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#MeToo / पेंटिंग्स में पौराणिक काल की पीड़ा

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भारत में #MeToo कैंपेन जोर पकड़ता जा रहा है। पीड़ितों के नए चेहरे और आरोपियों ने नए नाम और कृत्य सामने आ रह हैं। पिछले एक साल से इस कैंपेन ने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि गलत काम कई वर्षों के बाद भी सामने आ सकता है। #MeToo को लोग अपनी-अपनी नज़र और नजरिये से देख रहे हैं। पर, सोशल मीडिया पर सक्रिय कलाकार संगीता ने इसे 5 पौराणिक किरदारों के साथ जोड़कर 5 पेंटिग में प्रस्तुत किया है। ये ऐसे किरदार हैं जो किसी न किसी रूप में अपने ही प्रियजनों के शोषण का शिकार बने हैं। संगीता ने अपनी #Me Too पेंटिंग्स में द्रौपदी, शकुंतला, अंबा, गांधारी और अर्जुन को चित्रित किया है। पेंटिंग्स इन में पौराणिक पात्रों की एक दर्दभरी कहानी नज़र आती है।भारत में #MeToo कैंपेन जोर पकड़ता जा रहा है। पीड़ितों के नए चेहरे और आरोपियों ने नए नाम और कृत्य सामने आ रह हैं। पिछले एक साल से इस कैंपेन ने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि गलत काम कई वर्षों के बाद भी सामने आ सकता है। #MeToo को लोग अपनी-अपनी नज़र और नजरिये से देख रहे हैं। पर, सोशल मीडिया पर सक्रिय कलाकार संगीता ने इसे 5 पौराणिक किरदारों के साथ जोड़कर 5 पेंटिग में प्रस्तुत किया है। ये ऐसे किरदार हैं जो किसी न किसी रूप में अपने ही प्रियजनों के शोषण का शिकार बने हैं। संगीता ने अपनी #Me Too पेंटिंग्स में द्रौपदी, शकुंतला, अंबा, गांधारी और अर्जुन को चित्रित किया है। पेंटिंग्स इन में पौराणिक पात्रों की एक दर्दभरी कहानी नज़र आती है।
द्रौपदी : महाभारत के अनुसार, द्रौपदी का जन्म महाराज द्रुपद के यहां यज्ञकुण्ड से हुआ था, जिस कारण द्रौपदी को 'यज्ञेसनी' भी कहा जाता है। द्रौपदी का विवाह पांच पांडवों (युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम, नकुल और सहदेव) से हुआ था।द्रौपदी : महाभारत के अनुसार, द्रौपदी का जन्म महाराज द्रुपद के यहां यज्ञकुण्ड से हुआ था, जिस कारण द्रौपदी को 'यज्ञेसनी' भी कहा जाता है। द्रौपदी का विवाह पांच पांडवों (युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम, नकुल और सहदेव) से हुआ था।
अम्बा : महाभारत के अनुसार, अम्बा काशीराज की पुत्री थी। अम्बा की दो और बहनें अम्बिका और अम्बालिका थीं। तीनों बहनों का स्वयंवर होने वाला था, तभी भीष्म ने तीनों का हरण कर लिया और हस्तीनापुर ले आए ताकि उनका विवाह हस्तीनापुर के राजा शांतनु के बेटे विचित्रवीर्य से कराया जा सके। लेकिन अम्बा ने जब बताया कि उसने राजा शाल्व को अपना पति माना है तो विचित्रवीर्य ने अम्बा को राजा शाल्व के पास भेज दिया। लेकिन राजा शाल्व ने भी अम्बा को अपनाने से इनकार कर दिया क्योंकि अम्बा हस्तीनापुर से लौटीं थीं।अम्बा : महाभारत के अनुसार, अम्बा काशीराज की पुत्री थी। अम्बा की दो और बहनें अम्बिका और अम्बालिका थीं। तीनों बहनों का स्वयंवर होने वाला था, तभी भीष्म ने तीनों का हरण कर लिया और हस्तीनापुर ले आए ताकि उनका विवाह हस्तीनापुर के राजा शांतनु के बेटे विचित्रवीर्य से कराया जा सके। लेकिन अम्बा ने जब बताया कि उसने राजा शाल्व को अपना पति माना है तो विचित्रवीर्य ने अम्बा को राजा शाल्व के पास भेज दिया। लेकिन राजा शाल्व ने भी अम्बा को अपनाने से इनकार कर दिया क्योंकि अम्बा हस्तीनापुर से लौटीं थीं।
