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PM मोदी 28 जनवरी को पहुंचेंगे मालासेरी धाम:आसींद में धार्मिक कॉरिडोर के लिए केंद्र की रिसर्च व सर्वे टीम पहुंची

जयपुर16 दिन पहले
पीएम मोदी की सभा को लेकर भाजपा ने दो लाख लोगों के जुटने का दावा किया है।

राजस्थान के आसींद (भीलवाड़ा) क्षेत्र स्थित मालासेरी डूंगरी में गुर्जर समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ भगवान देवनारायण की प्रकट स्थली पर 28 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचेंगे। उनकी सभा में करीब 2 लाख लोगों को जुटाने के लक्ष्य में भाजपा जुटी हुई है।

आसींद क्षेत्र में पीएम मोदी महाकाल कॉरिडोर (उज्जैन) की तर्ज पर भगवान देवनारायण कॉरिडोर बनाने की घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए क्षेत्र में केन्द्र की रिसर्च व सर्वे टीम पहुंची है। यह टीम वहां भगवान देवनारायण से जुड़े ऐतिहासिक प्रमाणों, साक्ष्यों, साहित्य, धार्मिक आख्यानों का अवलोकन कर रही है। बहुत से संगठनों और स्थानीय लोगों व विशेषज्ञों से भी टीम के सदस्य सम्पर्क कर रहे हैं।

पीएम मोदी की 28 जनवरी को आसींद में सभा होने वाली है। इस क्षेत्र को मोदी से बहुत सी उम्मीदें हैं, जिनमें से एक है महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर भगवान देवनारायण कॉरिडोर बनाए जाने की।
पीएम मोदी की 28 जनवरी को आसींद में सभा होने वाली है। इस क्षेत्र को मोदी से बहुत सी उम्मीदें हैं, जिनमें से एक है महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर भगवान देवनारायण कॉरिडोर बनाए जाने की।

मंत्रालय इस रिसर्च के माध्यम से क्षेत्र में बहुत सी शैक्षणिक, पर्यटन, विकास संबंधी गतिविधियां जल्द ही वहां शुरू करेगा। संस्कृति मंत्रालय की ओर से बहुत से विश्वविद्यालयों से भी सम्पर्क किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के बारे में अधिकृत जानकारी मिल सके।

पीएम मोदी की सभा के लिए मालासेरी डूंगरी से करीब 300 मीटर दूर एक नया हेलिपैड भी बनाया जा रहा है, जहां हेलिकॉप्टर से पीएम मोदी लैंड करेंगे। उसके बाद वे कार द्वारा एक नये रास्ते से मालासेरी डूंगरी पहुंचेंगे और अंत में 20 सीढ़ियों के एक नए बन रहे रास्ते से चढ़ कर मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। वर्तमान में जो आम रास्ता है, वो करीब 130 सीढ़ियों का है।

पीएम मोदी के आने के लिए मालासेरी डूंगरी (आसींद) में नया रास्ता बनाया जा रहा है।
पीएम मोदी के आने के लिए मालासेरी डूंगरी (आसींद) में नया रास्ता बनाया जा रहा है।

पीएम मोदी की सुरक्षा व सुविधा संबंधी विषय को ध्यान में रखते हुए यह नया रास्ता बनाया गया है। पीएम मोदी मंदिर पहुंचकर वहां चल रहे विष्णु यज्ञ में पूर्णाहुति देंगे। इसके बाद उनकी सभा होगी जहां वो भगवान देवनारायण के प्रति अपना संदेश लोगों को देंगे।

पीएम मोदी की इस यात्रा के लिए केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। केन्द्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हाल ही भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ यहां बैठक भी की थी।

इसके लिए राजस्थान की करीब 12 लोकसभा सीटों और 40 विधानसभा सीटों से जुड़े भाजपाई कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। गुर्जर समाज से जुड़े संगठनों, संस्थाओं, संघों व प्रभावशाली लोगों को पत्र भेजे जा रहे हैं। भाजपा के राजस्थान में 24 सांसद हैं, वे सभी इस कार्यक्रम में 28 जनवरी को आसींद पहुंचेंगे।

