान ही जाने। कुल मिलाकर बीजेपी से दो और कांग्रेस से एक और कांग्रेस आलाकमान के कोटे से अज्ञात-अनाम एक- यानी कि चार लोग हैं, जिनमें से कोई एक असम का सीएम बनेगा।

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