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यादें रुला देने वाली / ये है 120 फीट नीचे गिरने से आखिरी सफर तक की कहानी

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पंजाब की वीर उधम सिंह की नगरी सुनाम से सटे गांव भगवानपुरा में बोरवेल में 120 फीट पर 5 दिन और 5 रात फंसे रहे 2 साल के फतेहवीर नामक बच्चे की मौत हो गई। उसे मंगलवार को पूरे 110 घंटे बाद निकाला गया। 5 साल की मन्नतों के बाद मौत की गोद समा गए इस मासूम की जिंदगी का सफर खत्म हो गया। दैनिक भास्कर कभी न भुला सकने वाली यादों को आप तक पहुंचा रहा है। देखें खेलते-खेलते बोरवेल में गिरने से लेकर अंतिम विदाई तक की चुनिंदा तस्वीरें...पंजाब की वीर उधम सिंह की नगरी सुनाम से सटे गांव भगवानपुरा में बोरवेल में 120 फीट पर 5 दिन और 5 रात फंसे रहे 2 साल के फतेहवीर नामक बच्चे की मौत हो गई। उसे मंगलवार को पूरे 110 घंटे बाद निकाला गया। 5 साल की मन्नतों के बाद मौत की गोद समा गए इस मासूम की जिंदगी का सफर खत्म हो गया। दैनिक भास्कर कभी न भुला सकने वाली यादों को आप तक पहुंचा रहा है। देखें खेलते-खेलते बोरवेल में गिरने से लेकर अंतिम विदाई तक की चुनिंदा तस्वीरें...
गुरुवार को बच्चे के बोरवले में गिरने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।गुरुवार को बच्चे के बोरवले में गिरने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
बोरवेल के अंदर कैमरा डालकर ली गई बच्चे की पहली तस्वीर, जिसके आधे हाथों के अलावा कुछ भी नहीं दिख रहा था।बोरवेल के अंदर कैमरा डालकर ली गई बच्चे की पहली तस्वीर, जिसके आधे हाथों के अलावा कुछ भी नहीं दिख रहा था।
यह था 150 फीट का बोरवेल, जो 10 साल से खुला, मगर यूजलैस पड़ा था।यह था 150 फीट का बोरवेल, जो 10 साल से खुला, मगर यूजलैस पड़ा था।
जैसे-जैसे घटना की जानकारी फैलती रही, भगवानपुरा में भीड़ जुटती चली गई। यहां 10 हजार से ज्यादा लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व दूसरे साधनों के साथ जुटे रहे।जैसे-जैसे घटना की जानकारी फैलती रही, भगवानपुरा में भीड़ जुटती चली गई। यहां 10 हजार से ज्यादा लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व दूसरे साधनों के साथ जुटे रहे।
दूसरे दिन ट्रैक्टरों और जेसीबी मशीन की मदद से बोरवेल को ओपन करने का प्रयास किया गया।दूसरे दिन ट्रैक्टरों और जेसीबी मशीन की मदद से बोरवेल को ओपन करने का प्रयास किया गया।
नए बोरवेल में नए पाइप डालने का काम शुरू किया गया।नए बोरवेल में नए पाइप डालने का काम शुरू किया गया।
तीसरे दिन डेरा प्रेमियों ने हाथों से खुदाई का काम किया और चेन बनाकर मिट्टी को दूर फैंका गया।तीसरे दिन डेरा प्रेमियों ने हाथों से खुदाई का काम किया और चेन बनाकर मिट्टी को दूर फैंका गया।
कैबिनेट मंत्री विजय इन्दर सिंगला और दूसरे अधिकारियों ने लगातार मोर्चा संभाला।कैबिनेट मंत्री विजय इन्दर सिंगला और दूसरे अधिकारियों ने लगातार मोर्चा संभाला।
चौथे दिन रविवार को एनडीआरएफ के जवानों को नए बोरवेल में उतारा गया।चौथे दिन रविवार को एनडीआरएफ के जवानों को नए बोरवेल में उतारा गया।
फतेहवीर की सलामती के दुआए शुरू की गईं।फतेहवीर की सलामती के दुआए शुरू की गईं।
