राजस्थान में CM फेस के लिए PM मोदी का सर्वे:मौजूदा विधायकों का भी टिकट आसान नहीं; कांग्रेस भी टटोल चुकी नब्ज

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: निखिल शर्मा

राजस्थान में सियासी माहौल बदलने के साथ ही अब राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव काे लेकर एक्सरसाइज शुरू कर दी है। राज्य में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए BJP कई स्तर पर सर्वे करवा रही है। कुछ नेताओं ने कहा कि यह सर्वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करा रहे हैं।

इन सर्वे के परिणामों के आधार पर ही राजस्थान में लीडरशिप फेस और 200 विधानसभा सीटों पर टिकट तय होंगे। राजस्थान BJP में लीडरशिप काे लेकर चल रहे संघर्ष के बीच इन सर्वें को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजस्थान में सर्वे दो तरह से कराए जा रहे हैं। पहले सर्वे में अलग-अलग स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं से हर सीट को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। इनमें हर विधानसभा सीट से 3 से 5 दावेदारों के बारे में पूछा जा रहा है। यहां जितने दावेदारों के नाम हैं। सभी पर राय ली जा रही है। किस नेता के पक्ष में कितने प्रतिशत लोग हैं, इसका डेटा लिया जा रहा है।

ऐसा होगा सर्वे का दूसरा हिस्सा
सर्वे का दूसरा हिस्सा लीडरशिप को लेकर है। राजस्थान BJP में CM के चेहरे के लिए कई चेहरे हैं। वहीं, कई नेता अपनी दावेदारी मजबूती से जाहिर कर चुके हैं। इसे लेकर भी पार्टी अपने स्तर पर सर्वे करवा रही है। वर्तमान विधायकों, पूर्व विधायकों, संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और तमाम मोर्चे-प्रकोष्ठ से जुड़े लोगों से राय ली जा रही है।

लीडरशिप की लड़ाई, टिकट पर भी डालेगी असर
राजस्थान BJP में लीडरशिप काे लेकर संघर्ष है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जहां खुद को इस लाइन में खड़ा कर दिया है। अपने बीकानेर संभाग के दौरे और संभाओं से राजे ने साफ मैसेज दे दिया है। इसके अलावा पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया भी खुद को इस रेस में लगातार बताते नजर आए हैं।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस दौड़ में हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, राज्यसभा सांसद ओम माथुर के नाम भी चर्चाओं में रहते हैं।

टिकट के लिए होगी खेमेबाजी
नेताओं के संघर्ष का असर चुनाव को लेकर टिकटों के वितरण में भी देखने को मिल सकता है। हर नेता अपने खेमे के लोगों को टिकट दिलवाने का प्रयास करेगा। ऐसे में टिकट को लेकर लड़ाई देखने को मिलेगी। वहीं, आपसी संघर्ष में अगर गलत टिकट मिलता है तो उसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है।

पिछले उपचुनाव में वल्लभनगर और धरियावद सीट पर गलत टिकट देने का खामियाजा BJP को उठाना पड़ा था। धरियावद में BJP तीसरे और वल्लभनगर में चौथे स्थान पर रही थी। इसको देखते हुए भी सर्वे BJP के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राहुल गांधी की टीम ने भी कराया था सर्वे
राजस्थान में चुनावों को लेकर भाजपा के साथ कांग्रेस की सक्रियता भी बढ़ गए है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इस साल अगस्त में राहुल की टीम ने भी सर्वे कराया था। हालांकि, उस सर्वे में केवल मुख्यमंत्री के चेहरे का सवाल नही था। सरकार के कामकाज से लेकर करीब दस सवाल राहुल के सर्वे में शामिल थे।

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