शकुंतला : महाभारत के मुताबिक, शकुंतला ऋषि विश्वामित्र और स्वर्ग की अप्सरा मेनका की पुत्री थी, लेकिन मेनका ने शकुंतला को पैदा करते ही त्याग दिया था। जिसके बाद ऋषि कण्व ने शकुंतला को पाला-पोसा। तभी एक दिन राजा दुश्यंत जंगल में शिकार करते हुए बिछड़े और उन्होंने वहां शकुंतला को देखा। शकुंतला को देखकर राजा दुष्यंत मोहित हो गए और उसके साथ सहवास करके ये वचन देकर लौट गए कि राजधानी पहुंचकर उसे बुलवा लेंगे। सहवास से शकुंतला गर्भवती हो गई और राजा दुष्यंत के पास लौटीं, लेकिन श्राप की वजह से दुष्यंत सबकुछ भूल गए थे। हालांकि बाद में राजा दुष्यंत को जब सब याद आया तो उन्होंने शकुंतला को ढूंढा और विवाह कर अपनी राजधानी ले आए।शकुंतला : महाभारत के मुताबिक, शकुंतला ऋषि विश्वामित्र और स्वर्ग की अप्सरा मेनका की पुत्री थी, लेकिन मेनका ने शकुंतला को पैदा करते ही त्याग दिया था। जिसके बाद ऋषि कण्व ने शकुंतला को पाला-पोसा। तभी एक दिन राजा दुश्यंत जंगल में शिकार करते हुए बिछड़े और उन्होंने वहां शकुंतला को देखा। शकुंतला को देखकर राजा दुष्यंत मोहित हो गए और उसके साथ सहवास करके ये वचन देकर लौट गए कि राजधानी पहुंचकर उसे बुलवा लेंगे। सहवास से शकुंतला गर्भवती हो गई और राजा दुष्यंत के पास लौटीं, लेकिन श्राप की वजह से दुष्यंत सबकुछ भूल गए थे। हालांकि बाद में राजा दुष्यंत को जब सब याद आया तो उन्होंने शकुंतला को ढूंढा और विवाह कर अपनी राजधानी ले आए।
गांधारी : महाभारत के अनुसार गांधारी महाराज धृतराष्ट्र की पत्नी और दुर्योधन की मां थीं। गांधारी देख सकती थीं, लेकिन पति की आंखों से विकलांग होने के कारण उन्होंने खुद की आंखों पर भी हमेशा पट्टी बांधे रखी। वे सौ पुत्रों (कौरवों) की मां थीं।गांधारी : महाभारत के अनुसार गांधारी महाराज धृतराष्ट्र की पत्नी और दुर्योधन की मां थीं। गांधारी देख सकती थीं, लेकिन पति की आंखों से विकलांग होने के कारण उन्होंने खुद की आंखों पर भी हमेशा पट्टी बांधे रखी। वे सौ पुत्रों (कौरवों) की मां थीं।
अर्जुन : महाभारत के मुताबिक, एक दिन जब चित्रसेन अर्जुन को संगीत और नृत्य की शिक्षा दे रहे थे, तभी वहां इंद्र की अप्सरा उर्वशी आई और अर्जुन पर मोहित हो गई। उर्वशी ने अर्जुन से उसकी काम-वासना को शांत करने को कहा, लेकिन अर्जुन ने उर्वशी को अपनी मां के समान बताते हुए मना कर दिया। जिसके बाद उर्वशी ने अर्जुन को एक साल तक नपुंसक रहने का श्राप दे दिया। इस श्राप के कारण ही अर्जुन एक साल के अज्ञातवास के दौरान 'बृहन्नला' बने और विराट नगर के राजा विराट की पुत्री उत्तरा को नृत्य सिखाया। अज्ञातवास के बाद उत्तरा का विवाह अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु से हुआ था।अर्जुन : महाभारत के मुताबिक, एक दिन जब चित्रसेन अर्जुन को संगीत और नृत्य की शिक्षा दे रहे थे, तभी वहां इंद्र की अप्सरा उर्वशी आई और अर्जुन पर मोहित हो गई। उर्वशी ने अर्जुन से उसकी काम-वासना को शांत करने को कहा, लेकिन अर्जुन ने उर्वशी को अपनी मां के समान बताते हुए मना कर दिया। जिसके बाद उर्वशी ने अर्जुन को एक साल तक नपुंसक रहने का श्राप दे दिया। इस श्राप के कारण ही अर्जुन एक साल के अज्ञातवास के दौरान 'बृहन्नला' बने और विराट नगर के राजा विराट की पुत्री उत्तरा को नृत्य सिखाया। अज्ञातवास के बाद उत्तरा का विवाह अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु से हुआ था।
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