सिटी इवेंट्स

जनजातीय संग्रहालय / भोपाल में गूंजे पंजाबी लोकगीत

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मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में गायन, वादन एवं नृत्य गतिविधियों पर केंद्रित श्रृंखला 'उत्तराधिकार' में 'पंजाबी लोकनृत्य' की प्रस्तुतियां हुईं।मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में गायन, वादन एवं नृत्य गतिविधियों पर केंद्रित श्रृंखला 'उत्तराधिकार' में 'पंजाबी लोकनृत्य' की प्रस्तुतियां हुईं।
सिंगारा सिंह(पंजाब) ने अपने साथी कलाकारों के साथ 'पंजाबी लोकनृत्य' प्रस्तुत किया। नृत्य प्रस्तुति की शुरुआत में कलाकारों ने 'झूमर नृत्य' प्रस्तुत किया।सिंगारा सिंह(पंजाब) ने अपने साथी कलाकारों के साथ 'पंजाबी लोकनृत्य' प्रस्तुत किया। नृत्य प्रस्तुति की शुरुआत में कलाकारों ने 'झूमर नृत्य' प्रस्तुत किया।
इस नृत्य को फसल आने के समय में या कटाई के समय पर विशेष तौर पर किया जाता है।इस नृत्य को फसल आने के समय में या कटाई के समय पर विशेष तौर पर किया जाता है।
इस दौरान पड़ने वाले त्योहारों में यह नृत्य किया जाता है। इस नृत्य में कलाकार अपने कलात्मक कौशल से कृषक जीवन को बिम्बित किया।इस दौरान पड़ने वाले त्योहारों में यह नृत्य किया जाता है। इस नृत्य में कलाकार अपने कलात्मक कौशल से कृषक जीवन को बिम्बित किया।
झूमर नृत्य के बाद कलाकारों ने 'जिन्दवा नृत्य' प्रस्तुत कर सभागार में मौजूद दर्शकों को अपने नृत्य कौशल से मोह लिया।झूमर नृत्य के बाद कलाकारों ने 'जिन्दवा नृत्य' प्रस्तुत कर सभागार में मौजूद दर्शकों को अपने नृत्य कौशल से मोह लिया।
इस नृत्य को महिला व पुरुष दोनों साथ में करते हैं, इस नृत्य में पति-पत्नी के बीच रूठने-मानाने के क्रम को कलाकार अपने नृत्य कौशल से प्रस्तुत करते हैं।इस नृत्य को महिला व पुरुष दोनों साथ में करते हैं, इस नृत्य में पति-पत्नी के बीच रूठने-मानाने के क्रम को कलाकार अपने नृत्य कौशल से प्रस्तुत करते हैं।
जिन्दवा नृत्य के बाद 'गिद्दा नृत्य' की प्रस्तुति हुई। गिद्दा पंजाब का पारम्परिक नृत्य है।जिन्दवा नृत्य के बाद 'गिद्दा नृत्य' की प्रस्तुति हुई। गिद्दा पंजाब का पारम्परिक नृत्य है।
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