हाल ही भाजपा ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर बांसवाड़ा के गुजरात सीमा पर स्थित मानगढ़ पहाड़ पर भी पीएम मोदी की सभा की थी। उस सभा में भी करीब 50 हजार लोगों को जुटाया था। आसींद क्षेत्र चूंकि मैदानी-पठारी इलाका है और जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, कोटा, जोधपुर, बूंदी, टोंक से सड़क और रेल से सीधा जुड़ा हुआ है। जयपुर, उदयपुर और किशनगढ़ के हवाई अड्‌डे भी यहां से केवल दो-ढाई घंटों के दूरी पर ही हैं। ऐसे में यहां दो लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

आसींद के विधायक (भाजपा) जब्बर सिंह सांखला ने भास्कर को बताया कि हमारा लक्ष्य दो से तीन लाख लोगों को पीएम मोदी की सभा में जुटाना है। राजस्थान सहित उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित विदेशों में बसे लोगों से भी निरंतर सम्पर्क किया जा रहा है। पीएम मोदी के आने से इस क्षेत्र का निश्चित ही बहुमुखी विकास संभव होगा।

यहां बनाया जा रहा है पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर के उतरने के लिए हेलिकाॅप्टर।
यहां बनाया जा रहा है पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर के उतरने के लिए हेलिकाॅप्टर।

राज्य सरकार के अधिकारियों की भी टीम जुटी है तैयारियों में

पीएम मोदी के स्वागत में राज्य सरकार ने भीलवाड़ा जिले, अजमेर संभाग व सचिवालय स्थित अफसरों को तैयारियों संबंधी निर्देश दे दिए हैं। अधिकारियों की एक बड़ी टीम वहां पहुंच गई है और सभा की तैयारियों में जुटी है।

राज्य सरकार की ओर से मालासेरी डूंगरी के पास एक नया हेलिपैड और नया रास्ता बनाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि संभव है कार्यक्रम में सीएम अशोक गहलोत भी शामिल हों।

सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया और सांसद सुभाष बहेड़िया केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के साथ मीटिंग करते हुए।
सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया और सांसद सुभाष बहेड़िया केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के साथ मीटिंग करते हुए।

सांसद जौनापुरिया और बहेड़िया को खास जिम्मेदारी

पीएम मोदी की सभा के लिए टोंक-सवाईमाधोपुर के सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया और भीलवाड़ा के सांसद सुभाष बहेड़िया को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। दोनों लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं और दोनों के संसदीय क्षेत्र की कुल 16 में से 12 विधानसभा सीटों पर गुर्जर मतदाताओं की संख्या पहले और दूसरे नम्बर पर है।

जौनापुरिया और बहेड़िया पिछले दिनों क्षेत्र का दौरा भी कर चुके। दोनों केन्द्रीय मंत्री मेघवाल के साथ भी बैठक कर चुके हैं। इन दोनों संसदीय क्षेत्रों से गुर्जर समाज के करीब 50 हजार लोग पीएम मोदी की सभा में शामिल होंगे।

महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर भगवान देवनारायण कॉरिडोरी की घोषणा संभव

केन्द्र सरकार ने जिस तरह से वाराणसी, अयोध्या और महाकाल (उज्जैन) में भव्य धार्मिक कॉरिडोर बनाए हैं, वैसा ही एक कॉरिडोर भगवान देवनारायण के नाम पर आसींद (भीलवाड़ा) में बनाए जाने की कवायद जारी है। इसके लिए केन्द्र सरकार का संस्कृति मंत्रालय तैयारियां कर रहा है। इसकी विस्तृत कार्ययोजना पीएम मोदी की सभा के बाद सामने आएगी।

विश्व स्तर का धार्मिक पर्यटन स्थल बनेगा आसींद

आसींद क्षेत्र में मालासेरी डूंगरी एक पठारी-पवर्तीय स्थल है। जहां पास ही खारी नामक विहंगम नदी भी है। इस क्षेत्र में महाभारत की ही तरह भीषण युद्ध भी हुए थे, जिनका उल्लेख क्षेत्रीय लोक गीतों और गुर्जर समाज के साहित्य में उपलब्ध हैं। यहां कमल के फूल में भगवान देवनारायण प्रकट हुए थे। वर्तमान में उसी मालासेरी डूंगरी पर उनका मंदिर है।

