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बेटी ने आधी रात में पिता से कहा- पेट में है दर्द, किया ऐसा उपाय कि दो बहनों की हुई मौत

नेपाल की रहने वाली थी ये फैमिली, पिछले सात साल से मंदिर मंदिर में करता था काम।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 02:47 AM IST
हादसे के बाद सिविल अस्पताल में मृत पड़ी रंजना। हादसे के बाद सिविल अस्पताल में मृत पड़ी रंजना।

मौड़ मंडी (बठिंडा). प्राचीन दुर्गा माईसर खाना मंदिर के भंडारे में काम करने वाले एक नेपाली परिवार को गैस चढ़ने से दो बहनों की मौत हो गई। जबकि घटना के दौरान दंपति समेत तीन लोग बेहोश हो गए। तीनों का शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार माईसरखाना के प्राचीन दुर्गा मंदिर के परिसर में रहने वाले एक नेपाली परिवार के पांच सदस्यों को शुक्रवार सुबह संदिग्ध हालत में बेहोश पाया गया। जिनमें दंपत्ति समेत उनकी तीन बेटियां शामिल थी। सुबह मंदिर के मैनेजर व ग्रामीणों ने बेहोशी की हालत में पूरे परिवार को मौड़ के निजी अस्पताल में पहुंचाया गया। ऐसे हुआ हादसा...

- डॉक्टरों ने रंजना (10) और मनीषा (8) दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। नेपाल निवासी लक्ष्मन सुनार पिछले सात वर्ष से मंदिर के भंडारे की रसोई में खाना बनाने का काम करता था और वह अपनी पत्नी, बच्चों समेत मंदिर परिसर के कमरे में रहता था।

- लक्ष्मन सुनार की पत्नी मीणा सुनार (धनकलां) ने बताया की रोजाना की तरह वीरवार की रात को करीब साढ़े 9 बजे जब सोने के लिए कमरे में गए तो छोटी बेटी मनीषा ने पेट दर्द की शिकायत की। मैने ठंड के बचाव के लिए एक तसले में आग जलाई ताकि बेटी को ठंड लगी हो तो उससे बचाव हो सके।

- कुछ समय बाद आग काे कमरे से बाहर निकाल दिया। इसके बाद दूसरी बेटी की हालत भी अचानक बिगड़ती हुई देखकर रात एक बजे दूसरी बार उन्होंने आग जलाकर कमरे में रख दी ताकि कमरा गर्म हो जाए। इसके बाद पूरा परिवार सो गया। सुबह पांचों बेहोशी की हालत में मिले। जिन्हें लोगों ने अस्पताल में पहुंचाया।

जागरुकता की कमी से हर साल हो रहे हादसे

- चार साल पहले 4 जनवरी 2014 को बठिंडा के बाबा दीप सिंह नगर में रह रहे राज मिस्त्री अमनदीप सिंह और उनकी पत्नी कांता देवी की बंद कमरे में अंगीठी से निकली गैस से मौत हो गई। उनकी तीन माह की बेटी नूर रजाई में लिपटी जिंदा थी।

- इसी तरह का एक हादसा वीरवार की रात माईसर खाना के प्राचीन दुर्गा माइसरखाना मंदिर के भंडारे में काम करने वाले एक नेपाली परिवार के साथ घटित हुआ। यहां अंगीठी की गैस चढ़ने से दो बहनों की मौत हो गई जबकि घटना के दौरान दंपती समेत तीन लोग बेहोश हो गए।

- परिवार की लापरवाही ने रंजना (10) और मनीषा (8) दो बच्चियों की जान ले ली। लक्ष्मण सुनार अपनी पत्नी, बच्चों समेत मंदिर परिसर के कमरे में रहता था। रात एक बजे उन्होंने आग जलाकर कमरे में रख दी ताकि कमरा गर्म हो जाए। इसके बाद पूरा परिवार सो गया। सुबह पांचों बेहोशी की हालत में

नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस से हुई मौत

- ​डॉक्टर पवन गर्ग ने बताया कि मंदिर में काम करने वाले परिवार के पांच सदस्य बेहोशी की हालत में हॉस्पिटल पहुंचे थे।

