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नशे के लिए कैदियों से 86 हजार वसूले, केस दबाने की रिश्वत लेता अफसर पकड़ाया

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 06:05 AM IST

कैदी ने अपने भाई को ये बात बताई तो उसने विजिलेंस को शिकायत कर दी।

86 thousand recovery from prisoners for intoxicants
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बठिंडा/मानसा. मानसा जेल में बीड़ी, जर्दा, मोबाइल रिचार्ज अन्य सामान बेचने के लिए कैदियों से वेल्फेयर फंड के नाम पर 86 हजार से अधिक वसूले गए। पैसे कैंटीन में ही सहायक का काम कर रहे कैदी ने अपने खाते में डलवाए। आरोप है कि जब इसका पता डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट को पता चला तो उसने कैदी गौरव को मामला दबाने के लिए 86 हजार के अलावा एक लाख रिश्वत मांगी। नहीं देने पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। कैदी गौरव ने अपने भाई को ये बात बताई तो उसने विजिलेंस को शिकायत कर दी।

बठिंडा रेंज की विजिलेंस टीम ने रविवार को ट्रैप लगाकर जेल के वेलफेयर अफसर सिकंदर िसंह और कैंंटीन इंचार्ज कैदी पवन कुमार को 50 हजार रिश्वत लेते पकड़ लिया। डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट गुरजीत सिंह बराड़ पर भी केस दर्ज किया है। जेल में अफसरों और कैदियों की मिलीभगत से चल रहे गोरखधंधे में जेल सुपरिंटेंडेंट बलविंदर सिंह रंधावा की भूमिका भी जांची जा रही है।

एसएसपी ने कहा, कैदी को अदालत के आदेश के बगैर जेल से बाहर नहीं लाया जा सकता। इमरजेंसी हो तो कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। मगर वेल्फेयर अफसर कानून ताक पर रख मर्डर केस के दोषी पवन को बाहर अपने साथ ले आया। इसकी भी जांच की जा रही है। एसएसपी के मुताबिक पैसों के लेन देन की पूरी डील पवन गौरव जेल में फोन पर करते रहे। इससे साफ है कि जेल में मोबाइल यूज हो रहा है। मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट बलविंदर सिंह रंधावा की भूमिका भी जांची जाएगी। जल्द ही डिप्टी सुपरिंटेंडेंट गुरजीत सिंह बराड़ को भी पकड़ लिया जाएगा।

कैदी के भाई की शिकायत पर विजिलेंस ने लगाया ट्रैप
एसएसपीजगजीत सिंह ने बताया, परेशान गौरव ने इसकी जानकारी अपने भाई रविंदर को दी। रविंदर ने शनिवार को विजिलेंस को शिकायत कर दी। रविंदर के कहने पर गौरव ने सिकंदर सिंह तथा पवन को बताया, रविवार को उसका भाई पैसे लेकर रहा है। योजना के अनुसार रविवार दोपहर रविंदर 50 हजार कैश और 86 हजार का चेक लेकर जेल के बाहर तामकोट-भैणीबागा रोड पर पहुंचा। दोनों आरोपी वहां मौजूद थे। जैसे ही दोनों ने पैसे और चेक पकड़े, टीम ने धर दबोचा।

रिश्वत के लिए नशा तस्करी के कैदी को ऑफिस में बुला पीटा
एसएसपी विजिलेंस जगजीत सिंह भुगताना ने बताया, कत्ल केस में उम्रकैदी पवन कुमार जेल में कैंटीन इंचार्ज था जबकि नशा तस्करी में 12 साल कैद काट रहा हरियाणा के शाहबाद का गौरव कैंंटीन में सहायक था। गौरव ने कैदियों को बीड़ी, जर्दा, मोबाइल रिचार्ज अन्य खानपान का सामान दिलाने के लिए उनके परिजनों से अपने खाते में पैसे डलवा लिए। पता चला है कि बाहर 10 रुपए में मिलने वाला बीड़ी बंडल 300 में बेचा जाता था। गौरव ने इस बारे जब अन्य कैदियों को बताया तो यह बात डिप्टी सुपरिंटेंडेंट गुरजीत सिंह बराड़ तक पहुंच गई। उन्होंने गौरव को आफिस में बुलाया और धमकाते कहा, उसने कैदियों से जो वसूली की उसे उन्हें दे दे और एक लाख रिश्वत अलग से दे। विरोध पर उसे पीटा गया। बराड़ ने पैसे वसूलने के लिए जेल वेल्फेयर अफसर सिकंदर सिंह और कैदी पवन की ड्यूटी लगा दी। वो दोनों लगातार गौरव को प्रताड़ित कर पैसे के लिए दबाव बना रहे थे।

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