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डॉ. भारत अग्रवाल का कॉलम:चाहें तो मान लें कि बीजेपी को एक और मुख्यमंत्री मिलने जा रहा या एक और पूर्व मुख्यमंत्री

7 दिन पहले
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डॉ. भारत अग्रवाल - Dainik Bhaskar
डॉ. भारत अग्रवाल

बात है कर्नाटक यानी येदियुरप्पा की। हालांकि वे कह रहे हैं कि मुझसे इस्तीफा थोड़े ही मांगा है, सिर्फ राज्य में पार्टी मजबूत करने कहा गया है। अब मुख्यमंत्री सरकार मजबूत करे या पार्टी? समझ येदियुरप्पा भी गए हैं। कहानी का क्लाईमेक्स होगा 26 जुलाई को। तब येदियुरप्पा दिल्ली में होंगे।
प्री क्लाइमेक्स इडली
वैसे कहानी का प्री क्लाइमेक्स यह है कि येदियुरप्पा को एयरपोर्ट से लौटना पड़ा। उन्होंने दिल्ली में पीएम सहित तमाम लोगों से मुलाकात तो कर ली थी लेकिन गृह मंत्री का समय नहीं मिला। इंतज़ार में जब ऊब गए तो चहलकदमी करते हुए कर्नाटक भवन के पास एक रेस्त्रां में पहुंचकर इडली खाई। तब भी गृहमंत्री के यहां से फोन नहीं आया तो येदियुरप्पा एयरपोर्ट पहुंच गए। वहां पहुंचते ही फोन आ गया और येदियुरप्पा शाह से मिलने एयरपोर्ट से वापस लौटे।
दो-दो सीएम इन वेटिंग
इस बीच सीएम इन वेटिंग में दो नाम सामने आए हैं। एक नाम के साथ लॉजिक यह है कि उनके सीएम बनने पर राज्य में येदियुरप्पा समर्थक भितरघात नहीं कर पाएंगे। दूसरा नाम भी संघ से बीजेपी में आए एक नेता का है। उन्हें त्रिपुरा में विप्लव की जगह सीएम बनाने कि चर्चा है। यानी दो राज्यों में बीजेपी का ऑपरेशन सीएम बदलो चल रहा है। दोनों नाम संघ पृष्ठभूमि के हैं।
थोड़ा सुस्ताने भी दें
राज्य और सीएम का नाम फिर कभी बताएंगे, लेकिन इतना जान लें कि साहेब 2021 में आज तक एक भी बार सीएमओ नहीं गए। बस एक दिन झंडा फहराने के बाद थोड़ा सुस्ताए थे। अब भी राज्य में जो हालात हैं, उसे देखते हुए झंडा फहराने वाले दिन से पहले शायद ही जाएं। है ना जादू? पहले यह फैसिलिटी सिर्फ बिहार को उपलब्ध थी।
अगली मैडम प्रेसिडेंट!
राष्ट्रपति चुनाव अगले साल है। मोदी सरकार की राजनीति का फोकस दलित-ओबीसी, महिला, पढ़े-लिखे लोगों पर है। सो इस पद के लिए तमिलनाडु की एक महिला के नाम की पार्टी आफिस में चर्चा है। ये महिला डॉक्टर भी है और दलित भी। यानी एक साथ चार-चार गुण। महिला, पढ़ी-लिखी, दलित और दक्षिण भारतीय।
बिन सहकार, कैसे उद्धार?
एक समय की बात है, महाराष्ट्र विधानसभा में एक स्पीकर थे नाना पटोले। उनकी पार्टी कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश इकाई अध्यक्ष बना दिया। अब गठबंधन की शर्तों के मुताबिक स्पीकर कांग्रेस का होगा, लेकिन जब होगा, तब होगा। एक साल से डिप्टी स्पीकर ही काम चला रहे हैं। कांग्रेस स्पीकर चुन ही नहीं पा रही।

लिहाजा एक दिन शुभ मुहूर्त देख शिवसेना ने फॉर्मूला दिया कि शिवसेना के भाष्कर जाधव डिप्टी स्पीकर से प्रमोट होकर स्पीकर हो जाएं, बदले में कांग्रेस वन और पर्यावरण मंत्रालय ले ले। हाल ही में बीजेपी के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर जाधव चर्चा में भी रहे। लेकिन महाराष्ट्र के सदा-साहेब माने पवार साहेब ने शिवसेना का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। साहेब ने कहा है कि कांग्रेस तुरंत स्पीकर चुने। आखिर गठबंधन सरकार तो सहकार से चलती है।