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अमीरों का फल / 7.5 लाख रु. में बिका लाल अंगूर का एक गुच्छा

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जापान में मंगलवार को हुई नीलामी में लाल अंगूर के एक गुच्छे की कीमत 7.5 लाख रुपए लगाई गई है।जापान में मंगलवार को हुई नीलामी में लाल अंगूर के एक गुच्छे की कीमत 7.5 लाख रुपए लगाई गई है।
रूबी रोमन के गुच्छे करे जापान की एक कंपनी हयाकुराकुसो ने खरीदा है। रूबी रोमन जापान के लग्जरी फ्रूट में शामिल है इसे यहां शुभ अवसरों या बिजनेस के प्रमोशन के दौरान बतौर गिफ्ट दिया जाता है।रूबी रोमन के गुच्छे करे जापान की एक कंपनी हयाकुराकुसो ने खरीदा है। रूबी रोमन जापान के लग्जरी फ्रूट में शामिल है इसे यहां शुभ अवसरों या बिजनेस के प्रमोशन के दौरान बतौर गिफ्ट दिया जाता है।
इस खास प्रजाति के एक अंगूर का वजन करीब 20 ग्राम होता है। 12 साल पहले अंगूर की इस खास प्रजाति को इशिकावा सरकार ने विकसित किया गया था।इस खास प्रजाति के एक अंगूर का वजन करीब 20 ग्राम होता है। 12 साल पहले अंगूर की इस खास प्रजाति को इशिकावा सरकार ने विकसित किया गया था।
अंगूर की यह प्रजाति खासतौर पर अमीरों के फल के तौर जानी जाती है। जापान में इसे रूबी रोमन के नाम से जाना जात है। यह स्वाद में काफी मीठा और रसभरा होता है लेकिन ये थोड़ा एसिडिक भी है।अंगूर की यह प्रजाति खासतौर पर अमीरों के फल के तौर जानी जाती है। जापान में इसे रूबी रोमन के नाम से जाना जात है। यह स्वाद में काफी मीठा और रसभरा होता है लेकिन ये थोड़ा एसिडिक भी है।
नीलामी करने वाले अधिकारी के मुताबिक, इसकी डिमांड अधिक होने के कारण यह गुच्छा काफी महंगी दर पर बेचा गया है। जापान में यह आसानी से उपलब्ध नहीं होता।नीलामी करने वाले अधिकारी के मुताबिक, इसकी डिमांड अधिक होने के कारण यह गुच्छा काफी महंगी दर पर बेचा गया है। जापान में यह आसानी से उपलब्ध नहीं होता।
फार्मिंग एजेंसी इशिकावा सहकारी समिति  का कहना है कि इसके रूबी रोमन के 26 हजार गुच्छों को सितंबर तक एक्सपोर्ट के लिए भेज दिया जाएगा।फार्मिंग एजेंसी इशिकावा सहकारी समिति का कहना है कि इसके रूबी रोमन के 26 हजार गुच्छों को सितंबर तक एक्सपोर्ट के लिए भेज दिया जाएगा।
नीलामी में जल्दबाजी इसलिए भी की गई है क्योंकि जुलाई की शुरुआत से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। फार्मिंग कंपनी को चिंता थी कि कहीं बढ़ता तापमान इसकी गुणवत्ता को न खराब कर दे।नीलामी में जल्दबाजी इसलिए भी की गई है क्योंकि जुलाई की शुरुआत से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। फार्मिंग कंपनी को चिंता थी कि कहीं बढ़ता तापमान इसकी गुणवत्ता को न खराब कर दे।
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