जयपुर में 800 परिवारों से मिलेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत:संघ कार्यकर्ताओं के परिवार से हिंदुत्व वैल्यूज पर बात करेंगे, RSS के 100 साल पूरे होने की हाेगी प्लानिंग

जयपुर16 दिन पहले

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 25 जनवरी को जयपुर आएंगे। मोहन भागवत का यह 5 दिन का दौरा 25 से 29 जनवरी तक होगा। इस दौरान गणतंत्र दिवस पर मोहन भागवत जयपुर के जामड़ोली में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का झंडा फहराएंगे। बता दें कि संघ प्रमुख 2 साल में एक बार हर प्रांत में अपना प्रवास करते हैं। देशभर में आरएएस के 45 प्रांत हैं।

उदयपुर आए थे संघ प्रमुख

इससे पहले 2021 में संघ प्रमुख मोहन भागवत चित्तौड़गढ़ प्रांत के दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने उदयपुर में अपना प्रवास किया था। इस दौरान भागवत ने उदयपुर में अपने एक आदिवासी कार्यकर्ता के घर भोजन किया था।

संघ प्रमुख मोहन भागवत लगातार देशभर के अलग-अलग प्रांतों में प्रवास करते हैं। राजस्थान में संघ के तीन प्रांत हैं।
संघ प्रमुख मोहन भागवत लगातार देशभर के अलग-अलग प्रांतों में प्रवास करते हैं। राजस्थान में संघ के तीन प्रांत हैं।

हर कार्यकर्ता के पूरे परिवार से मिलेंगे

संघ प्रमुख के दौरे के कार्यक्रम सामान्यत: एक जैसे होते हैं। मगर इसबार जयपुर प्रांत के दौरे पर वे कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलेंगे। ऐसा पहली बार होगा जब वो एकसाथ 800 कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात करेंगे। उनकी मुलाकात का यह कार्यक्रम 26 जनवरी को होगा। इसमें नगर तक के कार्यकर्ता अपने पूरे परिवार के साथ मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे।

परिवारों को हिंदुत्व की कोर वैल्यूज बताएंगे

परिवारों से मुलाकात में मोहन भागवत उन्हें हिंदुत्व की कोर वैल्यूज बताएंगे। परिवार के बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों को आरएसएस की जरुरत और महत्व बताया जाएगा। इसके अलावा उन्हें हिंदुत्व की कोर वैल्यूज जैसे परिवार को एकजुट रखना, परिवार के साथ समय बिताना, परिवार के साथ भोजन करने, कुटुम्ब प्रबोधन के बारे में बताएंगे।

हर दो साल में आरएसएस के प्रांतों में संघ प्रमुख का प्रवास होता है। देश में संघ के 45 प्रांत हैं।
हर दो साल में आरएसएस के प्रांतों में संघ प्रमुख का प्रवास होता है। देश में संघ के 45 प्रांत हैं।

आरएसएस के 100 साल की तैयारियों पर फोकस

संघ प्रमुख के इस दौरे में 27 से 29 जनवरी तक अलग-अलग बैठकें होंगी। इनमें जयपुर प्रांत के खंड स्तर के कार्यवाह, संघ के विभिन्न स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसमें संघ की शाखाओं, संघ से जुड़े रूटीन कामों का ब्यौरा लेकर चर्चा करेंगे। साथ ही आरएसएस को 100 साल पूरे होने की तैयारियों पर फोकस होगा। बता दें कि संघ को 2025 में 100 साल पूरे होने जा रहे हैं।

100 साल में क्या परिवर्तन हुआ उसकी समीक्षा होगी

आरएसएस सूत्रों का कहना है कि अपने शताब्दी वर्ष में आरएसएस यह समीक्षा करेगा कि कि 100 साल में वह क्या परिवर्तन लेकर आए। ऐसे में शताब्दी वर्ष को लेकर क्या-क्या करना है इसकी तैयारी आरएसएस अभी से कर रहा है। इसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण, ग्राम विकास, गौसेवा सहित तमाम मसलों पर 100 साल में क्या बदलाव लाए गए इसपर तैयारी बैठक की जाएगी।