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गुजरात / गिर के जंगल में नर और मादा शेर की लड़ाई

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गिर के जंगल में सफारी के 10 नंबर के रूट पर नर और मादा सिंह के बीच भिड़ंत हो गई। वैसे नर-मादा के बीच लड़ाई होती रहती है लेकिन इस लड़ाई की वजह मिलन (मेटिंग) हो सकता है। मादा सिंह रास्ते पर ही बैठी थी जबकि नर आस-पास सूंघते-सूंघते उसके पास आता है। सिंह जब अचानक मादा के नजदीक पहुंचता है तो वह आक्रोश में आकर उसे पंजा मार देती है और दोनों में भिड़ंत हो जाती है। थोड़ी देर बाद मादा वहीं बैठ जाती है और सिंह उसके आसपास घूमता रहता है। कुछ ही देर बाद मादा जंगल की ओर चलने लगती है और सिंह भी उसके पीछे-पीछे चलने लगता है। सामान्य तौर पर ऐसा माना जाता है कि सिंह का मेटिंग पीरियड मानसून के दौरान होता है, लेकिन कई बार अन्य सीजन में भी सिंह मेटिंग करते हैं। (फोटो : जुबीन आशरा)गिर के जंगल में सफारी के 10 नंबर के रूट पर नर और मादा सिंह के बीच भिड़ंत हो गई। वैसे नर-मादा के बीच लड़ाई होती रहती है लेकिन इस लड़ाई की वजह मिलन (मेटिंग) हो सकता है। मादा सिंह रास्ते पर ही बैठी थी जबकि नर आस-पास सूंघते-सूंघते उसके पास आता है। सिंह जब अचानक मादा के नजदीक पहुंचता है तो वह आक्रोश में आकर उसे पंजा मार देती है और दोनों में भिड़ंत हो जाती है। थोड़ी देर बाद मादा वहीं बैठ जाती है और सिंह उसके आसपास घूमता रहता है। कुछ ही देर बाद मादा जंगल की ओर चलने लगती है और सिंह भी उसके पीछे-पीछे चलने लगता है। सामान्य तौर पर ऐसा माना जाता है कि सिंह का मेटिंग पीरियड मानसून के दौरान होता है, लेकिन कई बार अन्य सीजन में भी सिंह मेटिंग करते हैं। (फोटो : जुबीन आशरा)
‘कुंती…पांडवों के साथ’...: तस्वीर उत्तराखंड के तराई क्षेत्र की है। पांच शावकों के साथ घूमती दिखाई दे रही बाघिन का यह फोटो सुकून देने वाला है। इसे भारतीय वन सेवा अधिकारी परवीन कासवान ने ट्विटर पर पोस्ट किया और कैप्शन दिया- ‘कुंती पांडवों के साथ।’ उन्होंने लिखा-‘बाघ...आज एक दुर्लभ प्रजाति है। उन्हें बचाने के लिए तरह-तरह के तरीके निकाले जा रहे हैं।’ रिपोर्ट के मुताबिक, चार साल में देश के साथ तराई क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ी है। 2014 में तराई में 79 बाघ थे, जिनकी संख्या 2018 में बढ़कर 119 हो गई है। वहीं देश में 2,226 बाघ थे। 4 साल में उनकी संख्या 30% बढ़कर 2,967 हो गई है।‘कुंती…पांडवों के साथ’...: तस्वीर उत्तराखंड के तराई क्षेत्र की है। पांच शावकों के साथ घूमती दिखाई दे रही बाघिन का यह फोटो सुकून देने वाला है। इसे भारतीय वन सेवा अधिकारी परवीन कासवान ने ट्विटर पर पोस्ट किया और कैप्शन दिया- ‘कुंती पांडवों के साथ।’ उन्होंने लिखा-‘बाघ...आज एक दुर्लभ प्रजाति है। उन्हें बचाने के लिए तरह-तरह के तरीके निकाले जा रहे हैं।’ रिपोर्ट के मुताबिक, चार साल में देश के साथ तराई क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ी है। 2014 में तराई में 79 बाघ थे, जिनकी संख्या 2018 में बढ़कर 119 हो गई है। वहीं देश में 2,226 बाघ थे। 4 साल में उनकी संख्या 30% बढ़कर 2,967 हो गई है।