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फाजिल्का की 7 खदानों में से 5 के ठेके रद्द

फाजिल्का में नियमों को ताक पर रखकर भारत-पाक सीमा के समीप की जा रही अवैध माइनिंग पर केंद्र सरकार ने विभिन्न सुरक्षा...

Danik Bhaskar | Mar 18, 2018, 02:05 AM IST
फाजिल्का में नियमों को ताक पर रखकर भारत-पाक सीमा के समीप की जा रही अवैध माइनिंग पर केंद्र सरकार ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से मंगवाई गई रिपोर्ट और पंजाब सरकार द्वारा करवाई गई जांच के बाद फाजिल्का जिले की 7 खदानों में से 5 खदानों के ठेके रद्द करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिसकी पुष्टि फाजिल्का के माइनिंग इंस्पेक्टर कुलवंत वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि उक्त खदानों के ठेकेदारों द्वारा नियमों के विरुद्ध तय गहराई से ज्यादा माइनिंग की गई थी। विभागीय जांच में उक्त बात सही पाए जाने पर सरकार ने 5 खदानों के ठेके रद्द करने का फैसला किया है। फाजिल्का जिले के राणा-1, महात्म नगर, सुखेरा बोदला, लमोचड़ कलां, मोहर सिंह वाला-2 खदानों के ठेके रद्द किए गए हैं, जबकि अमीरखास जो अभी पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया था व मोहर सिंह वाला-1 भी चलते रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहर सिंह वाला-1 की गहराई भी लगभग साढ़े 23 फुट बताई जाती है। जिस संबंधी जलालाबाद के माइनिंग इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह चावला ने सही रिपोर्ट विभाग को दी थी किंतु राजनीतिक दबाव के चलते उसे कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया तथा इसकी जांच हेतु अतिरिक्त कार्यभार अबोहर के माइनिंग इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह बराड़ को सौंपा गया था जिस दिन वो जांच करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर उक्त खदान का ठेका रद्द करने की मांग की थी। इसके बावजूद ठेका रद्द नहीं किया गया।

भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था यह मुद्दा

एक सप्ताह से भास्कर द्वारा उक्त मामले को निरंतर गंभीरता से उठाकर राजनीतिक संरक्षण के चलते अवैध माइनिंग का भंडाफोड़ किया था तथा शनिवार के अंक में जिले के गांव सुखेरा बोदला में रेत माफिया द्वारा एक सप्ताह में मिट्टी डालकर वहां पर फसलें उगाने का मामला भी प्रकाशित किया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने फाजिल्का जिले की 7 में से 5 खदानों के ठेके रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट इतनी गहराई तक की जा रही माइनिंग को प्रमुखता से उठाया था।