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एन. रघुरामन का कॉलम:लंबा और स्वस्थ जीवन जीने का लाभ लेने में लोगों की मदद करने के लिए इनोवेशन सबसे जरूरी होगा

6 दिन पहले
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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

शो धकर्ता मानते हैं कि 150 वर्ष तक जीने वाला पहला व्यक्ति अभी हमारे बीच जिंदा है, बस यह नहीं जानते कि वह कौन है। मानव इतिहास में पहली बार, 65 या उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों से ज्यादा हो गई है। यह तो महज शुरुआत है। अगले दो दशकों में बुजुर्गों का समूह दोगुना होकर अमेरिका में ही 7.2 करोड़ तक पहुंच जाएगा, यानी हर पांच में से एक व्यक्ति 65 वर्ष से ज्यादा का होगा।

एजिंग (उम्र बढ़ना) सिर्फ जनसंख्या तक सीमित नहीं है। अब लोग उम्र को सतत वृद्धि की अवधि के रूप में अपना रहे हैं। सेवानिवृत्त लोगों की बजाय हमें नई अनुभवी, सफल वर्कफोर्स देखने मिल रही है। हम ऐसा बढ़ता उपभोक्ता बाजार देख रहे हैं जो अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहा है। और हम पर निर्भर बुजुर्गों के बढ़ते समूह की बजाय हम अंतर-पीढ़ी समुदाय बढ़ते देख रहा है, जिनके नए अंतर्वैयक्तिक कौशल हैं।

हालांकि एजिंग पर मददगार कई उत्पाद, सेवाएं और तंत्र, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, रिटायरमेंट प्लानिंग, देखभाल, स्वतंत्र रूप से रहना आदि 20वीं सदी की जीवनशैली के हिसाब से बने हैं। ये आज उतने मददगार साबित नहीं होते। इन्हें नई तकनीकों के हिसाब से बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि हम बेहतर बुढ़ापा जी सकें। जी हां, भविष्य के बिजनेस ‘लंबी उम्र’ पर आधारित होंगे, जहां इनका ध्यान स्वास्थ्य, संपत्ति और स्वार्थ (खुद की देखभाल) पर होगा, ताकि बुजुर्ग जिंदगी को बेहतर बना सकें।

फ्रैंसिन रूसा का उदाहरण देखें, जिन्होंने हाल ही में ‘लव आफ्टर 50: हाऊ टू फाइंड, इंजॉय इट’ किताब लिखी है। उन्होंने शोध के सहारे बताया है कि अपने साथी को खोने पर 55-64 वर्ष के 67% लोग और 65 से ज्यादा के 50% लोग पुनर्विवाह करते हैं। ब्रैड पिट, जेनिफर लोपेज, शैरॉन स्टोन जैसे सितारे उस उम्र समूह में आते हैं जिन्होंने दोबारा शादी की। उनकी किताब सफल रही क्योंकि यह ‘स्वार्थ’ के बार में बात करती है और जीवन के मध्य के रोमांस तथा नए संबंधों के रहस्य से परदा हटाने का वादा करती है।

पेशे से पत्रकार रूसा जब 49 वर्ष की थीं, तब उनके पति का देहांत हार्ट अटैक से हो गया था। वे एक डेटिंग एप से जुड़ीं और आज 74 की उम्र में बेहतर भावनात्मक संबंध के लिए पिछले पांच वर्ष से माइकल के साथ रह रही हैं। इसलिए सभी स्टार्टअप को सुझाव है कि ‘स्वास्थ्य, संपत्ति और स्वार्थ पर ध्यान दें’। स्वास्थ्य यानी उम्रदराज लोगों को खुद की देखभाल में सक्षम बनाने के नए समाधान, जो लंबा जीने और स्वस्थ रहने में मदद करें।

संपत्ति यानी वित्तीय संसाधन कमाने, बचाने, प्रबंधित करने और सुरक्षित रखने में मदद करने वाले समाधान, ताकि लंबे जीवन में वे हमारे काम आएं। और स्वार्थ का अर्थ है लोगों के लिए ऐसे अवसर पैदा कर सशक्त करना, जिनसे वे सामाजिक संबंध बनाए रखें और समुदायों तथा व्यापक दुनिया से जुड़े रहें। अब आप समझ गए होंगे कि आखिर शैरॉन स्टोन जैसी शख्सियत भी ‘बंबल’ जैसी डेटिंग ऐप पर क्यों हैं? क्योंकि इसपर वे हमउम्र लोगों से जुड़ पाती हैं।

नए स्टार्टअप्स को स्वस्थ एजिंग तथा बेहतर फैमिली केयरगिवर्स देने, वित्तीय लचीलापन लाने और सामाजिक एकाकीपन से लड़ने के लिए काम करने की जरूरत है। रियल एस्टेट कंपनियों को घरों में उम्र संबंधी सुधार करने चाहिए और ऐसी सोसायटी बनानी चाहए जहां बुजुर्ग हमउम्र लोगों से सामाजिक रूप से जुड़ पाएं, उन्हें वृद्धाश्रम की जरूरत न पड़े। फंडा यह है कि आने वाले वर्षों में आमतौर पर लंबा और स्वस्थ जीवन जीने का लाभ लेने में लोगों की मदद करने के लिए इनोवेशन सबसे जरूरी होगा।