ओरिजिनल

नवरात्र / केरल का 2700 साल पुराना इरिंगोल कावू मंदिर

X
यह फोटो केरल के एर्नाकुलम जिले के घने जंगलों में स्थित 2700 साल पुराने इरिंगोल कावू मंदिर का है। नवरात्र के पहले ड्रोन से इसका फोटो लिया गया। यह मंदिर केरल के 108 दुर्गा मंदिरों में से एक है। यहां मां भगवती कन्या रूप में विराजमान है। मान्यता है कि योग माया ने कंस के हाथों कृष्ण को बचाने के लिए बालिका का अवतार लिया था। इस कन्या को जैसे ही कंस ने वध के लिए उठाया, वह बिजली बनकर विलीन हो गई। वह बिजली यहीं पर गिरी। ऐसा भी कहा जाता है कि परशुराम ने इस मंदिर का निर्माण किया था। गुड़ और पायसम यहां का प्रमुख प्रसाद है।यह फोटो केरल के एर्नाकुलम जिले के घने जंगलों में स्थित 2700 साल पुराने इरिंगोल कावू मंदिर का है। नवरात्र के पहले ड्रोन से इसका फोटो लिया गया। यह मंदिर केरल के 108 दुर्गा मंदिरों में से एक है। यहां मां भगवती कन्या रूप में विराजमान है। मान्यता है कि योग माया ने कंस के हाथों कृष्ण को बचाने के लिए बालिका का अवतार लिया था। इस कन्या को जैसे ही कंस ने वध के लिए उठाया, वह बिजली बनकर विलीन हो गई। वह बिजली यहीं पर गिरी। ऐसा भी कहा जाता है कि परशुराम ने इस मंदिर का निर्माण किया था। गुड़ और पायसम यहां का प्रमुख प्रसाद है।
इरिंगोल कावू मंदिर में प्रतिमा की तस्वीर लेना वर्जित है। मंदिर प्रबंधन ने भास्कर को विशेषतौर पर प्रतिमा की पेंटिंग उपलब्ध कराई।इरिंगोल कावू मंदिर में प्रतिमा की तस्वीर लेना वर्जित है। मंदिर प्रबंधन ने भास्कर को विशेषतौर पर प्रतिमा की पेंटिंग उपलब्ध कराई।