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मां को सदमा न पहुंचे इसलिए छुपाई भाई की मौत की खबर, खुद दहाड़ें मार रोता रहा

अंधेरे में टॉर्च के सहारे 3 घंटे चला सर्च ऑपरेशन, लेकिन चली गई 8 दोस्तों की जान।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 04, 2018, 12:58 PM IST

    • 5 घंटे गुरुद्वारे में बैठा रहा दविंदर का भाई रजिंदर

      अमृतसर/स्वारघाट.चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्वारघाट के पास नालियां में इनोवा कार के बेकाबू होकर सड़क से लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिरने से अमृतसर के 8 युवकों की मौत हो गई। ये सभी मणिकर्ण में माथा टेकने के बाद घर लौट रहे थे। हादसे में एक युवक घायल भी हुआ है। इस हादसे में काले गांव के दविंदर सिंह उर्फ सोनू की मौत की खबर सुबह ही फैल चुकी थी मगर उसके भाई रजिंदर सिंह ने परिवार को सिर्फ इतना ही बताया कि हादसे में दविंदर जख्मी हुआ है और उसका इलाज चल रहा है। वह नहीं चाहता था कि उसकी मां को किसी तरह का सदमा पहुंचे, लेकिन रजिंदर सुबह से गांव के गुरुद्वारा साहिब में बैठकर रोता रहा। ऐसे बताया मां को...

      - उसने पड़ोसियों से कह दिया था कि अगर कोई घर पर हमदर्दी जताने आए तो उसे गुरुद्वारे में ही भेज दे।

      - हालांकि दोपहर में बुजुर्गों ने किसी तरह उसे समझा-बुझाकर परिवार को दविंदर की मौत की सूचना देने के लिए राजी किया।

      - रोते-रोते उसने किसी तरह अपनी बहनों को भाई की मौत की खबर दी।

      - दविंदर की मां और पत्नी इसे सुनते ही बेहोश हो गईं। गांव की महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। रात साढ़े 9 बजे डेडबॉडी गांव पहुंची। साढ़े 10 बजे गांव के श्मशानघाट में उनका संस्कार कर दिया गया।

      5 घंटे गुरुद्वारे में बैठा रहा दविंदर का भाई

      - दविंदर की मौत की खबर उसकेभाई रजिंदर को सुबह ही मिल गई, लेकिन उसनेमांको इतना बताया कि दविंदर मामूली सा जख्मी है, क्योंकि वह जानता था कि भाई की मौत का सदमा मां नहीं सह पाएगी।

      - वह खुद 5 घंटे तक गुरुद्वारेमें जाकर रोता रहा।

      कई माएं तो मानने को तैयार नहीं थीं

      - कई माएं ऐसी थीं, जिनको हादसे का पता था और लोग बता भी रहे थे कि उनके बेटे नहीं रहे, लेकिन वह सदमे से इस कदर प्रभावित थीं कि मानने को तैयार नहीं थीं कि उनकी कोख सूनी हो चुकी है।

      - श्मशान में जिन लोगों की चिताएं जलाईं गईं उनमें दविंदर सिंह उर्फ सोनू, गुरविंदर सिंह उर्फ लाडू और उसका भाई जसवीर सिंह उर्फ गोपी, कंवलजीत सिंह उर्फ लवली, बलजीत सिंह बब्बू और प्रदीप सिंह के नाम शामिल थे।

      - इस साल की होली का त्योहार प्रभावित परिवारों के घरों की खुशियां खाक कर गया और दे गया पीढ़ियों तक के लिए यह पर्व न मनाने की पीड़ा।

      5 माह पहले पति की मौत, अब मां का साथ छोड़ गया कंवलजीत

      -हादसे में मारे गए राजासांसी के कंवलजीत सिंह उर्फ लवली (18) के पिता मनजीत सिंह का निधन 5 महीने पहले हुआ था।

      -लवली की मां परमजीत कौर ने बताया कि आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण किसी तरह लवली ने 12वीं पास की।

      - वह नौकरी की तलाश में था। बुधवार को दोस्तों के साथ मणिकर्ण साहिब चला गया।

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      दविंदर सिंह की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी बेहोश हो गई।
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