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अशोकनगर / रथ में सवार होकर निकले किन्नर, फिर मंदिर में चढ़ाया घंटा

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शहर में पहली बार निकली किन्नरों की गंगा कलश यात्रा को देखने शहर थम गया। 10 प्रांतों से आए किन्नर जिन रास्तों ने निकले वहां शहरवासियों ने उनका स्वागत किया। देशभक्ति गीतों के अलावा भजन और फिल्मी गीतों पर पूरे रास्ते डांस करते हुए किन्नरों के साथ युवाओं ने सेल्फी लेकर उनका आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद किन्नरों की शोभायात्रा तारवाले बालाजी के मंदिर में पहुंची और घंटा चढ़ाया।शहर में पहली बार निकली किन्नरों की गंगा कलश यात्रा को देखने शहर थम गया। 10 प्रांतों से आए किन्नर जिन रास्तों ने निकले वहां शहरवासियों ने उनका स्वागत किया। देशभक्ति गीतों के अलावा भजन और फिल्मी गीतों पर पूरे रास्ते डांस करते हुए किन्नरों के साथ युवाओं ने सेल्फी लेकर उनका आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद किन्नरों की शोभायात्रा तारवाले बालाजी के मंदिर में पहुंची और घंटा चढ़ाया।
यात्रा में शामिल कई किन्नर रथ पर बैठे थे, कई बुजुर्ग किन्नर तेज धूप और स्वास्थ्य की वजह से यात्रा में शामिल नहीं हुए तो कई किन्नर अपनी कारों में बैठे रहे।यात्रा में शामिल कई किन्नर रथ पर बैठे थे, कई बुजुर्ग किन्नर तेज धूप और स्वास्थ्य की वजह से यात्रा में शामिल नहीं हुए तो कई किन्नर अपनी कारों में बैठे रहे।
शहर के तारवाले बालाजी मंदिर पर छत्र, घण्टा और पोशाक चढ़ाकर शहर और देश में खुशहाली और समृद्धि की कामना की गई।शहर के तारवाले बालाजी मंदिर पर छत्र, घण्टा और पोशाक चढ़ाकर शहर और देश में खुशहाली और समृद्धि की कामना की गई।
सम्मेलन में गुजरात, महाराष्ट्र, आंधप्रदेश, पंजाब, उप्र, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मप्र के अलावा अन्य प्रांतों के किन्नर गुरु भी शामिल हुए हैं।सम्मेलन में गुजरात, महाराष्ट्र, आंधप्रदेश, पंजाब, उप्र, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मप्र के अलावा अन्य प्रांतों के किन्नर गुरु भी शामिल हुए हैं।
यात्रा में भोपाल से आई किन्नर परवीन पूरे तिरंगे में लिपटी दिखाई दी। परवीन ने यात्रा में सिर पर टोपी से लेकर हार, झुमके, बिंदी, नथ, कपड़े, चूड़ियां तक राष्ट्रीय ध्वज के कलर की पहनी थी। वहीं उनके हाथ में जो छाता था वह भी तिरंगा था।यात्रा में भोपाल से आई किन्नर परवीन पूरे तिरंगे में लिपटी दिखाई दी। परवीन ने यात्रा में सिर पर टोपी से लेकर हार, झुमके, बिंदी, नथ, कपड़े, चूड़ियां तक राष्ट्रीय ध्वज के कलर की पहनी थी। वहीं उनके हाथ में जो छाता था वह भी तिरंगा था।
मंदिर में एक बच्ची को गोद में लिए किन्नर।मंदिर में एक बच्ची को गोद में लिए किन्नर।
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