डीबी ओरिजिनल फोटो

बिहार / बाढ़ में नाव पर जिंदगी

X
शेखपुरा (बिहार). यहां हरोहर नदी में बाढ़ आने से किनारे बसे दर्जनों गांव के लोगों की मुश्किलें हर साल बढ़ जाती हैं। गांव में पानी घुसने के बाद लोग गांव छोड़कर ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट जाते हैं। प्रशासन हर साल बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करता है। बाढ़ के समय बचाव करने और लोगों की मदद करने के लिए गोताखोरों की टीम भी तैयार की जाती है। उत्तर बिहार में लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा नदी का पानी हरोहर नदी में लगातार दबाव बनाए हुए है।शेखपुरा (बिहार). यहां हरोहर नदी में बाढ़ आने से किनारे बसे दर्जनों गांव के लोगों की मुश्किलें हर साल बढ़ जाती हैं। गांव में पानी घुसने के बाद लोग गांव छोड़कर ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट जाते हैं। प्रशासन हर साल बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करता है। बाढ़ के समय बचाव करने और लोगों की मदद करने के लिए गोताखोरों की टीम भी तैयार की जाती है। उत्तर बिहार में लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा नदी का पानी हरोहर नदी में लगातार दबाव बनाए हुए है।
नवादा जिले के चितरकोली पंचायत की मुखिया सुनीता देवी के चचेरे ससुर रामस्वरूप यादव की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मुखिया के पति राजकुमार यादव ने बताया कि दिन में तबीयत खराब हुई तो बाढ़ थी। कुछ देर इंतजार किया फिर धनार्जय नदी में तीन फीट पानी की धारा के बीच से होकर इलाज के लिए ले जाया गया। जहां रात में ही इलाज में देरी हो जाने के कारण दम तोड़ दिया। यह पहला मामला नहीं है। दर्जनों ऐसी कहानी हैं, जिसे लोग झेलने को विवश हैं।नवादा जिले के चितरकोली पंचायत की मुखिया सुनीता देवी के चचेरे ससुर रामस्वरूप यादव की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मुखिया के पति राजकुमार यादव ने बताया कि दिन में तबीयत खराब हुई तो बाढ़ थी। कुछ देर इंतजार किया फिर धनार्जय नदी में तीन फीट पानी की धारा के बीच से होकर इलाज के लिए ले जाया गया। जहां रात में ही इलाज में देरी हो जाने के कारण दम तोड़ दिया। यह पहला मामला नहीं है। दर्जनों ऐसी कहानी हैं, जिसे लोग झेलने को विवश हैं।
COMMENT