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लूटने से पहले की थी रेकी, सीसीटीवी फुटेज में दिखे तो आए पकड़ में

क-एक करके कड़ियां जुड़ती गईं और सिंघानिया दंपती को बंदी बनाकर लूटने का मामला तीन दिनों में ही सुलझ गया।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 07:09 AM IST
डीसीपी इंवेस्टीगेशन जगमोहन सिंह,एडीसीपी-1 जेएस वालिया और एसीपी साउथ मनजीत सिंह। डीसीपी इंवेस्टीगेशन जगमोहन सिंह,एडीसीपी-1 जेएस वालिया और एसीपी साउथ मनजीत सिंह।

अमृतसर. रविवार सुबह लूट की घटना से दो दिन पहले रात दो बजे सिंघानिया अस्पताल में रेकी करना आरोपियों को भारी पड़ गया। अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों का रात के समय घूमना ही पुलिस की आंखों में खटका। इसके बाद एक-एक करके कड़ियां जुड़ती गईं और सिंघानिया दंपती को बंदी बनाकर लूटने का मामला तीन दिनों में ही सुलझ गया।

गौरतलब है कि सिंघानिया अस्पताल में घुस डॉ. ओम प्रकाश सिंघानिया व उनकी पत्नी माया सिंघानिया को बंधक बनाकर तीन लुटेरों ने नकदी, हीरे, सोने और चांदी के गहने लूट लिए थे। पुलिस ने अस्पताल की ही हेल्पर शहीद ऊधम सिंह नगर निवासी नवजोत कौर के साथ सगे भाई गोबिंद शेरगिल को इस मामले में गिरफ्तार किया है, जबकि दो मौसेरे भाइयों सोनू और छब्बा अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि मामले के बाद ही डीसीपी इन्वेस्टिगेशन जगमोहन सिंह, एडीसीपी जेएस वालिया और एसीपी मनजीत सिंह ने मिलकर मामले को सुलझाया। मामले की शुरुआत क्राइम सीन स्टडी के बाद ही की गई। सीसीटीवी से कुछ क्लू मिले, जिनके बाद एक-एक करके सारा मामला सुलझता गया। इसके अलावा एक टीम अस्पताल में काम कर रहे कर्मचारियों की जांच में जुट गई। इसमें बात सामने आई कि आरोपी नवजोत का भाई गोबिंद नशे का आदी था। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों नवजोत और भाई गोबिंद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से 90,500 रुपए और 25 लाख रुपए के करीब गहने भी बरामद हो गए हैं।

रात को 11 बजे ही अस्पताल के अंदर घुस गए थे लुटेरे
नवजोत पिछले छह सालों से अस्पताल में काम करती थी। शनिवार रात 11 बजे ही आरोपी अस्पताल में नवजोत की सहायता से पहुंच गए थे। इसके बाद सुबह अस्पताल के ऊपर बने घर का दरवाजा खुलने का इंतजार किया। छह बजे आरोपी ऊपर आए और दंपती को बंधक बनाकर लूट लिया।

स्टाफ का घर में आना-जाना था
अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ का ऊपर स्थित निवास स्थान में आना-जाना था। आरोपी हेल्पर नवजोत कौर को घर की हर चीज का पता था। सुबह दरवाजा कितने बजे खुल जाता, इसकी भी जानकारी भी उसे थी।

पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि नवजोत और गोबिंद को गिरफ्तार किया गया है। उनसे 90,500 रुपए और 25 लाख रुपए के करीब गहने भी बरामद हुए हैं। पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि नवजोत और गोबिंद को गिरफ्तार किया गया है। उनसे 90,500 रुपए और 25 लाख रुपए के करीब गहने भी बरामद हुए हैं।