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गौरैया दिवस / विलुप्त हो रहीं गौरैया के लिए बनाएं आशियाना

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लाइफस्टाइल डेस्क. हाउस स्पैरो यानी घर में रहने वाली चिड़िया। नाम में बेशक घर जुड़ा है, लेकिन इसका आशियाना धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड के हालिया सर्वे के मुताबिक, पिछले 40 सालों में दूसरे पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भारत में गौरैया की तादाद में 60% तक कमी आई है। दुनियाभर में गौरैया की 26 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 5 भारत में देखने को मिलती हैं।  भारत में गौरैया की स्थिति जानने के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी ने हाल में ऑनलाइन सर्वे कराया था। इसमें 7 साल से लेकर 91 साल तक के 5700 पक्षी प्रेमी शामिल हुए। सर्वे में सामने आया कि बेंगलुरू और चेन्नई में गौरैया दिखना बंद हो गई। मुंबई की स्थिति थोड़ी बेहतर रही। 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन संकल्प लें कि गौरैया की घटती संख्या को रोकने के लिए अपने घर के एक हिस्से में इन्हें जगह देंगे और आशियाना बनाएंगे।लाइफस्टाइल डेस्क. हाउस स्पैरो यानी घर में रहने वाली चिड़िया। नाम में बेशक घर जुड़ा है, लेकिन इसका आशियाना धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड के हालिया सर्वे के मुताबिक, पिछले 40 सालों में दूसरे पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भारत में गौरैया की तादाद में 60% तक कमी आई है। दुनियाभर में गौरैया की 26 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 5 भारत में देखने को मिलती हैं।  भारत में गौरैया की स्थिति जानने के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी ने हाल में ऑनलाइन सर्वे कराया था। इसमें 7 साल से लेकर 91 साल तक के 5700 पक्षी प्रेमी शामिल हुए। सर्वे में सामने आया कि बेंगलुरू और चेन्नई में गौरैया दिखना बंद हो गई। मुंबई की स्थिति थोड़ी बेहतर रही। 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन संकल्प लें कि गौरैया की घटती संख्या को रोकने के लिए अपने घर के एक हिस्से में इन्हें जगह देंगे और आशियाना बनाएंगे।
असम के एक गांव में गौरेया बचाने की पहल कुछ साल पहले ही शुरू हुई है। यहां कार्डबोर्ड से बनाए घोसले लोगों को बांटे गए तो गौरैया की संख्या बढ़ी। इसे घर में बनाने के लिए किसी भी तरह का कार्डबोर्ड लें। चारों तरफ से उसकी मजबूती को चेक करें। बॉक्स में एक तरफ छेद करें और उसके विपरीत हिस्से को दीवार से लगाकर टांगे। ध्यान रखें जमीन से इनके घर की ऊंचाई 15 फीट होनी चाहिए।असम के एक गांव में गौरेया बचाने की पहल कुछ साल पहले ही शुरू हुई है। यहां कार्डबोर्ड से बनाए घोसले लोगों को बांटे गए तो गौरैया की संख्या बढ़ी। इसे घर में बनाने के लिए किसी भी तरह का कार्डबोर्ड लें। चारों तरफ से उसकी मजबूती को चेक करें। बॉक्स में एक तरफ छेद करें और उसके विपरीत हिस्से को दीवार से लगाकर टांगे। ध्यान रखें जमीन से इनके घर की ऊंचाई 15 फीट होनी चाहिए।
एक प्लास्टिक का छोटा कंटेनर लें। इसमें तस्वीर के मुताबिक 5 छेद करें। दानों के लिए किए जाने वाले 3 छेद छोटे होने चाहिए ताकि ये बाहर न गिरें। 2 छेद कंटेनर के बीचों-बीच करें। इसमें एक लकड़ी की छड़ी गुजारें जो गौरैया के बैठने का काम करेगी। अब इसमें दानें भरें और हैंडल की मदद से घर के खुले हिस्से में लटकाएं। इसमें नीचे की ओर एक प्लास्टिक की प्लेट को चिपकाना न भूलें।एक प्लास्टिक का छोटा कंटेनर लें। इसमें तस्वीर के मुताबिक 5 छेद करें। दानों के लिए किए जाने वाले 3 छेद छोटे होने चाहिए ताकि ये बाहर न गिरें। 2 छेद कंटेनर के बीचों-बीच करें। इसमें एक लकड़ी की छड़ी गुजारें जो गौरैया के बैठने का काम करेगी। अब इसमें दानें भरें और हैंडल की मदद से घर के खुले हिस्से में लटकाएं। इसमें नीचे की ओर एक प्लास्टिक की प्लेट को चिपकाना न भूलें।
इसे बनाना बेहद आसान है। एक प्लास्टिक का चौड़े मुंह वाला पाइप लें। इसे एक तरफ से कार्डबोर्ड या लकड़ी से बंद कर दें। अब दूसरे मुंह का आधा हिस्सा बंद करें ताकि अंडे या चूजें बाहर न गिरें। इसे खुली जगह में टांग दें।इसे बनाना बेहद आसान है। एक प्लास्टिक का चौड़े मुंह वाला पाइप लें। इसे एक तरफ से कार्डबोर्ड या लकड़ी से बंद कर दें। अब दूसरे मुंह का आधा हिस्सा बंद करें ताकि अंडे या चूजें बाहर न गिरें। इसे खुली जगह में टांग दें।
इसे बनाना बेहद आसान है। इसके लिए जूते-चप्पल के बॉक्स का प्रयोग कर सकते हैं। इसे तैयार करने के लिए चारों ओर से बॉक्स की मजबूती चेक करें। अब इसके दो कोनों पर छेद करें और इसे दीवार पर टांग दें। ध्यान रखें कि इसे ऐसी जगह टांगे जहां बारिश का पानी न पहुंचे।इसे बनाना बेहद आसान है। इसके लिए जूते-चप्पल के बॉक्स का प्रयोग कर सकते हैं। इसे तैयार करने के लिए चारों ओर से बॉक्स की मजबूती चेक करें। अब इसके दो कोनों पर छेद करें और इसे दीवार पर टांग दें। ध्यान रखें कि इसे ऐसी जगह टांगे जहां बारिश का पानी न पहुंचे।