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ऑपरेशन के 1 दिन बाद मरीज की मौत, फैमिली का आरोप- लगाया गलत इंजेक्शन

जिस समय मौत हुई, उससे दो घंटे पहले ही उसे दर्दनिवारक इंजेक्शन लगाया गया था।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 06:24 AM IST

अमृतसर. गुरुनानक देव अस्पताल की सर्जिकल वार्ड नंबर दो में वीरवार सुबह जम्मू निवासी 45 वर्षीय तुलसी देवी की मौत हो गई, जिस समय मौत हुई, उससे दो घंटे पहले ही उसे दर्दनिवारक इंजेक्शन लगाया गया था और उसके मुंह से झाग भी निकल रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज की मौत का कारण डॉक्टर्स की लापरवाही है। कोई गलत इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कारण उसकी मौत हुई। जानकारी के अनुसार तुलसी देवी का बुधवार को ही हर्निया का ऑपरेशन हुआ। उसके बाद वह ठीक थीं, लेकिन सुबह छह बजे के करीब ही उसे डॉक्टर ने दर्दनिवारक इंजेक्शन लगा दिया।

इसके बाद वह सो गई। हम सोचते रहे कि तुलसी देवी सो रही हैं, लेकिन एेसा नहीं था। आठ बजे के करीब उसके मुंह से सफेद झाग आनी शुरू हो गई। हिलाया तो देखा कि उसकी मौत हो चुकी थी। वार्ड में मौजूद डॉक्टर ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। उन्हें पूरा शक है कि डॉक्टर की लापरवाही से ही यह मौत हुई है। वहीं पति मनोहर लाल ने बताया कि तुलसी देवी का हर्निया का यह दूसरा ऑपरेशन था। उसका पहला ऑपरेशन जम्मू में हुआ था, जो ठीक नहीं हुआ था। इसके बाद दोबारा हर्निया हो गया और उसे गुरु नानक देव अस्पताल लाना पड़ा।


इंजेक्शन के कारण अगर मौत हो तो वे लगाते हुए या चंद मिनटों में ही हो जाती है। ओपन सर्जरी में कभी-कभी शरीर में खून का थक्का जम जाता है। इस मामले में वह थक्का जमा और उसने फेंफड़ों में खून का बहाव रोक दिया, जिस कारण मरीज के मुंह से झाग भी निकली है। - डॉ.सुदर्शन कपूर, प्रमुख, सर्जरी वार्ड-2