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कैसे लड़ेंगे गैंगस्टरों से, करोड़ों की बुलेट प्रूफ गाड़ी महीने से खराब

नसीब अच्छा था कि दो गाड़ियों में सवार 5 गैंगस्टरों के पास मात्र 3 हथियार ही थे।

Dainik Bhaskar

Dec 17, 2017, 04:54 AM IST
Crores of bullet proof trains worse than month

बठिंडा. शहर में पिछले 6 साल में एक के बाद एक हुए 5 एनकाउंटर में मारे गए 7 गैंगस्टरों के बाद भले ही पंजाब पुलिस ने सुरक्षा लिहाज से गैंगस्टरों से निपटने को यहां करोड़ों की लागत से तैयार बुलेट प्रूफ गाड़ी मुहैया करवाई हुई है। मगर पिछले एक महीने से यह गाड़ी खराब होकर एजेंसी में खड़ी है। शुक्रवार को पुलिस एनकाउंटर में बचकर भागे भिंदा गैंग का बठिंडा पुलिस से आमना-सामना हुआ तो यहां जवान बुलेट प्रूफ गाड़ी खराब होने से बिना सुरक्षा प्रबंध के ही सीधे ही गैंगस्टरों से जा भिड़े। वह तो नसीब अच्छा था कि दो गाड़ियों में सवार 5 गैंगस्टरों के पास मात्र 3 हथियार ही थे।

इन हालात के बाद शनिवार को बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला ने पिछले एक महीने से महिंद्रा एजेंसी में खराब खड़ी बुलेट प्रूफ गाड़ी को तुरंत ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। 11 सितंबर 2016 को गैंगस्टर दविंदर बंबीहा का एनकाउंटर होने के बाद मोहाली, अमृतसर, बठिंडा और फरीदकोट में बुलेट प्रूफ गाड़ियां मुहैया करवाई गई थी। बठिंडा को 13 जून 2017 को स्कोर्पियो मिली थी। इसकी कनेक्टिंग रॉड खराब होने से एक बार भी इस्तेमाल नहीं की गई है।

बठिंडा पुलिस एनकाउंटर के बाद शनिवार को बाद दोपहर चंडीगढ़ से फोरेंसिक एक्पर्ट की टीम गांव गुलाबगढ़ जांच के लिए पहुंची। उन्होंने मौके पर पहुंच वारदात स्थल पर सैंपल कलेक्ट किए और जांच की। इसकी 7 दिन के भीतर रिपोर्ट दी जाएगी। रिमांड के दौरान भिंदा ने खुलासा किया कि वह फाजिल्का के गांव आलमगढ़ से अपने परिवार समेत यूपी के जिला बिजनौर में शिफ्ट हो गया था। यहां पर उसने गनप्वाइंट पर दो गाड़ियां लूटी, जिसके थाना चांदपुर में उस पर केस दर्ज है। इसके बाद वह राजस्थान भाग गया।

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