परदे केे पीछे / श्रीदेवी के जीवन और फिल्मों पर प्रकाशित बायोपिक

जयप्रकाश चौकसे

जयप्रकाश चौकसे

Dec 04, 2019, 01:06 AM IST

सत्यार्थ नायक ने श्रीदेवी के जीवन और उनके द्वारा अभिनीत फिल्मों पर एक किताब लिखी है, जिसके विमोचन समारोह में बोनी कपूर भावुक हो गए और दीपिका पादुकोण ने उन्हें ढांढस बंधाया। श्रीदेवी ने सात वर्ष की आयुु में ‘जूली’ नामक फिल्म में नायिका की छोटी बहन का पात्र अभिनीत किया था और अमोल पालेकर के साथ ‘सोलहवां सावन’ फिल्म में नायिका की भूमिका अभिनीत की। लेकिन उन्हें सफलता मिली फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से।

श्रीदेवी ने अपनी समकालीन जयाप्रदा के साथ ‘तोहफा’ में अभिनय किया था। दो बहनों की यह फिल्म राज कपूर, वैजयंतीमाला और ऊषा किरण द्वारा अभिनीत फिल्म ‘नजराना’ का रीमेक थी। ज्ञातव्य है कि दो बहनों की इसी कथा से प्रेरित होकर ‘बहारें फिर भी आएंगी’ नामक फिल्म गुरु दत्त बना रहे थे, उनकी मृत्यु के बाद उनके भाई ने यह फिल्म पूरी की।

श्रीदेवी ने अपनी दूसरी पारी में गौरी शिंदे द्वारा निर्देशित ‘इंगलिश विंगलिश’ तथा बोनी कपूर द्वारा बनाई ‘मॉम’ में अभिनय किया। दोनों ही फिल्में सफल रहीं। एक बार खाकसार को फ्लाइट पकड़ने जाना था। उस समय केवल श्रीदेवी की ही कार उपलब्ध थी। ट्रैफिक सिग्नल पर कार के रुकते ही हिजड़े आर्थिक सहायता मांगने आए। उनके ड्राइवर ने बताया कि श्रीदेवी हमेशा इस वर्ग के लोगों की भरपूर मदद करती थीं। 


किसी पुरस्कार वितरण समारोह में श्रीदेवी को अपनी अभिनीत फिल्म का एक नृत्य प्रस्तुत करना था। उन्होंने पंद्रह दिन तक डांस मास्टर को घर बुलाकर इसका अभ्यास किया। अपने काम के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने यह किया। अपना श्रेष्ठतम प्रस्तुुत करने के लिए वे हमेशा तत्पर रहती थीं।

ज्ञातव्य है कि हेमा मालिनी, धर्मेंद्र और संजीव कुमार अभिनीत फिल्म ‘सीता और गीता’ से प्रेरित फिल्म ‘चालबाज’ में श्रीदेवी ने दोहरी भूमिका अभिनीत की थी। इस फिल्म में रजनीकांत और सनी देओल नायक थे। ताजा खबर यह है कि जुड़वां, हमशक्ल बहनों की इस कथा से प्रेरित फिल्म में तापसी पन्नू अभिनय करने जा रही हैं।

श्रीदेवी की माता ने श्रीदेवी की कमाई से चेनन्नई में विशाल संपत्ति खरीदी थी। आज के बाजार भाव से श्रीदेवी की संपत्ति पांच सौ करोड़ रुपए से अधिक की है। उनके श्वसुर सुरेंद्र कपूर का 75वां जन्मदिवस उस बंगले में मनाया गया था। उस दावत में रजनीकांत और कमल हासन मेहमानों की सेवा कर रहे थे। श्रीदेवी के प्रति उनके मन में इतना आदर था कि वे दावत में मेहमान नहीं वरन मेजबान का कार्य कर रहे थे। 


इस समय श्रीदेवी की पुत्री जाह्नवी अमेरिका में है, जहां उनकी छोटी बहन खुशी अभिनय व निर्देशन का प्रशिक्षण ले रही है। यह संभव है कि कुछ वर्ष बाद जाह्नवी ‘श्रीदेवी बायोपिक’ अभिनीत करें। बोनी कपूर दोनों बहनों को लेकर भी एक फिल्म बनाना चाहते हैं।

श्रीदेवी के व्यक्तित्व की यह विशेषता रही कि उनके चेहरे पर बालसुलभ मासूमियत का भाव बना रहता था और देह मादक थी ही। फिल्मकार शेखर कपूर ने ‘मि. इंडिया’ में इस विशेषता को बखूबी प्रस्तुत किया। शास्त्रीय नृत्य का अभ्यास करने के कारण श्रीदेवी का अपने चेहरे और शरीर की मांसपेशियों पर पूर्ण नियंत्रण रहा। वर्तमान में इस मूलभूत चरित्र को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। शरीर का अपना संविधान होता है। बाबा साहेब आंबेडकर के नेतृत्व वाली कमेटी ने भारत का संविधान बनाया है, जिस पर शीघ्र ही एक कार्यक्रम टेलीविजन पर प्रसारित होने वाला है। 


भारतीय फिल्म उद्योग में देविका रानी से लेकर प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण तक विलक्षण कलाकार हुई हैं। सितारों के इस संसार में श्रीदेवी का अपना विशिष्ट स्थान है। वे इच्छाधारी कलाकार रही हैं और भूमिकाओं के बर्तन से छलक-छलक जाती प्रतीत होती रही हैं। श्रीदेवी का नशा शराब के नशे से अलग कुछ-कुछ भांग की तरह है। भांग के सेवन के बाद मनुष्य एक ही राग दोहराता है या ये कहें कि समय की पहाड़ियों से आवाज प्रतिध्वनित होकर बार-बार लौट आती है। श्रीदेवी एक ध्वनि या कहें अनुगूंज की तरह थीं और ध्वनि कभी मरती नहीं।

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