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रुचिर शर्मा का कॉलम:बाजार की उथल-पुथल में ‘बबल’ पर चर्चा, 2021 के बाजार के बुलबुले कहां हैं और इनका क्या होगा?

2 महीने पहले
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रुचिर शर्मा, लेखक और ग्लोबल इंवेस्टर - Dainik Bhaskar
रुचिर शर्मा, लेखक और ग्लोबल इंवेस्टर

वित्तीय बाजारों में ‘बुलबुलों’ को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच इस पर विचार करना चाहिए कि क्या मौजूदा उथल-पुथल वाकई बुलबुले हैं। ऐसा है, तो इतिहास हमें इस बारे में क्या बताता कि वे कब फूट सकते हैं? जब बुलबुले चरम पर होते हैं, तो उनमें किसी चीज की अति होने के वस्तुनिष्ठ संकेत होते हैं, जैसे आय की तुलना में तेजी से बढ़ती कीमतें और साथ ही व्यक्तिपरक संकेत होते हैं, जैसे पागलपन की हद तक ट्रेड और उधार। कुछ लोगों के लिए पूरे अमेरिकी शेयर बाजार में चहल-पहल दिख रही है, लेकिन महामारी के दौरान आय में वृद्धि भी असाधारण रूप से मजबूत रही है। हालांकि सतह के नीचे, ग्रीन टेक से लेकर क्रिप्टोकरंसी तक के सेक्टर बुलबुले के स्पष्ट संकेत दिखा रहे हैं।

पिछली सदी के शीर्ष 10 बुलबुलों पर मेरा शोध बताता है कि फूटने से पहले कीमतें आमतौर पर एक साल में 100% बढ़ जाती है, जहां अधिकतम लाभ अंतिम कुछ महीनों में होता है। इन पैमानों में अभी कम से कम पांच बुलबुले हैं। इनमें बिटकॉइन और एथेरियम के लिए क्रिप्टो मार्केट, क्लीन एनर्जी स्टॉक्स, स्मॉल कैप स्टॉक्स, कम कमाई वाले कुछ टेक स्टॉक और विशेष उद्देश्य अधिग्रहण कंपनियां (स्पैक्स) शामिल हैं। ये सभी बुलबुले उस सूचकांक में हैं, जो पिछले साल 100% या उससे ज्यादा बढ़े हैं और 500 बिलियन डॉलर और 2.5 ट्रिलियन डॉलर के बीच के शीर्ष मूल्य तक पहुंचे हैं।

डे ट्रेडर्स और नए निवेशकों ने हड़बड़ी की जो अंतिम चरण के बाजार के उन्माद के आम लक्षण हैं। लंबी अवधि की ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया के रूप में अब ये बुलबुले डगमगाने लगे हैं। महामारी से जुड़े स्मॉल-कैप स्टॉक के सूचकांक के अलावा अन्य चार बुलबुलों ने कम से कम 35% गिरावट देखी है, लेकिन 50% से ज्यादा नहीं।

दूसरे शब्दों में अब उनमें जल्द बढ़त की संभावना कम है और वे अब भी निचले स्तर से दूर हैं। ऐतिहासिक पैटर्न को एक नया कारक प्रभावित कर सकता है। लंबी अवधि की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में काफी नकदी है क्योंकि केंद्रीय बैंक सुलभ पैसे पर इतने प्रतिबद्ध कभी नहीं थे।

याद रखें कि बुलबुला अक्सर अच्छा आइडिया होता है, जिसमें अति हो जाती है। 2000 के दशक की शुरुआत में माना जाता था कि डॉटकॉम बुलबुला बिजनेस आइडिया वाली ऐसी कंपनियों से बना है, जिनका कोई मोल नहीं है। बाद में अन्य बुलबुलों की तुलना में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन बुलबुलों ने टेक सेक्टर में कई असफल स्टार्टअप लॉन्च किए, लेकिन उन्होंने कई बड़े इनोवेशन में भी मदद की।

दर्जनों असफल डॉटकॉम के बीच, गूगल या एमेजॉन जैसे बड़े सर्वाइवर भी रहे, जिन्होंने अर्थव्यवस्था को ज्यादा उत्पादक बनाया। कुलमिलाकर, 2021 के बुलबुले इस प्रोफाइल में काफी हद तक फिट बैठते हैं। महामारी के दौरान टेली कॉन्फ्रेंसिंग से लेकर ऑनलाइन लर्निंग तक, जिन टेक ट्रेंड्स में तेजी आई, वे महामारी के बाद लंबे समय तक उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे।

ग्रीन कारों और ऊर्जा की मांग कम होने की संभावना फिलहाल नहीं दिखती। हालांकि, स्पैक्स, जिनका ‘ब्लैंक चैक कंपनियां’ कहकर मजाक उड़ता है, उन्हें भी शुरुआती पब्लिक ऑफरिंग फाइनेंस करने के नए तरीकों के रूप में देख सकते हैं। सबसे दिलचस्प नया आइडिया क्रिप्टोकरंसी है। इसके भविष्य पर बहस से बिटकॉइन के उतार-चढ़ाव को समझने में मदद मिलती है, जो आठ वर्षों में तीसरी बड़ी बढ़त में अब दूसरी तरफ है।

इसपर शायद ऐतिहासिक पैटर्न लागू न हों। और मूल्य के एक सुरक्षित डिजिटल स्टोर का फायदा तो बरकरार है ही, जो बिचौलियों को हटाता है और अमेरिकी डॉलर का विकल्प प्रदान करता है। बुलबुलों के झाग को हटाना कई लोगों के लिए दर्द भरा हो सकता है। लेकिन इतिहास 2021 के बुलबुलों को इस बात से आंकेगा कि उन्होंने अपने पीछे क्या छोड़ा न कि इससे कि वे कितनी दूर जाकर खत्म हुए।
(ये लेखक के अपने विचार हैं)