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डॉ. भारत अग्रवाल का कॉलम:बात सिर्फ इश्क और मुश्क की नहीं, मीडिया की नहीं, बात परम गोपनीय विवाह की भी हो सकती है

4 महीने पहले
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डॉ. भारत अग्रवाल - Dainik Bhaskar
डॉ. भारत अग्रवाल

अभी हाल ही में पीएम कश्मीरी नेताओं से मिले थे। कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा वैसे तो इस बैठक के लिए दिल्ली आए थे, लेकिन वास्तव में उसी दिन दिल्ली में उनके बेटे की शादी भी थी। मनोज सिन्हा नहीं चाहते थे कि कोरोना काल में शादी का कोई प्रचार हो।

समारोह में परिवार के ही गिने-चुने सदस्य शामिल थे। कोई हलचल नहीं, रिसेप्शन नहीं। आम राजनेता भी नहीं। सिर्फ पारिवारिक कनेक्शन वाले कुछ नेता। खुद मनोज सिन्हा बैठक के बाद, और बहुत थोड़े समय रहे। लेकिन बिहार के गिरिराज सिंह अपने निजी संबंधों के नाते सपरिवार शादी में शामिल हुए। और शादी के तुरंत बाद गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर दुनिया को बता दिया कि शादी हुई है।

साहेब और मुगल गार्डन!
2024 में शरद पवार 83 वर्ष के हो जाएंगे। अब आज तक रिटायर नहीं हुए, तो इस उम्र में क्या खाक रिटायर होंगे। फिर भी वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। मुंबई और दिल्ली में नई गपशप यह है कि क्या पवार को अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए आम सहमति का उम्मीदवार बनाया जा सकता है? 4 साल पहले सोनिया गांधी ने उनसे विपक्षी उम्मीदवार बनने का अनुरोध किया था, लेकिन उस समय पवार महाराष्ट्र की राजनीति में व्यस्त थे और इस पद के लिए तैयार नहीं थे।

अब स्थिति अलग है। महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की सरकार है और उधर मोदी-पवार का रिश्ता भी बहुत सौहार्दपूर्ण है। माने साहेब विपक्षी भी हैं और बीजेपी भी उन्हें स्वीकार कर सकती है। लेकिन क्या इसके लिए सारे लोग तैयार होंगे?

टीएमसी में शामिल अभिजीत मुखर्जी
स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी आखिरकार टीएमसी में शामिल हो ही गए। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की थी। 31 अगस्त को प्रणब बाबू की पुण्यतिथि है। और उससे पहले हर साल 21 जुलाई को टीएमसी की राजनीतिक रैली है। दीदी अभिजीत मुखर्जी को बीरभूम से टिकट दे सकती हैं। लेकिन फिलहाल टीएमसी उसका भी वादा करने के मूड में नहीं है।
रिकॉर्ड ही रिकॉर्ड
चार महीने में तीन सीएम उत्तराखंड का राजनीतिक रिकार्ड बन गया है। वैसे दूसरा रिकार्ड ये भी है कि पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के सबसे युवा सीएम बने हैं। यहां सबसे ज्यादा 6 सीएम बनाने का रिकार्ड बीजेपी बना चुकी है। लगातार 3 सीएम ठाकुर बने हैं। एक और रिकार्ड ये है कि धामी प्रदेश के ऐसे पहले सीएम हैं जो किसी पूर्व सीएम (भगत सिंह कोश्यारी) के ओएसडी रहे। एक रिकॉर्ड ये भी है कि धामी ऐसे सीएम होंगे जिन्हें सिर्फ आठ महीने का कार्यकाल मिला है। वो भी गारंटी नहीं।
टर्मपूरा निर्वाचन क्षेत्र कथा
कई लोग उत्तराखंड में सीएम बदलने के खेल को पश्चिम बंगाल से जोड़ रहे हैं। अगर उत्तराखंड को आधार बनाकर और कोरोना के कारण चुनाव आयोग बंगाल में उप-चुनाव से मना कर दे, तो फिर ममता बनर्जी को भी तीरथ सिंह वाली स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। ममता के पास विधायक बनने के लिए नवम्बर के पहले हफ्ते तक का समय है। लेकिन यदि कोरोना की तीसरी लहर आई तो चुनाव टल सकता है। फिर होगा क्या, क्या पता, क्या खबर।