Hindi News »Punjab »Abohar» जहां होगी गाय की सेवा वहां होगा जीवन शुद्ध:विज्ञानानंद

जहां होगी गाय की सेवा वहां होगा जीवन शुद्ध:विज्ञानानंद

स्थानीय श्री गौशाला में रविवार रात सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें संत महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:10 AM IST

  • जहां होगी गाय की सेवा वहां होगा जीवन शुद्ध:विज्ञानानंद
    +3और स्लाइड देखें
    स्थानीय श्री गौशाला में रविवार रात सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें संत महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज गीता विज्ञान पीठाधीश्वर, कनखल विशेष रूप से उपस्थित हुए। सत्संग में पहुंचने पर गौशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान फकीर चंद गोयल व अन्य सदस्यों ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने गौशाला में बने गोपाल मंदिर में श्रद्धालुओं को अपने प्रवचनों में गोमाता की सेवा पर बल दिया, उन्होंने बताया कि गौ सेवा ही गोपाल सेवा है, जहां गौसेवा होती है वहां के लोगों का आंतरिक एवं बाह्य वातावरण शुद्ध होता है। इस मौके पर गौशाला कमेटी प्रधान फकीर चंद गोयल ने बताया कि स्वामी ने लुप्त होती वैदिक संस्कृति के उत्थान एवं प्रचार प्रसार हेतु साधकों के निर्माण के लिये हरिद्वार में विद्यालय की स्थापना भी की है। इस मौके पर स्वामी के शिष्य रविंद्र बंसल, गोपाल कृष्ण हांडा, संजीव राय हांडा, चंद्र शेखर शर्मा तथा जगत पेड़ीवाल, कृष्ण नागपाल, सतीश सिडाना, कमल मित्तल, पिरथीचंद गर्ग, वेद मुटनेजा डब्बू व अन्य श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

    माता चिंतपूर्णी के जन्म दिवस पर शहर में करवाए गए चौकी जागरण

    जलालाबाद| माता चिंतपूर्णी जी के जन्म दिवस को लेकर शहर में रविवार रात विभिन्न स्थानों पर चौकी जागरण करवाए गए। रामलीला चौक में जय मां चिंतपूर्णी लंगर सभा द्वारा चौकी जागरण करवाया गया। और बाद में मिन्नी गुरदासमान द्वारा महामाई का गुणगान करवाया गया और मुक्तसर से पहुंचे केएस सोनी द्वारा सत्संग करके माता चिंतपूर्णी की पूजा का महत्व बताया। इससे पहले समाज सेवी अशोक अनेजा, टिक्कन परूथी तथा राजा वाट्स द्वारा माता चिंतपूर्णी दरबार से लाई गई जोत के संगत ने दर्शन किए। इस अवसर पर काला अरोड़ा, जैसरत संधू, जगसीर सिंह बब्बू, अशोक कंबोज, अश्वनी कुक्कड़, भोला खुराना, सोनू धमीजा, रवि वाट्स, सुमित कुक्कड़ आदि मौजूद थे। इस अवसर पर लाली बजाज, साजन, विपन, काली, विजय, केवल कालड़ा, राकेश मिड्ढा तथा गौरव आदि मौजूद थे। इसी तरह गोबिंद नगरी में भी शिव मंदिर में मोहल्ला निवासियों की ओर से जागरण करवाया गया और लंगर भी वितरित किया गया।(छाबड़ा)

    सत्संग में उपस्थित विज्ञानानंद सरस्वती, फकीरचंद गोयल व अन्य श्रद्धालु।

    जागरण में भजन गायन करते हुए सोनी जी।

    आत्म स्वरूप को जाने बिना बुरी भावनाएं समाप्त नहीं हो सकती : पूनम भारती

    अबोहर| दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम श्री गंगानगर रोड़ अबोहर में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के संचालक एवं संस्थापक पूनम भारती ने प्रवचन करते हुए बताया कि समाज की आधारभूत इकाई मानव है। परंतु आज एकता परस्पर सौहार्द और आपसी भाईचारे के महत्व को भुला बैठा है। ईर्ष्या, घृणा जैसी बुरी भावनाओं का हर तरफ बोलबाला है। ऐसे में स्वस्थ समाज की कल्पना करना भी अत्यंत दुर्साध्य सा प्रतीत होता है। परंतु साथ ही इस सत्य को भी अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि वर्तमान सामाजिक विकृतियों के जिम्मेदार हम स्वयं हैं, अर्थात मानव स्वयं ही हैं। जब तक वह अपने आत्म स्वरूप को नहीं जान लेता तब तक उसके भीतर की बुरी भावनाएं समाप्त नहीं हो सकती। जोकि केवल गुरु प्रदत्त दिव्य दृष्टि द्वारा ही संभव है। इस अवसर पर साध्वी मीना भारती और साध्वी बागीषा भारती ने सुमधुर भजनों का गायन करके भक्तों को भाव विभोर किया।

    जो मनुष्य मन को एकाग्र कर लेता है, वही सफलता को पाता है: अंबालिका भारती

    फाजिल्का| दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के फाजिल्का आश्रम में एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अपने विचार रखते अंबालिका भारती जी ने बताया की वर्तमान समय एक तोहफा है, जो मनुष्य इस तोहफे का सही मूल्य पा लेता है भाव कि अपने मन को वर्तमान में एकागर कर लेता है, वही सफलता को प्राप्त कर लेता है मन को भूतकाल एवं भविष्य काल से तोड़कर यदि हम वर्तमान में ले आएं तो वर्तमान में उसकी क्रिया आरंभ हो जाती है क्योंकि मन तो विचारों का समूह है जो कुछ न कुछ तो सोचेगा ही। मन कभी भूतकाल और कभी भविष्य की यादों, आशाओं में बिखरा रहता है। मनुष्य के विचार भी दो प्रकार के होते है, अच्छे और बुरे विचार, ये विचार ही होते है जो घटनाओं को जन्म देते है, यदि बुरे विचारों पर अमल किया जाए तो बुरा विचार बनकर सामने आएगा क्योंकि जिस प्रकार विचार घटनाओं को जन्म देते है उसी प्रकार घटनाएं भी विकारों को जन्म देती है। साध्वी जी ने आगे बताया की यदि विकारों की गति रोकनी है तो मनुष्य की आत्मा की मिलन ईश्वर से करवाना होगा। आतम साक्षात के बाद ही मनुष्य अपने जीवन का उद्देश्य अर्थात प्रभु भक्ति प्राप्त कर सकता है इसीलिए समय रहते हमे पूर्ण सतगुरु के पावन सानिध्य को प्राप्त करनी होगा।

  • जहां होगी गाय की सेवा वहां होगा जीवन शुद्ध:विज्ञानानंद
    +3और स्लाइड देखें
  • जहां होगी गाय की सेवा वहां होगा जीवन शुद्ध:विज्ञानानंद
    +3और स्लाइड देखें
  • जहां होगी गाय की सेवा वहां होगा जीवन शुद्ध:विज्ञानानंद
    +3और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Abohar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×