चारों तरफ जो भूमि है, उस पर विश्व स्तर का धार्मिक पर्यटन स्थल बनाए जाएगा। ऐसा होने पर देश-विदेश से लोग वहां आएंगे तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वाराणसी, अयोध्या और महाकाल कॉरिडोर ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है, वैसा ही संभवत: राजस्थान में हो सकेगा।

पीएम मोदी की सभा के लिए पंडाल तैयार किया जा रहा है। यहां करीब दो लाख लोगों के जुटाने की तैयारियां की जा रही हैं।
पीएम मोदी की सभा के लिए पंडाल तैयार किया जा रहा है। यहां करीब दो लाख लोगों के जुटाने की तैयारियां की जा रही हैं।

भाजपा के लिए अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बहुत अहम है गुर्जर समुदाय

धार्मिक आख्यान के अनुसार 28 जनवरी को भगवान देवनारायण का 1111 वां प्रकटोत्सव है। वे मालासेरी डूंगरी पर कमल के फूल से प्रकट हुए थे। भगवान देवनारायण गुर्जर समुदाय के आराध्य देव माने जाते हैं। भाजपा का चुनाव चिन्ह भी कमल का फूल है। ऐसे में भाजपा इस कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक और राजनीतिक दोनों संदेश देगी।

भाजपा के अभी राजस्थान में 25 में से 24 सांसद है, जिनमें से एक गुर्जर समुदाय से हैं सुखबीर सिंह जौनापुरिया। वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में 200 सीटों में से एक भी विधायक गुर्जर समुदाय से नहीं है जो भाजपा के टिकट पर जीते हों। भगवान देवनारायण के नाम पर धार्मिक कॉरिडोर बनाने और पीएम मोदी की सभा यह दोनों कार्यक्रम ऐसे हैं कि गुर्जर समुदाय को भाजपा की तरफ आकर्षित करने वाले साबित हो सकते हैं।

प्रदेश में राजस्थान की कुल 25 लोकसभा सीटों में से टोंक-सवाईमाधोपुर, करौली-धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अजमेर, भीलवाड़ा, झालावाड़-बारां, कोटा-बूंदी, जयपुर ग्रामीण, झुन्झुनूं, अलवर, चित्तौड़गढ़ जैसी 12 सीटों पर गुर्जर मतदाता संख्या के मामले में पहले, दूसरे, तीसरे या चौथे नम्बर के पर आते हैं। इन सीटों पर वे चुनाव जीताने-हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऐसे ही 200 विधानसभा सीटों में से विराट नगर, जमवारामगढ़, कोटपूतली, देवली, मालपुरा, टोंक, सवाईमाधोपुर, खंडार, दौसा, सिकराय, भरतपुर, बयाना, हिंडौली, जहाजपुर, आसींद, मांडल, शाहपुरा, दूदू, अलवर, लक्ष्मणगढ़, टोडाभीम, लालसोट, बेगूं, कोटा उत्तर, झालरापाटन, किशनगढ़, पुष्कर, नसीराबाद, मसूदा, केकड़ी, करौली, बूंदी, आसींद, भीम, खेतड़ी, नीमका थाना, केशोरायपाटन, बहरोड़, बानसूर, अलवर, नदबई, कामां, चाकसू, आदि विधानसभा की सीटों पर गुर्जर समुदाय का खास दबदबा है।

राजस्थान में जाट, एससी के बाद सर्वाधिक बड़ा मतदाता वर्ग है गुर्जर समाज का। ऐसे में भाजपा की कोशिश रहेगी कि वो इस कार्यक्रम के माध्यम से इस समुदाय को अपनी ओर आकर्षित कर सके। इनके अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली व कश्मीर में गुर्जर समुदाय बड़ा वोट बैंक है। इनमें से हिमाचल, दिल्ली और पंजाब में भाजपा की सरकारें नहीं हैं। ऐसे में इस समुदाय को इन क्षेत्रों में भी पार्टी खुद से जोड़ना चाहती है।

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