सीएए का असर / पाकिस्तान से भारत आए 34 हिंदू परिवारों के 128 लोग, नहीं जाना चाहते वापस

अमृतसर के अटारी बॉर्डर स्थित आईसीपी पी रात गुजार रहे पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों के लोग।
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  • गुरुवार देर रात आए जत्थे में शामिल विष्णु ने बताया-25 दिन के वीजा पर भारत आए, पूर्वज राजस्थान के हैं
  • आईसीपी पर इर्द-गिर्द मंडराते रहे सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी, चेकिंग के बाद शुक्रवार सुबह गंतव्य की ओर रवाना

दैनिक भास्कर

Feb 15, 2020, 01:35 PM IST

अमृतसर. भारत सरकार की तरफ से नागरिकता कानून में संशोधन का भले ही देश के कुछ हिस्सों में विरोध हो रहा हो, लेकिन इसका असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार देर रात अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से दाखिल हुए 128 हिंदुओं की स्थिति इस तरफ इशारा कर रही है। हालांकि इन्हें सिर्फ 25 दिन का वीजा मिला है, पर इनके साथ भारी-भरकम बोरियों में मौजूद सामान और इनके दिल से जुबां पर आए दर्द पर गौर करें तो साफ है कि ये लोग वापस लौटकर जाने की बजाय यहीं बसने की चाहत लेकर आए हैं।

गुरुवार देर रात इंटेग्रेटिड चेक पोस्ट पर पाकिस्तान से आए कुछ लोगों के इर्द-गिर्द सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी भी नजर आए। इन पाकिस्तानी हिंदुओं की दुर्दशा देखकर नजर आ रहा था कि ये पाकिस्तान में अति गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाले हिंदू परिवार हैं।


इंटेग्रेटिड चेक पोस्ट किसी प्रकार की ट्रांसपोर्ट सुविधा न मिलने के कारण ये सभी बॉर्डर के गेट के बाहर बैठे रहे। वहां मीडिया द्वारा बात करने पर पता चला कि पाकिस्तान से आए ये 128 लोग 34 अलग-अलग हिंदू परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। जत्थे में शामिल विष्णु ने बताया कि वह 25 दिन के वीजे पर भारत आए हैं। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज राजस्थान के हैं, इसलिए उन्हें लेने के लिए राजस्थान से उनके पारिवारिक सदस्य भी यहां पहुंचे थे।

इन लोगों के साथ भारी-भरकम बोरियों में भरे सामान की चेकिंग में कस्टम विभाग को भी खासा वक्त लगा। तमाम औपचारिकताओं के बाद शुक्रवार सुबह ये लोग अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। हालांकि इन परिवारों को हरिद्वार में गंगा स्नान का ही वीजा मिला है, लेकिन दूसरी ओर इनमें से ज्यादातर का यही कहना था कि वह भारतीय नागरिकता लेने के लिए आए हैं। भारत सरकार उन्हें नागरिकता प्रदान करती है तो वो इसके आभारी होंगे।

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