- शुरुआती जांच में पता चला है कि वातावरण में नाइट्रोजन ऑक्साइड स्तर बढ़ जाने से दो बच्चों की मौत हो गई है जबकि अन्य तीन का इलाज चल रहा है।

बंद कमरे में अलाव या अंगीठी न जलाएं

- डॉ. भुपिंदर सिंह बांसल का कहना है कि अंगीठी और अलाव तापते समय इस बात का ध्यान रखें कि जिस कमरे में अलाव व अंगीठी रखी गई है वह पूरी तरह से बंद न हो।

- अंगीठी रखने से पहले कोई खिड़की या दरवाजा अवश्य खुला रखें, जिससे ऑक्सीजन का आवागमन बना रहे और कार्बन मोनो आक्साइड गैस उस कमरे से बाहर निकल सके।

ठंड में बढ़ जाती है कोयले की खपत

ठंड से बचने के लिए अलाव, कोयले की अंगीठी और हीटर का सहारा ले रहे हैं, जो उनके लिए खतरनाक सिद्ध रहा हैं। अधिकांश को तो यह भी पता नहीं होता कि अंगीठी तापने और बंद कमरे में हीटर चलाकर छोड़ने से उनके शरीर को क्या नुकसान होने वाला है। कच्चा व पक्का कोयले के साथ लकड़ी व उपले की खपत एकाएक बढ़ती है। जिले में प्रतिदिन 10 से 15 क्विंटल कच्चे कोयले की खपत हो रही है।

क्या है डॉक्टराें की राय

कॉर्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनती है जानलेवा : डा. जिंदल

डॉ. सतीश जिंदल के अनुसार अंगीठी में कच्चे कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इससे कॉर्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है। यह गैस कमरे में ऑक्सीजन को रिप्लेस कर देती है। जिससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है और आक्सीजन की कमी से मौत भी हो जाती है।

सूख जाती है आंसुओं की परत : सैनी

डाॅ. जीएस नागपाल का कहना है कि हीटर व अंगीठी आंखों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। हीटर व अंगीठी का प्रयोग करने से आंखों की आंसुओं की परत सूख जाती है बच्चों की आंखों में परेशानी होने की संभावनाएं रहती है।

डीएसपी ने लिया घटना स्थल का जायजा

- माईसरखाना के प्राचीन दुर्गा माईसर खाना मंदिर के भंडारे में काम करने वाले नेपाली लक्षमन सुनार समेत परिवार के पांच लोग बेहोशी की हालात में मिले थे।

- गैस चढ़ने की इस घटना में दो लड़कियों की मौत हो गई है। दर्ज बयान के तहत पुलिस ने मामला दर्ज कर 174 की कार्रवाई की है।

नेपाल निवासी लक्ष्मन सुनार अस्पताल में उपचार अधीन नेपाल निवासी लक्ष्मन सुनार अस्पताल में उपचार अधीन
मृतका नजदीक खडे पुलिस कर्मचारी जांच करते हुए। मृतका नजदीक खडे पुलिस कर्मचारी जांच करते हुए।
माइसरखाना के प्राचीन दुर्गा मंदिर कमेटी से बात करते हुए डीएसपी माइसरखाना के प्राचीन दुर्गा मंदिर कमेटी से बात करते हुए डीएसपी
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हादसे के बाद सिविल अस्पताल में मृत पड़ी रंजना।हादसे के बाद सिविल अस्पताल में मृत पड़ी रंजना।
नेपाल निवासी लक्ष्मन सुनार अस्पताल में उपचार अधीननेपाल निवासी लक्ष्मन सुनार अस्पताल में उपचार अधीन
मृतका नजदीक खडे पुलिस कर्मचारी जांच करते हुए।मृतका नजदीक खडे पुलिस कर्मचारी जांच करते हुए।
माइसरखाना के प्राचीन दुर्गा मंदिर कमेटी से बात करते हुए डीएसपीमाइसरखाना के प्राचीन दुर्गा मंदिर कमेटी से बात करते हुए डीएसपी
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