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फ्लैशबैक / भारतीय सड़कों पर 1972 में पहली बार दौड़ा था चेतक

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ऑटो डेस्क. भारतीय ऑटो बाजार में बजाज चेतक की आज फिर से वापसी हो चुकी है। 70, 80 और 90 के तीन दशकों तक इस स्कूटर ने बाजार के साथ लोगों के दिलों पर भी राज किया है। 2000 के बाद ये नए जमाने के स्कूटर्स के साथ दौड़ में पीछे रहने लगा। 2005 में कंपनी ने इसके प्रोडक्शन पर रोक लगा दी। हालांकि, 14 साल बाद एक बार फिर ये लोगों के दिलों पर राज करने के लिए तैयार है। इसकी वापसी इलेक्ट्रिक वैरिएंट के साथ हो रही है। बजाज ऑटो ने चेतक को 1972 में भारतीय सड़कों पर उतारा था। इसका डिजाइन वेस्पा स्प्रिंट से और नाम महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक से लिया था।ऑटो डेस्क. भारतीय ऑटो बाजार में बजाज चेतक की आज फिर से वापसी हो चुकी है। 70, 80 और 90 के तीन दशकों तक इस स्कूटर ने बाजार के साथ लोगों के दिलों पर भी राज किया है। 2000 के बाद ये नए जमाने के स्कूटर्स के साथ दौड़ में पीछे रहने लगा। 2005 में कंपनी ने इसके प्रोडक्शन पर रोक लगा दी। हालांकि, 14 साल बाद एक बार फिर ये लोगों के दिलों पर राज करने के लिए तैयार है। इसकी वापसी इलेक्ट्रिक वैरिएंट के साथ हो रही है। बजाज ऑटो ने चेतक को 1972 में भारतीय सड़कों पर उतारा था। इसका डिजाइन वेस्पा स्प्रिंट से और नाम महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक से लिया था।
1972 में चेतक की 1000 यूनिट बाजार में उतारी गई थी। उस समय इस तीन गियर वाले स्कूटर की कीमत 8 से 10 हजार रुपए के बीच थी। (फोटो में 1972 का मॉडल)1972 में चेतक की 1000 यूनिट बाजार में उतारी गई थी। उस समय इस तीन गियर वाले स्कूटर की कीमत 8 से 10 हजार रुपए के बीच थी। (फोटो में 1972 का मॉडल)
लॉन्चिंग के साथ ही ये स्कूटर भारतीय बाजार में हिट हो गया और देखते ही देखते इसकी डिमांड बढ़ती चली गई। बढ़ती लोकप्रियता के चलते कंपनी ने इसे 'हमारा बजाज' की टैग लाइन दी और इसके लिए मशहूर एड गुरु एलिक पद्मसी ने जो विज्ञापन बनाया वह आज भी लोगों को याद आता है।लॉन्चिंग के साथ ही ये स्कूटर भारतीय बाजार में हिट हो गया और देखते ही देखते इसकी डिमांड बढ़ती चली गई। बढ़ती लोकप्रियता के चलते कंपनी ने इसे 'हमारा बजाज' की टैग लाइन दी और इसके लिए मशहूर एड गुरु एलिक पद्मसी ने जो विज्ञापन बनाया वह आज भी लोगों को याद आता है।
पहले इसकी डिलीवरी के लिए 3 महीने का इंतजार करना पड़ता था। एक वक्त ऐसा भी आया जब इसकी डिलीवरी के लिए 20 महीने का इंतजार भी करना पड़ा।पहले इसकी डिलीवरी के लिए 3 महीने का इंतजार करना पड़ता था। एक वक्त ऐसा भी आया जब इसकी डिलीवरी के लिए 20 महीने का इंतजार भी करना पड़ा।
1977 में कंपनी ने पहली बार चेतक की 1 लाख यूनिट बेची। वहीं, 1986 में ये आंकड़ा 8 लाख पहुंच गया। चेतक की कामयाबी का ये नया रिकॉर्ड था। 90 के दशक में भी इसकी डिमांड कम नहीं हुई।1977 में कंपनी ने पहली बार चेतक की 1 लाख यूनिट बेची। वहीं, 1986 में ये आंकड़ा 8 लाख पहुंच गया। चेतक की कामयाबी का ये नया रिकॉर्ड था। 90 के दशक में भी इसकी डिमांड कम नहीं हुई।
कंपनी ने इस दौरान लगातार कई महीने चेतक की 1 लाख यूनिट बेची। 2002 में चेतक की कीमत करीब 27 हजार रुपए थी, जो 2005 तक करीब 31 हजार तक पहुंच गई।कंपनी ने इस दौरान लगातार कई महीने चेतक की 1 लाख यूनिट बेची। 2002 में चेतक की कीमत करीब 27 हजार रुपए थी, जो 2005 तक करीब 31 हजार तक पहुंच गई।
चेतक की बढ़ती कीमतों का असर इसकी बिक्री पर होने लगा। वहीं, दूसरी तरफ एक्टिवा की मार्केट में पकड़ मजबूत होती चली गई।चेतक की बढ़ती कीमतों का असर इसकी बिक्री पर होने लगा। वहीं, दूसरी तरफ एक्टिवा की मार्केट में पकड़ मजबूत होती चली गई।
14 साल बाद यानी 2019 में बजाज ऑटो लिमिटेड के अध्यक्ष राहुल बजाज ने चेतक की वापसी का ऐलान किया। इस बार कंपनी ने इसका इलेक्ट्रिक अवतार लॉन्च किया।14 साल बाद यानी 2019 में बजाज ऑटो लिमिटेड के अध्यक्ष राहुल बजाज ने चेतक की वापसी का ऐलान किया। इस बार कंपनी ने इसका इलेक्ट्रिक अवतार लॉन्च किया।