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गांव से आए छात्र शहर में मौज के लिए अपने काॅलेज स्टूडेंट्स को ही करने लगे नशा सप्लाई

इंप्रेशन जमाने और मौज मस्ती के लिए नशे की तस्करी करना शुरू कर दी।

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2018, 06:38 AM IST
College students started doing drugs only

बठिंडा. गांव से शहर में उच्च शिक्षा हासिल करने आए दो युवक शहर की चकाचौंध में इस कदर भड़के कि मौज मस्ती के लिए नशे की तस्करी करने लगे। परिजनों को इतना पता था कि उनके बच्चे शहर में पढ़ने के लिए गए हैं लेकिन उन्होंने इंप्रेशन जमाने और मौज मस्ती के लिए नशे की तस्करी करना शुरू कर दी। नशीली गोलियां खरीदकर उसे आगे काॅलेज के छात्रों के अलावा आसपास के इलाकों में नौजवानों को बेचने का धंधा करने लगे। काली कमाई का यह धंधा ज्यादा समय नहीं चल सका व सीआईए-2 विंग ने गोनियाना रोड पर स्थित मालवा काॅलेज के दोनों स्टूडेंट्स को 100 नशीली शीशियों और 1990 नशीली गोलियों समेत गिरफ्तार कर लिया।

दूसरे कॉलेज के छात्रों को भी चंगुल में फंसाया
मंगत राय और दविंदर कुमार दोनों स्टूडेंट्स मालवा कालेज के अलावा शहर के अन्य कालेजों के छात्रों की नशीली दवाइयों की सप्लाई देते थे। इन संस्थानों में वह छात्र बनकर जाते थे व वहां लड़कों व लड़कियों को अपने चंगुल में फंसाकर उन्हें बाजार में 50 से 60 रुपए तक मिलने वाले नशे के पत्ते 250 से 300 रुपए पत्ता बेचते थे। गिरफ्तार किए स्टूडेंट्स की पहचान मंगत राय वासी कोटगुरु और दविंदर कुमार वासी बलाहड़ महिमा के तौर पर हुई है। मंगत राय पहले चंडीगढ़ में एमबीए कर रहा था लेकिन एक हादसे का बाद वह पढ़ाई पूरी नहीं कर सका तो बठिंडा में गोनियाना रोड स्थित कालेज में दाखिला ले लिया। पुलिस ने आरोपियों से एक स्विफ्ट डिजायर कार (पीबी -4-टी -3084) भी बरामद की। मंगत राय कालेज में डीपीएड का छात्र था जबकि कि दविंदर कुमार उसी कॉलेज में बीएस फर्स्ट की पढ़ाई कर रहा था। सीआईए -2 के प्रभारी तरजिंदर सिंह ने कहा कि हमें एक गुप्त सूचना मिली थी जिस पर कार्रवाई की गई।

टीम का गठन कर ट्रैप लगाया
सीआईए-2 की पुलिस ने टीम का गठन कर ट्रैप लगाया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए-2 इंचार्ज तरजिंदर सिंह ने बताया कि मंगत राय इस तस्करी का किंगपिन था जो चार दिन में सप्लाई को नशेड़ियों तक पहुंचा देता था। मंगत राय ने इस काम में डिलिवरी देने के लिए अपने साथी दविंदर कुमार को रखा हुआ था। मंगत राय ने कॉलेज के पास सुनसान इलाके में मकान किराए पर ले रखा था। किराये के घर के पास एक सीवरेज कवर के नीचे नशीले पदार्थ छिपाकर रखता था। जब किसी की फोन पर डिमांड आती थी तो ये लोग तुरंत नशे की सप्लाई देते थे। सीआईए-2 इंचार्ज के अनुसार ये लोग नशीले पदार्थ कहां से लेकर आते थे, ये जांच का हिस्सा है। रिमांड हासिल करने के बाद पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि ये लोग कहां से नशा लेकर आते थे। इनके अधिकांश ग्राहक उनके कालेज और अन्य कालेजों के छात्र थे।

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