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क्रोधी व्यक्ति कर देता है अपने कुल का नाश : दिव्यानंद जी

Dainik Bhaskar

May 08, 2018, 02:10 AM IST

Abohar News - श्री मोहन जगदीश्वर आश्रम कनखल हरिद्वार के अनंत श्री विभूषित 1008 महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद गिरि जी महाराज ने...

क्रोधी व्यक्ति कर देता है अपने कुल का नाश : दिव्यानंद जी
श्री मोहन जगदीश्वर आश्रम कनखल हरिद्वार के अनंत श्री विभूषित 1008 महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद गिरि जी महाराज ने लोगों को प्रवचन सुनाए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को कभी क्रोध नहीं करना चाहिए। क्रोध की अग्नि में जलकर बड़े-बड़े सूरमा राख हो गए हैं। क्रोधी व्यक्ति अपना तो नाश करता ही है, साथ ही अपने कुल का भी नाश कर देता है। मनुष्य को दिमाग पर क्रोध का पारा नहीं चढ़ने देना चाहिए। दिमाग को ठंडा रखें और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उत्तेजित या परेशान न हों। स्वामी दिव्यानंद गिरि जी महाराज ने यह विचार सोमवार को अबोहर रोड स्थित श्री मोहन जगदीश्वर दिव्य आश्रम में आयोजित सत्संग कार्यक्रम के दौरान रखे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को ज्यादा बोलने की आदत सुधारनी चाहिए। बड़बोले व्यक्ति ज्यादा बोलने की आदत से खुद को दूसरों के सामने सर्व ज्ञानी दिखाते हैं, मगर ऐसा कर वह खुद को दूसरों की नजर में गिरा लेते हैं। कभी किसी के लिए कटु वचन न बोलें। हमेशा मधुर व नम्र स्वभाव से बात करें ताकि सामने वाला आपके व्यक्तित्व से प्रभावित हो जाए। अच्छा काम करने में जरा भी संकोच नहीं करना चाहिए। अगर काम सही है तो उसे नि:संकोच कर डालें। दिव्यानंद जी महाराज ने सत्संग का महत्व बताते हुए कहा कि सत्संग अर्थात सत्य के साथ जोड़ने वाला संग। जो सत्य से जोड़ता है उसे सत्संग कहते हैं। मगर चिंता की बात है कि आज कोई भी सत्य के साथ जुड़ना नहीं चाहता। मोहमाया के जाल में फंसा मनुष्य चाहकर भी सत्य का दामन नहीं थामना चाहता। स्वामी जी ने श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन करने को प्रेरित करते हुए कहा कि मनुष्य को अच्छा अन्न खाना चाहिए। मनुष्य जैसा अन्न खाता है उसका मन वैसा ही बन जाता है। इसलिए अच्छा और सात्विक भोजन करें ताकि मन में भी अच्छे विचार आएं। सत्संग कार्यक्रम से पूर्व देवभूमि हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद जी और महेशानंद गिरि जी महाराज का आश्रम पधारने पर श्रद्धालुओं ने भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण भगवान शिव भोले के रंग में रंगा नजर आ रहा था। बड़ी गिनती में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर स्वामी दिव्यानंद जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन सफल बनाया। (अमित अरोड़ा)

स्वामी दिव्यानंद गिरि महाराज एवं महेशानंद महाराज।

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