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गांव में मातम, तीनों नौजवान थे परिवार का बड़ा सहारा

गत रात्रि अबोहर के पास हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए तीनों नौजवानों के घर पर देर रात्रि से मातम छाया हुआ है। तीनों...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:05 AM IST
गत रात्रि अबोहर के पास हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए तीनों नौजवानों के घर पर देर रात्रि से मातम छाया हुआ है। तीनों में से शशि व सुरेन्द्र सगे भाई थे और छोटे भाई सुरेन्द्र की एक वर्ष पहले शादी हुई थी। दो भाइयों की मौत के बाद घर में अब बुजुर्ग मां-बाप, बड़ा भाई और सुरेन्द्र की प|ी रह गए। करीब दो ढाई दशक पहले यूपी से आकर गांव पक्की टिब्बी में बसे पिता राम कृष्ण एक छोटी सी किरयाने की दुकान चलाते हैं और मृतकों का बड़ा भाई गोलगप्पों की रेहड़ी लगाता है। मृतक शशि व सुरेन्द्र फर्नीचर का काम करके घर का गुजारा करने में अधिक मदद करते थे और पूरे परिवार को उनका सहारा था। तीसरे मृतक जगसीर उर्फ जग्गू का पिता गुरनाम सिंह अमृतसर से आकर यहां बसा था और मजदूरी करता है। चार बहनों का सबसे छोटा भाई भी शशि और सुरेंद्र के साथ लकड़ी का काम करता था। जग्गू भी घर का गुजारा करने में अपने परिवार का बड़ा सहारा था। जग्गू अपने पीछे अब घर पर बुजुर्ग मां-बाप व दो बड़ी कुंवारी बहनें छोड़ गया है।(जसपाल मान)

अबोहर सड़क हादसे में मारे गए सगे भाइयों शशि व सुरेन्द्र के घर में छाया मातम।