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राजस्थान / रणथंभौर में वर्चस्व की लड़ाई

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यह फोटो राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की है। यहां टैरेटरी को लेकर बाघों का रण थम नहीं रहा। सोमवार सुबह बाघिन टी-26 की संतान बाघ टी-57 और टी-58 में झगड़ा हो गया। काफी देर तक चले सीधे मुकाबले में दोनों बाघ घायल हुए और पीछे हट गए। सोमवार को यह संघर्ष सोलेश्वर महादेव के पाले के पास तिराहे  पर हुआ। यह इलाका जोन नंबर 6 में आता है और यहां टी-57 का राज है।यह फोटो राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की है। यहां टैरेटरी को लेकर बाघों का रण थम नहीं रहा। सोमवार सुबह बाघिन टी-26 की संतान बाघ टी-57 और टी-58 में झगड़ा हो गया। काफी देर तक चले सीधे मुकाबले में दोनों बाघ घायल हुए और पीछे हट गए। सोमवार को यह संघर्ष सोलेश्वर महादेव के पाले के पास तिराहे पर हुआ। यह इलाका जोन नंबर 6 में आता है और यहां टी-57 का राज है।
दावा यह भी किया जा रहा है कि रणथंभौर में सोमवार को बाघिन नूर टी-39 को लेकर दोनों बाघ भिड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों बाघों की उम्र लगभग 9 साल है, ऐसे में यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं होगी।दावा यह भी किया जा रहा है कि रणथंभौर में सोमवार को बाघिन नूर टी-39 को लेकर दोनों बाघ भिड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों बाघों की उम्र लगभग 9 साल है, ऐसे में यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं होगी।
रणथंभौर में 62 बाघ-बाघिन हैं। 1700 वर्ग किमी एरिया है। एक बाघ का एरिया 80 वर्ग किमी माना जाता है। इस एरिया में दो बाघिन ही एडजस्ट हो सकती हैं। आबादी के हिसाब से एरिया छोटा है।रणथंभौर में 62 बाघ-बाघिन हैं। 1700 वर्ग किमी एरिया है। एक बाघ का एरिया 80 वर्ग किमी माना जाता है। इस एरिया में दो बाघिन ही एडजस्ट हो सकती हैं। आबादी के हिसाब से एरिया छोटा है।
रणथंभौर में टैरेटरी की लड़ाई को लेकर 10 महीने में 2 बाघ मारे जा चुके हैं।रणथंभौर में टैरेटरी की लड़ाई को लेकर 10 महीने में 2 बाघ मारे जा चुके हैं।