पंजाब / बंद मुट्‌ठी से 60 सेकंड्स में 110 मुट्‌ठी बंद पुशअप लगा देता है 17 साल का अमृतबीर

गुरदासपुर जिले के गांव उमरवाला का 17 वर्षीय अमृतबीर सिंह। गुरदासपुर जिले के गांव उमरवाला का 17 वर्षीय अमृतबीर सिंह।
17 years old boy Amritbir Singh of Gurdaspur District can make 110 Push-ups in a Minute
17 years old boy Amritbir Singh of Gurdaspur District can make 110 Push-ups in a Minute
X
गुरदासपुर जिले के गांव उमरवाला का 17 वर्षीय अमृतबीर सिंह।गुरदासपुर जिले के गांव उमरवाला का 17 वर्षीय अमृतबीर सिंह।
17 years old boy Amritbir Singh of Gurdaspur District can make 110 Push-ups in a Minute
17 years old boy Amritbir Singh of Gurdaspur District can make 110 Push-ups in a Minute

  • गुरदासपुर जिले के गांव उमरवाला का अमृतबीर सिंह मिल्खा सिंह को मानता है आदर्श
  • भारत के नाम मेडल लाने, गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने और पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर बनने का सपना
  • देश की आजादी से अब तक गांव की सरपंची करते आ रहा है अमृतबीर सिंह का परिवार

दैनिक भास्कर

Aug 25, 2019, 11:00 PM IST

बटाला. गुरदासपुर जिले के गांव उमरवाला का अमृतबीर सिंह अभी किशाेरावस्था में ही है, लेकिन इसके हौसले-हिम्मत की उड़ान बहुत ऊंची है। महज 17 साल का अमृतबीर सिंह मुट्‌ठी बंद करके गिने-चुने 60 सेकंड्स यानि एक मिनट में 110 पुशअप्स लगा सकता है। वह यूनाइटेड किंगडम के केजे युसुफ काे भी पछाड़ चुका है, जिसे इंडिया ब्रूसली का खिताब हासिल है। असल में युसुफ के नाम 32 साल की उम्र में 82 मुट्‌ठीबंद दंड लगाने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड दर्ज है। अगली उड़ान की बात करें तो मिल्खा सिंह का फैन अमृतबीर सिंह देश के लिए मेडल लाने और पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर बनने की तमम्मा रखता है।

 

अमृतबीर सिंह का परिवार जहां खेतीबाड़ी से जुड़ा हुआ है, वहीं देश की आजादी के बाद से पीढ़ी-दर-पीढ़ी गांव की सरपंची संभाल गांववासियों की सेवा करता आ रहा है। अमृतबीर सिंह के परदादा बापू अमर सिंह जिनके नाम पर यादगारी गेट बना हुआ है, उन्होंने शुरू से ही गांव उमरवाल व गांव उगरेवाल की सरपंची निभाई। फिर दादा तरसेम सिंह ने 10 साल और इसके बाद पिता कुंवर निशान सिंह ने लगातार 15 साल गांव के सरपंच रह गांव का चहुंमुखी विकास करवाया। अब निशान सिंह के पुत्र अमृतबीर सिंह ने खेलों में विश्व रिकॉर्ड तोड़ पंजाब सहित पूरे हिंदुस्तान का नाम रौशन किया है। अमृतबीर सिंह के पिता पूर्व सरपंच निशान सिंह व पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य चाचा सिमरजीत सिंह काला ने बताया कि अमृतबीर सिंह जब आठवीं कक्षा में पढ़ रहा था तो अपने परिवार की उपलब्धियों को देखते उसने दिल में भी कुछ ऐसा कर गुजरने की ठानी, जिससे परिवार के साथ-साथ पंजाब का सर भी गर्व से ऊंचा हो सके। उसने अपना ध्यान खेलों की तरफ किया। छोटी सी उम्र में ही उसका हौसला देख पूरे परिवार ने भी साथ दिया।

 

घर के अंदर ही बना दिया जिम, रोज 4 घंटे करता है कसरत
अमृतबीर सिंह ने घर के भीतर ही कसरत करने के लिए देसी डंबल व ओर भी कसरत के लिए देसी सामान तैयार करवाया गया। आज तक अमृतबीर सिंह ने खेलों के लिए कोई भी कोचिंग नहीं ली है। वह दिन में कम से कम चार घंटे कसरत को तरजीह दे रहा है। अपना आदर्श हिंदुस्तान की शान मिल्खा सिंह को मानता है। वह भारत देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा रखता है। खेलों के साथ पढ़ाई में भी वो काफी तेज है।

 

अमृतबीर सिंह की उपलब्धियां

स्कूल व एकेडमी में वह हेड ब्वॉय रहा व मिस्टर पंजाब का खिताब भी उसने हासिल किया। जिला लेवल पर भी उसने खेलों में भाग ले अब तक अनेक ट्राॅफियां व प्रशंसा पत्र हासिल कर इलाके का मान बढ़ाया। इसी के मद्देनजर उसे स्वतंत्रता दिवस पर एसडीएम बटाला ने सम्मानित भी किया था। अमृतबीर सिंह के परिवारक सदस्यों व इलाकावासियों ने डीसी गुरदासपुर व एसडीएम बटाला से अपील की है कि अमृतबीर सिंह की छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियों को देखते हुए उसका नाम विश्व बुक में दर्ज करवा हौसला अफजाई की जाए।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना