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एन. रघुरामन का कॉलम:दफ्तर उदार कर्मचारियों का इंतजार कर रहे हैं न कि फैशन पर ज्यादा ध्यान देने वालों का, इसलिए खुद का वर्कवियर बनाएं

13 दिन पहले
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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

लंबे लॉकडाउन के बाद अगर आप भूल गए हैं कि सोमवार सुबह दफ्तर में क्या पहनना है, तो मेरी सलाह है कि परेशान न हों क्योंकि अच्छी खबर ये है कि बाहर की दुनिया में निकलना, देखना, दिखना सौभाग्य की बात है। इसका आनंद लें और जैसा मन करे वैसे कपड़े पहनें क्योंकि लोग अभी भी इंसानों की शक्ल देखकर खुश हैं और ऑफिस में आपके आने से फैली महक का लुत्फ उठा रहे हैं।

वे आपके कपड़ों पर बहुत कम ध्यान दे रहे हैं। इसलिए सहज रहें क्योंकि यह आपका एटीट्यूट व प्रतिक्रिया परवाह से भरी और ज्यादा मानवीय बना देगी। मैंने ठीक यही सलाह पिछले रविवार को अपनी बेटी को दी, क्योंकि उसका दफ्तर पहनकर जाने वाले कपड़ों के लिए रिजर्व रखी अलमारी खोलना-लगाना वैसा हो गया जैसे महामारी से पहले सोमवार की सुबह व्यस्ततम समय में ट्राफिक हो।

उसने कहा, ‘डैडी, आप ये कहना चाहते हैं कि मैं नीचे पजामा और ऊपर स्लिम फिट जैकेट पहनूं, जैसा मैं घर पर काम करते हुए इतने दिनों से पहन रही थी?’ मैं जवाब सोच ही रहा था कि मेरे सामने महरूम ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी और उसकी मां नीतू कपूर आ गईं, जाहिर तौर पर टीवी स्क्रीन पर! रिद्धिमा ने कपिल शर्मा शो के साथ स्क्रीन पर डेब्यू किया था।

मैं वाकई उसे घूर रहा था और जो मैं देख रहा था, वह बेटी को दिखाने के लिए उसे जल्दी पुकारा। दिल्ली में रह रही ज्वैलरी डिजाइनर रिद्धिमा ने एक ही रंग का सिंगल पीस पहना हुआ था। पूरे शरीर को ढंके हुए वह पीस कूल्हों तक स्लिम फिट था और नीचे का आधा बैल बॉटम की तरह दिख रहा था, थाई से पूरी तरह ढीला।

ऊंची हील्स के साथ वह आराम से चल रही और बैठ रही थी और पूरे शो में उसने गर्मजोशी से अपनी बात रखी। मेरे लिए वह रोजमर्रा की कैजुअल ड्रेस थी, पर बाहरी दुनिया के लिए नहीं। मेरे हिसाब से वह आरामदेह थी पर बाहरियों के लिए ड्रेस मुश्किल से संभालने वाली लग रही थी, मेरे लिए यह मैचिंग रंग के मिलान के झंझट से दूर थी, पर बाहरी लोगों के लिए शालीन थी।

तब मैंने बेटी को इंस्टाग्राम अकाउंट @parisiensinparis से परिचित कराया, जिस पर पेरिस में गुमनाम महिलाओं की तस्वीरें हैं और ये दुनिया के कई वार्डरोब को प्रभावित कर रहा है। आमतौर पर इंस्टाग्राम पर फैशन फोटो सावधानी से चुने होते हैं या तो वे खिंचाई तस्वीरें होती हैं या फोटोशॉप की हुईं।

इन्हें देखकर पहनने की इच्छा तो होती है, पर असल में पहनने की बात हो तो उपयोगी नहीं होती या हम जैसे आम लोगों के बजट में नहीं होती। पर इस अकाउंट ने तेजी से मेट्रो पकड़ने के लिए जातीं, तो सड़क किनारे कॉफी पीती स्टाइलिश महिलाओं को शामिल किया है। इनमें ज्यादातर महिलाएं अज्ञात व बेखबर हैं कि उनके हैंडबैग, ब्लेजर के साथ पीछे से उनकी तस्वीरें ली जा रही हैं। उनमें अधिकांश 40-50 की उम्र की भी हैं, करीने से साइकिल चलाती इन महिलाओं के चश्मे के नीचे से सिर्फ उनके चेहरे की झलक दिखती है।

मेरा यकीन करें, अधिकांश ने सिर से लेकर पैर तक डिजाइनर कपड़े नहीं पहने हैं, पर ये आमतौर पर घरों में मौजूद बुनियादी चीजें हैं। ऐसी कई चीजें होती हैं जो फैशन से बाहर नहीं जातीं। कोई आश्चर्य नहीं कि इस अकाउंट के 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं, क्योंकि ये फैशन उद्योग के बारे में एक अंतर्दृष्टि देता है। सोमवार सुबह जब काम पर लौटें, तो अपना फैशन स्टेटमेंट खुद बनाएं। अपने कपड़ों में सहज रहें क्योंकि इससे न सिर्फ आत्मविश्वास आएगा बल्कि आपकी मुस्कान बढ़ाएगा और इस तरह आपको एक खुश इंसान भी।