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कराची जेल में जासूसी के आरोप में बंद 2 पंजाबी युवक हो चुके हैं पागल, ये है पूरा मामला

पाकिस्तान से रिहा हुए 146 मछुआरों में शामिल गुजरात के कौड़ीनाथ के परवीन राठौड़ ने बताई पाक भारतीयों की दुर्दशा।

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2018, 06:17 AM IST
2 Punjabi youths are mad

अमृतसर. पाकिस्तान के कराची की लांडी जेल से रिहा हुए 146 मछुआरों में से गुजरात के कौड़ीनाथ के परवीन राठौड़ ने जेल में जासूसी के आरोप में दो पंजाबी युवकों के बंद होेने की बात कही है। उसके मुताबिक दोनों युवकों को बुरी तरह से टार्चर किए जाने की वजह से वे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उनमें से एक ब्लड कैंसर से पीड़ित है। वहीं रिहा हुए अन्य मछुआरों ने बताया कि पाक तट रक्षक बल ने उन्हें भारतीय जल सीमा से ही पकड़ा था, और बुरी तरह से पीटने के बाद उनके मोबाइल और पैसे भी छीन लिए गए। वहीं जेल में अच्छा खाना भी नहीं मिलने की बात कही।


गुजरात के मछुआरे परवीन राठौड़ के मुताबिक वह साढ़े नौ माह पाक जेल में बंद रहा है। एक दिन वह जेल में बने अस्पताल से दवाई लेने गया था जहां उसने पंजाब के जतिंदर और योगराज (उम्र करीब 28 साल) नाम के दो युवकों को देखा था। उसने उन दोनों से बात करने की कोशिश की लेकिन वह बात करने की हालत में नहीं थे। अस्पताल के स्टाफ से ही पता चला था कि वे दोनों जासूसी के आरोप में पकड़े गए थे और जतिंदर ब्लड कैंसर पीड़ित है।

हालांकि राठौड़ का कहना है कि युवकों की दिमागी हालत के कारण उनके जिलों का पता नहीं चला पाया। वहीं दोनों को बुरी तरह से टार्चर किया गया था। राठौड़ के मुताबिक उनकी किश्ती में लगे जीपीएस सिस्टम के मुताबिक वह भारतीय जल सीमा में थे लेकिन फिर भी पाक तटरक्षक बल उसे पकड़ ले गए था।

पाकिस्तान तटरक्षक दल पैसे छीन कर पीटते हैं

सोनारी के रहने वाले भूपत के मुताबिक जेल में अभी भी 250 के करीब भारतीय मछुआरे बंद पड़े हुए हैं। कैदियों को रोजाना जेल में 5 रोटियां खाने को मिलती थीं। समुद्र में पकड़े जाने पर जब भारतीय मछुआरे कहते हैं कि उनके पास पैसे नहीं है तो तो तलाशी के बाद पैसे निकलने पर पाकिस्तानी तटरक्षक दल वाले उन्हें बुरी तरह से पीटते हैं।

जेल में घर से आई चिट्ठियां तीन माह नहीं दीं

जिला गेरसोमनाथ के शफीक ने बताया कि उनकी बोट का जीपीएस सिस्टम खराब था और वे सोए थे कि पकड़े गए। पाक तटरक्षक दल ने उनके पैसे और मोबाइल छीन कर उनकी पिटाई की। जेल में 3 माह तक उनके घरों से आई चिट्ठियां नहीं दी गईं। उसके छोटा भाई फिरोज (24) अभी भी लांडी जेल में बंद है। जेल में बंद 250 मछुआरों में से 3 को अधरंग हो चुका है।

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