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11 खातों से 16 बार ट्रांजेक्शन कर निकाले ढाई लाख

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2018, 02:00 AM IST

Abohar News - राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया जो एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर रुपए...

11 खातों से 16 बार ट्रांजेक्शन कर निकाले ढाई लाख
राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया जो एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर रुपए निकाल लेते। इनसे कई बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद हुए।

सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित, महिला थाना प्रभारी नरेंद्र पुनिया आदि ने मीडिया को बताया कि एसबीआई बैंक के उपमहाप्रबंधक विजय कुमार गर्ग की एटीएम मशीन से छेड़छाड़ संबंधी शिकायत की पड़ताल के दौरान फाजिल्का जिले में जलालाबाद की ढाणी काठगढ़ के निवासी बलविंद्र सिंह उर्फ रोड़ा (31), मौलकीवाला गांव के वासी वीरपाल सिंह (31) और पन्नेवाला गांव के निवासी हरीश कुमार (37) को धर दबोचा। साइबर क्राइम एक्सपर्ट सीआई नरेंद्र पुनिया के अनुसार, आरोपियों ने 9 नवंबर 2017 से 24 जनवरी 2018 तक 11 अलग-अलग खातों में 16 बार ट्रांजेक्शन कर कुल ढाई लाख रुपए बैंक से ठगी कर निकाल लिए। जिन खातों से रुपए निकले, वे सभी बैंक खाते अबोहर, फाजिल्का, जलालाबाद एरिया के थे। एटीएम फुटेज और खाताधारकों से पूछताछ के आधार हरीश सचदेवा, वीरपाल तथा बलविंद्र सिंह के नाम सामने आए। पुलिस के अनुसार, मशीन द्वारा रुपए नहीं दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद बैंककर्मी सीसीटीवी फुटेज चेक ही नहीं करते और शिकायत के आधार पर उनके खातों में दोबारा रुपए डलवा देते। पुलिस के अनुसार, आरोपी शहर में वारदात करने के लिए लगभग बीरबल चौक स्थित एसबीआई बैंक की एटीएम मशीन ही इस्तेमाल करते। जब कई बार एक ही मशीन की शिकायत दर्ज की गई तो बैंककर्मियों ने फुटेज चेक कर मुकदमा दर्ज कराया।

आरोपियों से बरामद 105 बैंक खातों के एटीएम कार्डों के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे लोगों को चकमा देकर उनके कार्ड हासिल कर लेते। इसके बाद वे खुद ही उन बैंक खातों में रुपए जमा कराकर कई दफा बैंक खातों में सही ट्रांजेक्शन करते, जिससे बैंक को कुछ गलत होने का अंदाजा न हो। जब कई दिन बीत जाते तो वे वारदात को अंजाम देना शुरू कर देते। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक साथ रुपए निकलने की कमांड देने के बाद जब रुपए बाहर आ जाते तो रुपयों को मशीन के अंदर ही पकड़े रखते और पॉवर प्लग निकालने के बाद रुपए मशीन से बाहर खींच लेते। इसके 48 घंटे बाद बैंक के कस्टमर केयर पर मशीन खराब होने का हवाला देते हुए रुपए मशीन द्वारा वापस खेंच लेने का दावा करते और बैंक 7 दिन बाद उसी खाते में दोबारा रुपए डाल देता।

भास्कर पड़ताल... चकमा देकर ले लेते लोगों के कार्ड

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