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एन. रघुरामन का कॉलम:कभी-कभी कुछ विचार घरेलू बाजार में कमजोर प्रतिक्रिया के कारण अतार्किक लगते हैं, लेकिन वे विदेशी बाजार में अच्छा व्यापार साबित हो सकते हैं

5 महीने पहले
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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

अपनी सभी यात्राओं में मैं खामोशी से लोगों को देखता हूं। हर यात्रा में मैं एक विषय जरूर सीखता हूं। ज्यादातर विषय किसी पाठ्यक्रम में नहीं होते। लोगों के विश्वविद्यालय से सीखने की यही खूबी है। कम पैसे वाले लोग क्या खाते हैं और कैसे व्यवहार करते हैं से लेकर बेहद अमीर कैसे अपनी फैशन ऐसेसरीज रखते हैं तक, यह कुछ भी सिखा सकता है। गुरुवार को मुंबई से नागपुर की अलसुबह की यात्रा भी अपवाद नहीं थी।

वह महिला जानी-पहचानी लग रही थी लेकिन मैं पहचान नहीं पाया। वे मेरे पास आईं तो मेरा चेहरा भावहीन था। उन्होंने मुस्कुराकर परिचय देते हुए कहा, ‘मैंने अपने बाल बदल लिए हैं।’ मैं हक्का-बक्का रह गया क्योंकि उन्होंने हेयरस्टाइल नहीं, बल्कि बाल बदल लिए कहा था।

उन्हें मेरे चेहरे पर कई सवाल दिखे और मेरे पूछे बिना ही उन्होंने सभी के जवाब दे दिए। उन्होंने कहा, ‘फेस मास्क और सोशल डिस्टेंस लंबा चलेगा और दूर से सिर्फ एक ही चीज महिलाओं की खूबसूरती बढ़ा सकती है, वह हैं बाल। सलून जाना जोखिमभरा है, तो कई महिलाएं आसान और तेज तरीका चाहती हैं और इसलिए उन्होंने विग अपनाए।’

मैं बस एक शब्द कह सका, ‘क्या!’ उन्होंने बताया कि महिलाओं की ब्यूटी किट में विग अब मशहूर होंगे और उनके फायदे गिनाए। इनसे लोगों का प्राकृतिक बालों को संवारने में खर्च होने वाला समय बचता है, खासतौर पर घुंघराले बाल वालों का। अब ये किसी छाते की तरह केवल उपयोगी सामान नहीं रहे। ये स्टाइल स्टेटमेंट है और लोग आजकल विग का कलेक्शन बना रहे हैं। मेरा मुंह वैसे ही खुला का खुला रह गया, जैसे 30 वर्ष पहले ज़ीनत अमान के घर पर उनके 300 जोड़ी जूते देखकर रह गया था।

मैंने पूछा कि विग महंगे होंगे, तो वे बोलीं, ‘हां, अमेरिका, जहां से वे आती हैं, वहां विग और हेयर एक्सटेंशन का बाजार 2026 तक 2 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि यह 2020 मध्य में ही शुरू हुआ है। ये 70 से 400 डॉलर तक में मिलते हैं। विग निर्माता कंपनियां कई स्टाइल ला रही हैं और हर तिमाही मे उत्पादन की कम से कम एक नई शाखा शुरू कर रही हैं।

महामारी में महंगे सलूनों के जिन हेयर स्टाइलिस्ट की नौकरी चली गई, उन्हें नए विग डिजाइन करने के लिए रखा जा रहा है। अमेरिका ने पिछले 5 महीनों में दो बड़े स्टार्टअप देखे हैं।’ बोस्टन में कॉलेज की तीन लड़कियों द्वारा शुरू कंपनी ‘वेव’ मशहूर हो रही है, जिसका फोकस अश्वेत महिलाओं पर है। इससे उन्हें निवेशकों से फंड मिल गया।

ऐसा इसलिए क्योंकि अश्वेत महिलाओं के आमतौर पर घुंघराले बाल हाते हैं और उन्हें बाल स्ट्रेट करने के लिए बिना केमिकल वाले तरीके की तलाश थी। वे ओरिजनल बालों को नुकसान पहुंचाए बिना, विग से खुद को व्यक्त कर पाती हैं। शायद इसीलिए ‘वेव’ की संस्थापकों को विश्वास है कि लिपिस्टिक और जूतों की तरह विग भी बार-बार खरीदे जाएंगे।

हालांकि ऐसा ट्रेंड भारतीय महिलाओं के लिए अपनाना आसान नहीं होगा। लेकिन मुझे हैरानी हुई कि वैश्विक रूप से महिलाओं को विग इस्तेमाल करने में ऐतराज नहीं। एक पल के लिए मेरे दिमाग में तिरुपति में मुंडन कराते लोगों की तस्वीर और भारतीय विग इंडस्ट्री के लिए इंतजार करते अवसर का विचार आया। क्या विग इंडस्ट्री सुन रही है?