सोमवार को दैनिक भास्कर ने रेस्क्यू टीम की लापरवाही का राज खोला कि किस तरह ये लोग धूल में लठ मारते रहे।सोमवार को दैनिक भास्कर ने रेस्क्यू टीम की लापरवाही का राज खोला कि किस तरह ये लोग धूल में लठ मारते रहे।
इसके बाद ऑपरेशन देरी होने के कारण लोगों ने रोड जाम कर सरकार को कोसना शुरू कर दिया।इसके बाद ऑपरेशन देरी होने के कारण लोगों ने रोड जाम कर सरकार को कोसना शुरू कर दिया।
फिर सेना को दोबारा बुलाया गया, मगर रातभर सेना के जवान ऑपरेशन हैंडओवर कर दिए जाने के इंतजार में स्टैंडबाय मोड पर खड़े दिए।फिर सेना को दोबारा बुलाया गया, मगर रातभर सेना के जवान ऑपरेशन हैंडओवर कर दिए जाने के इंतजार में स्टैंडबाय मोड पर खड़े दिए।
मंगलवार सुबह छठे दिन अचानक दोनों बोरवेल को जवानों ने घेरा और हर किसी की धड़कनें अचानक तेज हो गई।मंगलवार सुबह छठे दिन अचानक दोनों बोरवेल को जवानों ने घेरा और हर किसी की धड़कनें अचानक तेज हो गई।
फतेहवीर को बाहर निकाल एक नौजवान कपड़े में लेकर एंबुलेंस की तरफ दौड़ा।फतेहवीर को बाहर निकाल एक नौजवान कपड़े में लेकर एंबुलेंस की तरफ दौड़ा।
चंडीगढ़ पीजीआईएमएस में मौत का ऐलान किया गया और फिर पीछे के दरवाजे से निकाला गया शव को।चंडीगढ़ पीजीआईएमएस में मौत का ऐलान किया गया और फिर पीछे के दरवाजे से निकाला गया शव को।
फतेहवीर के शव को एंबुलेंस में रखवात पीजीआईएमएस का स्टाफ।फतेहवीर के शव को एंबुलेंस में रखवात पीजीआईएमएस का स्टाफ।
सोमवार को बोरवेल के पास मंगवाई गई एयर एंबुलेंस को वापस भेज दिया और लापरवाही की वजह से जब मौत हो गई तो वह सुविधा मिली, जो शायद जिंदा रखने में भी मदद कर देती अगर वक्त पर मिली होती तो...सोमवार को बोरवेल के पास मंगवाई गई एयर एंबुलेंस को वापस भेज दिया और लापरवाही की वजह से जब मौत हो गई तो वह सुविधा मिली, जो शायद जिंदा रखने में भी मदद कर देती अगर वक्त पर मिली होती तो...
भगवानपुरा के खेतों में उतरी एयर एंबुलेंस।भगवानपुरा के खेतों में उतरी एयर एंबुलेंस।
इसके बाद श्मशान घाट तक शव को एंबुलेंस में ले जाया गया।इसके बाद श्मशान घाट तक शव को एंबुलेंस में ले जाया गया।
नन्हे फतेहवीर सिंह के शव के लिए मंगवाया गया बड़ा ताबूत।नन्हे फतेहवीर सिंह के शव के लिए मंगवाया गया बड़ा ताबूत।
लाडले इकलौते पोते की चिता काे मुखाग्नि देते ही फूट पड़े दादा रोही सिंह।लाडले इकलौते पोते की चिता काे मुखाग्नि देते ही फूट पड़े दादा रोही सिंह।
...और इस यह आग गोद में खेले फतेहवीर को हमेशा-हमेशा के लिए छीन ले गई। बची तो सिर्फ उसकी यादें, उन्हें देख-देखकर घरवालों की आंखों में अनायास ही आंसू आ जाना और लोगों के लिए अमर संदेश कि कभी कोई यूजलैस बोरवेल को खुला न छोड़े, एक पल के लिए भी अपनी आंख के तारे को अकेला न छोड़े।...और इस यह आग गोद में खेले फतेहवीर को हमेशा-हमेशा के लिए छीन ले गई। बची तो सिर्फ उसकी यादें, उन्हें देख-देखकर घरवालों की आंखों में अनायास ही आंसू आ जाना और लोगों के लिए अमर संदेश कि कभी कोई यूजलैस बोरवेल को खुला न छोड़े, एक पल के लिए भी अपनी आंख के तारे को अकेला न छोड़े।
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