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बठिंडा से अगवा मासूूम को 7 दिन बाद पुलिस ने अबोहर से खोज निकाला, 8 में से 7 आरोपी काबू

चंदन ठाकुर/अश्वनी काका | बठिंडा बठिंडा पुलिस के लिए चुनौती बने हुए एक साल के बच्चे के अपहरण मामले को पुलिस ने 149...

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 03:10 AM IST
बठिंडा से अगवा मासूूम को 7 दिन बाद पुलिस ने अबोहर से खोज निकाला, 8 में से 7 आरोपी काबू
चंदन ठाकुर/अश्वनी काका | बठिंडा

बठिंडा पुलिस के लिए चुनौती बने हुए एक साल के बच्चे के अपहरण मामले को पुलिस ने 149 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने एक साल के रितिक उर्फ मुन्ना को अपहरणकर्ताओं से सही सलामत बरामद कर उसे परिवार के हवाले कर दिया है।

वहीं अपहरण के 8 आरोपियों में से 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने खुलासा किया है कि गांव धुन्नीके निवासी एक महिला की 4 लड़कियां थीं। उसके भाईयों ने बहन के कहने पर एक योजना के अनुसार बच्चे का अपहरण किया था। बठिंडा पुलिस ने 6 दिनों तक चली सर्च के बाद उक्त आरोपियों को धर दबोचा। बता दें कि 1 साल के रितिक उर्फ मुन्ना का 3 मई की रात 12 बजे उस समय अपहरण हो गया था जब वह अपनी मां सपना के साथ घर के प्रांगण में सो रहा था। बच्चे को तलाशने के लिए पुलिस की 15 टीमें लगातार दिन-रात लगी हुई थीं। उन्हें वीरवार को सफलता मिली। बच्चा अबोहर के गांव काला टिब्बा के एक घर से बरामद किया है। आईजी ने बताया कि एसएसपी नवीन सिंगला और एसपी डी स्वर्ण सिंह खन्ना के नेतृत्व में बच्चे को बरामद करने वाली पुलिस टीम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

प्यार की झप्पी...

अगवा हुए मुन्ना के मिलने के बाद परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। मां सपना की गोद में मुन्ना बहन शिखा के दुलार करने पर खिलखिला उठा। फोटो अश्वनी काका।

एक साल का मासूम मां-बहन से मिलकर चहक उठा

आरोपियों का नहीं क्रिमिनल रिकॉर्ड

आईजी एमएफ फारूखी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में ये बात सामने आई है कि आरोपी गुरसाहिब सिंह और कुलवंत सिंह दो सगे भाई हैं। उनकी बहन हरजिंदर कौर जो जसविंदर सिंह वासी धुन्नीके साथ शादीशुदा है। जिसकी चार लड़कियां हैं। हरजिंदर कौर के लड़का न होने के कारण उसका ससुराल परिवार की ओर से उसे परेशान किया जाता था और उसको तलाक तक देने की धमकियां दी जाती थीं। इस बारे में उसने भाईयों गुरसाहिब सिंह व कुलवंत सिंह को बताया था। बहन का दुख देख दोनों भाईयों ने बच्चा अगवा करने की योजना बनाई और योजना के अनुसार गुरसाहिब, कुलवंत सिंह, बूटा सिंह व राज कुमार ने 3 मई को सुबह पहले रिंग रोड के पास रेकी की और रात के समय वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि अब तक की गई पूछताछ में आरोपियों का कोई आपराधिक रिकार्ड सामने नहीं आया है। अदालत में पेश करने के बाद आरोपियों को रिमांड लिया जाएगा।

आईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा

वीरवार को आईजी एमएफ फारूखी ने प्रेस कांफ्रेंस कर उक्त अपहरण कांड सुलझाने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बच्चा सही सलामत परिवार के पास पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरसाहिब सिंह वासी गांव घुद्दा, कुलवंत सिंह उर्फ कंतू वासी घुद्दा, राज कुमार उर्फ राजू वासी घुद्दा, बूटा सिंह वासी घुद्दा, जसविंदर सिंह उर्फ कमीरा वासी धुन्नीके, हरजिंदर कौर उर्फ माणे वासी धुन्नीके, परमजीत कौर उर्फ परम वासी घुद्दा, गुरमीत सिंह उर्फ गोरा के तौर पर हुई है। इनमें से कुलवंत सिंह को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आईजी ने बताया कि सीआईए-2 के इंचार्ज तेजिंदर सिंह व उनकी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरसाहब सिंह, राज कुमार उर्फ राजू व बूटा सिंह को समेत महिंदर पिकअप गाड़ी नरूआणा रोड पर टी-प्वाइंट के पास वीरवार को काबू किया। आरोपियों की निशानदेही पर गुरमीत सिंह उर्फ गोरा वासी काला टिब्बा अबोहर से जसविंदर सिंह, हरजिंदर कौर, परमजीत कौर के कब्जे से अगवा किए रितिक को बरामद किया।

छोड़ दी थी उम्मीद: पिता, मां बोली-भगवान पर था भरोसा

परिवार ने कहा-माता को झंडा चढ़ाएंगे और जागरण करवाएंगे

बठिंडा| बेटे के अगवा होने के दो दिन तक उसे उम्मीद थी कि उसका बेटा मिल जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतने गए तो उसकी उम्मीद भी टूटती गई। उसने ये सोच लिया था कि अब उसका बेटा शायद ही मिले। लेकिन वीरवार सुबह आठ बजे के करीब जैसे ही सीआईए-2 पुलिस से फोन आया कि उसका मुन्ना मिल गया है तो उसके आंखों से आंसू छलक उठे। उसने जैसे ही ये बात प|ी को जो बच्चे के वियोग के जिंदा लाश बनकर रह गई थी को बताई तो उसमें भी जान आ गई। ये बात एक साल के रितिक उर्फ मुन्ना के पिता रमेश कुमार ने कही।


दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए भावुक हुए रमेश कुमार ने कहा कि उसने उम्मीद छोड़ दी थी कि उसका मुन्ना अब मिल पाएगा लेकिन उसकी 8 साल की बेटी शिखा हर रोज उसे कहती थी कि पापा मुन्ना आएगा। रमेश कुमार ने बताया कि जिस दिन से उसका बेटा अगवा हुआ उसी दिन से उसकी प|ी सपना ने खाना पीना छोड़ दिया था। मुन्ना को गले लगाकर उसके माथे को चूमते हुए मां सपना ने कहा कि उसे भगवान पर पूरा भरोसा था और भगवान ने उसके कलेजे के टुकड़े को उसे वापस लौटा दिया। सपना ने कहा कि उसने मन्नत मानी थी कि बेटे के मिलने के बाद वह माता का झंडा चढ़ाने जाएंगे और मां का जागरण करवाएंगे।

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