अमृतसर

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शादी के ही दिन घर से निकली तीन लाशें, दर्दनाक कहानी का हुआ खौफनाक अंत

हनी का जन्म पिता की मौत के दो महीने बाद हुआ था। जिस मां ने जन्म दिया, उसका पूरी जिंदगी मुंह नहीं देखा।

Danik Bhaskar

Jan 15, 2018, 07:27 AM IST
तीनों शवों का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीनों शवों का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बरनाला (पंजाब). यहां के 25 साल के यूथ कांग्रेसी नेता हरमेश मित्तल उर्फ हनी की रविवार को शादी थी। शादी के ही दिन कैंसर पेशेंट हनी के 80 साल के दादा की मौत हो गई। दादा के मौत से दुखी हनी ने पहले अपनी दादी को गोली मार दी। फिर उसके बाद उसने खुद को भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया।


जन्म से 2 महीने पहले पिता की मौत मां देखी नहीं, दादा-दादी ने पाला था

- हनी का जन्म पिता की मौत के दो महीने बाद हुआ था। जिस मां ने जन्म दिया, उसका पूरी जिंदगी मुंह नहीं देखा।

- जन्म देने के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी और फिर कभी नहीं आई। दादा-दादी के पास ही पला बढ़ा और आज उन्हीं के साथ ही चला गया।

- अगस्त 1992 में जन्में हनी के पिता हैप्पी टल्लेवालिया की मौत हनी के जन्म से दो महीने पहले हो गई थी। हनी के पिता की शादी को एक साल भी नहीं हुआ था।

- हनी के पिता की मौत के बाद दोनों परिवारों की सहमती से उसकी मां की शादी कहीं और करना तय हुआ था। हनी के पिता चार बहनों के अकेले भाई थे।

- इसलिए दादा और दादी ने बहू से कहा था बच्चे को जन्म दें, हम उसे पालेंगे। जिसके चलते उसने हनी को जन्म देने के बाद उसको दादा-दादी को सौंप दिया।

- आम बच्चों की तरह घर में मम्मी-डैडी का ना होना भी हनी को परेशान करता था। आर्थिक रूप से समृद्ध हनी ने 25 साल की उम्र में ही असलाह लाइसेंस बनवा लिया था।

हॉस्पिटल में एडमिट रहते दादा ने तय की थी हनी की शादी

- दादा की बीमारी के कारण परिवार ने रविवार को ही मानसा में हनी की शादी करनी थी। परिवारवालों ने बताया कि हनी के दादा हरी राम टल्लेवालिया दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे।

- वहीं पर मानसा की एक महिला भी भर्ती थी, जिसकी हनी की उम्र की बेटी है। दोनों परिवारों की वहीं पर बात हो गई।

- हनी के दादा की बीमारी के कारण उनके रहते रिश्तेदार उसकी शादी करना चाहते थे, जिसके चलते रविवार को उन्होंने लड़की को मानसा में देखने जाना था और वहीं पर सादे समागम में शादी कर डोली में बैठा कर ले आना था।

- जिस दिन घर में डोली आनी थी उसी दिन 3 आर्थियां उठने से शहर सदमें में है। मौके पर मौजूद मक्खन शर्मा ने बताया कि जब पहली गोली चली तो ऊपर से आवाज आई, वह उधर की ओर भागे।

- पहली मंजिल की सीढ़ियां चढ़कर कमरे तक पहुंचते 4 फायर हो गए। हनी ने अंदर से कुंडी लगा रखी थी। जब उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो हनी खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था व उसकी दादी बेड पर पड़ी थी।

- गाड़ी में बैठे उन्होंने हनी से पूछा- तूने ये क्या कर दिया। उसने आखरी शब्द बोले- मेरे लई ऐही ठीक सी, बस मैं कर ता, हुण कोई टैंशन नईं। करीब सवा आठ बजे दोनों ने सिविल अस्पताल में जाकर दम तोड़ दिया।

हनी अपने दादा-दादी के साथ। हनी अपने दादा-दादी के साथ।
हरमेश मित्तल उर्फ हनी। (फाइल फोटो) हरमेश मित्तल उर्फ हनी। (फाइल फोटो)
एक परिवार में तीन मौतों के बाद रोते बिलखते फैमिली मेंबर्स। एक परिवार में तीन मौतों के बाद रोते बिलखते फैमिली मेंबर्स।
बुआ तुसीं कमरे चों बाहर जाओ, माता नाल गल्ल करनी ऐ...। बुआ तुसीं कमरे चों बाहर जाओ, माता नाल गल्ल करनी ऐ...।
बुआ के जाते ही हनी ने दादी के साथ दरवाजा बंद कर लिया...। बुआ के जाते ही हनी ने दादी के साथ दरवाजा बंद कर लिया...।
रिवॉल्वर से दो गोली दादी को मारी, फिर अपने को मार ली। रिवॉल्वर से दो गोली दादी को मारी, फिर अपने को मार ली।
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