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जयप्रकाश चौकसे का कॉलम:किसी भी देश में कुछ असामान्य होने का प्रभाव अनेक अन्य देशों पर भी पड़ता है

11 दिन पहले
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जयप्रकाश चौकसे, फिल्म समीक्षक - Dainik Bhaskar
जयप्रकाश चौकसे, फिल्म समीक्षक

ताजा खबर यह है कि दक्षिण अफ्रीका में दंगे हो रहे हैं। भूतपूर्व राष्ट्रपति जूमा को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में प्रदर्शन हुए और दंगे भड़के, जिनमें 70 लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए। किसी भी देश में दंगों में की गई हिंसा से मरने वालों के आंकड़े संदिग्ध माने जाते हैं। दंगों के कारण व्यापार जगत में सन्नाटा छा गया है। बाजार, निर्मम होते हुए कहीं बड़ा नाजुक भी है, जरा सी आंच से पिघल जाता है। मुसीबत हमेशा साधनहीन आदमी भुगतता है।

एक दौर में युगांडा में तानाशाह ईदी अमीन ने व्यवस्था भंग की। युगांडा में लंबे समय से रहने वाले भारतीयों की संपत्ति जप्त हो गई। ईदी अमीन के आगमन के पूर्व एक भारतीय कुछ धन लेकर भारत आ चुका था। उसने आयात-निर्यात के व्यवसाय के साथ फिल्म निर्माण भी आरंभ किया था। ईदी अमीन के कारण इस व्यक्ति के काम अधूरे ही रह गए। उनकी फिल्म कंपनी में काम करने वाले लोग बेरोजगार हो गए। सारांश यह है कि किसी भी देश में कुछ असामान्य होने का प्रभाव अनेक अन्य देशों पर भी पड़ता है।

ज्ञातव्य है कि महात्मा गांधी ने भी दक्षिण अफ्रीका में ही अपने आंदोलन और अहिंसा के प्रयोग प्रारंभ किए थे। महात्मा गांधी की विचार प्रक्रिया में भारी परिवर्तन एक छोटी सी घटना से प्रारंभ हुआ था। गांधी जी ट्रेन में यात्रा कर रहे थे, परंतु रंगभेद की नीति से ग्रसित अहंकारी अंग्रेज ने गांधीजी को शहर पीटरमैरिट्जबर्ग के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतर जाने के लिए बाध्य किया। कालांतर में उसी स्टेशन पर गांधी जी की मूर्ति लगाई गई है। जहां आज भी उसे पूजा जाता है।

हीरे पर बहुत से उपन्यास और फिल्में रची गई हैं। हरीश शाह ने ‘शालीमार’ बनाई, देवानंद ने ‘हीरा मोती’ विजय आनंद ने ‘ज्वैल थीफ’ बनाई। भारत का कोहिनूर नामक विश्व विख्यात हीरा इस समय लंदन के संग्रहालय में रखा है। स्टीवन स्पीलबर्ग निर्देशित ‘द कलर पर्पल’ नामक फिल्म में प्रस्तुत किया गया है कि एक जहाज पर आक्रमण करके जहाज के मजदूरों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोग तो महज कामगार थे, उनका जहाज की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं था। मजदूरों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा कायम किया गया।

अदालत में अब्राहम लिंकन, जॉन एफ कैनेडी, जॉर्ज वाशिंगटन इत्यादि नेताओं की तस्वीरें लगी हैं। मजदूरों के बचाव पक्ष का वकील कहता है कि इन मजदूरों के बचाव में अमेरिका के इतिहास के इन महान नेताओं को भी गवाही देने के लिए बुलाया जाए, जिनकी तस्वीरें अदालत में लगी हैं। मनुष्य की गरिमा और स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले महान नेता भी देखें कि कैसे दक्षिण अफ्रीका के जहाज पर आक्रमण करने वाले लोगों पर कोई अपराध दर्ज नहीं किया गया, परंतु निर्दोष मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है। जुर्म, साधन संपन्न व्यक्ति करते हैं और सजा साधनहीन मजदूरों को दी जाने वाली है।

गौरतलब है कि सोने का मूल्य और वजन तोला, माशा, रत्ती से निर्धारित किया जाता है। हीरे का मानदंड कैरेट है। ज्ञातव्य है कि प्रेम नाथ ने हीरा केंद्रित फिल्म बनाई थी ‘प्रिजनर्स आफ गोलकोंडा’ भारत में गोलकोंडा नामक जगह पर हीरे मिलते थे। बहरहाल प्रेम नाथ की फिल्म असफल रही। वे अध्यात्म की खोज में हिमवत चले गए।

इत्तेफाक है कि विजय आनंद ने उन्हें ‘जॉनी मेरा नाम’ में खलनायक की भूमिका दी। इसी फिल्म से प्रेमनाथ की दूसरी पारी प्रारंभ हुई। इस पारी में उन्होंने बड़ा नाम और धन कमाया। राज कपूर की ‘बॉबी’ और मनोज कुमार की ‘शोर’ में उन्हें बहुत सराहा गया। राज कपूर की ‘आग’ और ‘बरसात’ से उन्होंने अभिनय यात्रा प्रारंभ की थी। बहरहाल, दक्षिण अफ्रीका बहुत पुराना महाद्वीप है। कुछ इतिहासकारों का विचार है कि दुनिया के अधिकांश देशों में अफ्रीका से गए लोग बसे हैं। यह बात विवादग्रस्त है कि महान आर्य भी अफ्रीका से एशिया आए थे।

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