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  • In Today's Era, Flying Like Sukh Kapoor; Nine Days Of Navratri, The Festival Of Energy, Prepare To Make Yourself A Yogi In It

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:आज के दौर में सुख कपूर की तरह उड़ रहा; नवरात्र के नौ दिन ऊर्जा का पर्व, इसमें खुद को योगी बनाने की तैयारी करें

2 महीने पहले
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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar
पं. विजयशंकर मेहता

नवरात्र के ये नौ दिन ऊर्जा का पर्व हैं। ऊर्जा बाहर बहेगी तो सांसारिक संकल्प पूरे होंगे और यदि उसकी दिशा भीतर मुड़ गई तो शांति की उपलब्धि होगी। ऊर्जा को भीतर मोड़ने का काम होता है योग से। इसलिए इस ऊर्जा पर्व में अपने आपको योगी बनाने की तैयारी कीजिए। गीता में कहा है जो अपने काम-क्रोध के आवेग को नियंत्रित कर लेगा, वह योगी होगा और वही शांत व सुखी रहेगा। खासकर इस दौर में सुख तो कपूर की तरह उड़ता जा रहा है।

हां, शांति जरूर बचाई जा सकती है। आने वाले समय में जिन-जिन चीजों की बहुत अधिक जरूरत होगी, उनमें से एक है शांति। हमारा आठवां-नौवां द्वार है मल-मूत्र विसर्जन के केंद्र। इन्हें काम केंद्र भी कहा जाता है। काम ऊर्जा को जितना नीचे बहाएंगे, वासनाएं जागेंगी। इसी ऊर्जा को जितना ऊपर ले जाएंगे, शांति उपलब्ध होती जाएगी। काम ऊर्जा के सदुपयोग का नाम आनंद है।

संयोग से इस नवसंवत्सर का नाम भी आनंद है। तो आनंद के अवसर को सही ढंग से उपयोग में लाने के लिए इन दो द्वारों पर गंभीरता से काम करिए। जो लोग इन पर काम करेंगे, उनकी ऊर्जा ऊपर उठेगी और वे शांति को प्राप्त होंगे। अशांति का तूफान हमारे चारों ओर फैल चुका है। बचने के ये नौ रास्ते अभी भी हमारे पास हैं। इन पर काम करते रहिए, जीवन का आनंद बढ़ जाएगा।