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एक साथ जली 6 दोस्तों की चिताएं, डेडबॉडी देख माएं कहती रहीं मेरा बेटा नहीं है ये

जैसे ही शवों को गाड़ी से उतारा गया हर तरफ चीखोपुकार मच गई, परिवार वालों की हालत देख सभी रो पड़े।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 04, 2018, 12:54 PM IST

    • छह युवकों के शवों का शुक्रवार रात एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

      अमृतसर/स्वारघाट.चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्वारघाट के पास नालियां में इनोवा कार के बेकाबू होकर सड़क से लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिरने से अमृतसर के 8 युवकों की मौत हो गई। ये सभी मणिकर्ण में माथा टेकने के बाद घर लौट रहे थे। हादसे में एक युवक घायल भी हुआ है। अमृतसर में मैकेनिक का काम करने वाले 9 युवक एक साथ इनोवा कार से मणिकर्ण में माथा टेकने गए थे। दर्शन के बाद वे घर वापस लौट रहे थे लेकिन स्वारघाट से करीब 2 किलोमीटर आगे नालियां के पास उनकी कार के ब्रेक फेल हो गए और तेज रफ्तार होने की वजह से वह बेकाबू होकर गहरी खाई में लुढ़क गई। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है िक कार के परखच्चे उड़ गए और युवक इधर-उधर छिटक गए। जिंदा बचे व्यक्ति ने बताया ये सच...

      - मैं, मेरा सगा भाई मनदीप, ताया- बुआ के 4 बेटे और 3 अन्य दोस्त बुधवार को मणिकर्ण साहिब में माथा टेककर रात में मनाली आ गए। वीरवार सुबह वहां से आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुए। हम रात तक वहां पहुंचना चाहते थे ताकि शुक्रवार सुबह होला-महल्ला देख सकें।

      - मणिकर्ण से रवाना होने से पहले हमने ग्रुप फोटो खिंचवाई और “बोले सो निहाल, सतश्री अकाल’ के जयकारे के साथ गाड़ी में बैठ गए। घुमावदार हाईवे पर हम हंसते- हंसाते आगे बढ़ रहे थे। गाड़ी दविंदर चला रहा था और मैं उसके साथ आगे की सीट पर बैठा था। रात 9.40 बजे स्वारघाट से दो किलोमीटर आगे, काली माता मंदिर के पास तीखे मोड़ पर दविंदर ने ब्रेक लगाए तो ब्रेक वायर टूट गई।

      - दविंदर ने गाड़ी संभालते हुए ब्रेक वॉयर टूटने के बारे में बताया तो हमने सलाह दी कि गाड़ी को पहाड़ी से टकरा दे। इससे पहले कि वह ऐसा करता, सामने से ट्रक आ गया जिससे बचने के चक्कर में स्टियरिंग दूसरी तरफ घूम गया और गाड़ी हाईवे के किनारे लगे क्रैश बैरियर तोड़ती हुई खाईं में पलटियां खाने लगी। दो-तीन पलटियां खाने तक सब होश में थे। अचानक मेरी तरफ वाली खिड़की खुल गई और मैं बाहर जा गिरा। ये सब चंद पलों के अंदर ही हो गया। उसके बाद क्या हुआ, मुझे नहीं पता।

      होश आया तो दिखा ये

      - जब होश आया तो छाती व गर्दन के पिछले हिस्से में तेज दर्द महसूस हुआ। दिमाग पर जोर डाला तो याद आया कि हमारी कार तो खाई में गिर रही थी। मैं किसी तरह उठकर मनदीप और दूसरों का नाम लेकर आवाज देने लगा। - चोट के कारण ऊपर सड़क तक जाना मुश्किल था, इसलिए मैं किसी तरह खाई में उतरने लगा। कुछ कदम चलने पर टार्च की रोशनी दिखी तो फिर आवाज लगाई जिसे सुनकर टार्च वाली जगह से जवाब आया-हम बचाने आ गए हैं, जहां हो, वहीं रुक जाओ।

      - एक-दो मिनट बाद कुछ लोग पहुंचे और मुझे नीचे गाड़ी के पास ले गए। वहां टॉर्च की रोशनी में खून ही खून बिखरा दिखा।

      - लाशों के चीथड़े, कार का इंजन और पहिए इधर-उधर पड़े थे। मैं न तो कुछ बोल पाया और न सोच पाया। लोगों ने पानी पिलाया तो थोड़ा संभला। लोग गाड़ी में फंसी लाशें निकालने में लगे थे।

      - उस समय गुरविंदर की सांसें चल रही थी। आनन-फानन में उसे और मुझे नालागढ़ अस्पताल पहुंचाया मगर गुरविंदर बच नहीं सका। मेरी स्थिति कुछ संभली तो अमृतसर भेज दिया।

      अंधेरे में टॉर्च के सहारे 3 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

      - स्वारघाट मेंघटनास्थल सेकुछ दूर स्थित आरटी बैरियर पर तैनात राजकुमार, होमगार्ड जवान कर्मसिंह और आसपास के ढाबेवालेधमाका सुनकर काली माता मंदिर केपास पहंुचे।

      - वहां क्रैश बैरियर टूटा देखकर वह पहाड़ी सेनीचेउतरेऔर स्वारघाट थानेमेंसूचना दी। सूचना मिलतेही पुलिस मौकेपर पहुंच गई।

      - स्वारघाट के एसडीएम अनिल चौहान और नयनादेवी केडीएसपी अनिल शर्मा भी पहंुच गए। अंधेरे में टाॅर्च व बैटरी के सहारे 3 घंटे सर्च आॅपरेशन चलाया।

      - उलटी पड़ी गाड़ी केअगले हिस्से में2 युवक फंसेथे। लोगों नेरस्से केसहारेगाड़ी सीधी कर युवकों को बाहर निकाला।

      ये हैं मृतकों के नाम

      - मृतकों की पहचान मनदीप सिंह (28), जसवीर सिंह (28), गुरविंद्र सिंह (33), बलजीत सिंह (22), देवेंद्र सिंह (32), प्रदीप सिंह (21), कंवलजीत सिंह (26) तथा कंवलजीत (32) के रूप में हुई।

      - घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित आरटीओ बैरियर पर तैनात कर्मियों ने धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनी।

      - बैरियर कर्मी राजकुमार और होमगार्ड के जवान कर्म सिंह के साथ स्थानीय ढाबा संचालकों और लोग काली माता मंदिर के पास पहुंचे।

      - वहां क्रैश बैरियर टूटा देख वे पहाड़ी से नीचे उतरे। किसी के कराहने की आवाज सुनाई देने पर उन्होंने स्वारघाट थाने और 108 नंबर पर इसकी सूचना दी।

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      दविंदर सिंह की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी बेहोश हो गई।
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      कंवलजीत की मां रोते हुए।
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      गुविंदर और जसवीर की मौत से पूरा परिवार ही उजड़ गया
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      दोस्तों का आखिरी ग्रुप फोटो।
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      प्रदीप (20) द्वारा मनाली सेभेजी गई आखिरी सेल्फी। उसी नेसाथियों की ग्रुप फोटो ली थी।
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      अमृतसर के अस्पताल में भर्ती सुखदीप बोला-मुझे नहीं पता वो मर चुके, मैं मदद के लिए पुकारता रहा
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