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महिला पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में डबल मीनिंग बातें करने वाले अफसरों पर कार्रवाई

डिपार्टमेंट का मानना है कि पंजाब पुलिस में महिला स्टाफ को सुविधाएं देने से उनकी कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 07:44 AM IST
DGP issued new guidelines for police personnel

लुधियाना. डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने हाल ही में आयोजित स्टेट लेवल पुलिस कॉन्फ्रेंसों में मिले सुझावों के बाद नई गाइडलाइंस जारी की है ताकि पुलिस विभाग में महिला मुलाजिमों को काम का उचित माहौल मिले और उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। डिपार्टमेंट का मानना है कि पंजाब पुलिस में महिला स्टाफ को सुविधाएं देने से उनकी कार्यप्रणाली में सुधार होगा। उन्हें आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। उनकी अच्छी स्थिति को देखते हुए अन्य लड़कियों में भी पुलिस में भर्ती होने की दिलचस्पी बढ़ेगी। यही नहीं पुलिस में भर्ती के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए काॅलेज व स्कूलों में भी स्टूडेंट्स को अवेयर किया जाएगा।

भर्ती कोटा 15 प्रतिशत होगा, साइबर क्राइम व इंटेलीजेंस में भी होगी तैनाती

- नई पॉलिसी में पुलिस भर्ती में महिला मुलाजिमों का कोटा 12.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 करने को कहा गया है।

- महिला पुलिस मुलाजिमों को पुरुष मुलाजिमों के बराबर एसएचओ, आईओ, मुख्य मुंशी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जाएगा।
- ऑर्गेनाइज्ड क्राइम यूनिट, साइबर क्राइम, इंटेलीजेंसी, सीआईए में भी तैनाती की जाएगी ताकि अलग डिपार्टमेंटों में काम का अनुभव मिल सके।

- सभी कमिश्नरों को एक पुलिस स्टेशन में महिला एसएचओ को लगाना चाहिए।
- जिला पुलिस प्रमुख हर तीन महीने बाद मीटिंग कर फीडबैक लेंगे, ताकि महिला मुलाजिमों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
- हर विंग के इंचार्ज की ड्यूटी होगी कि वह अपने अधीन काम कर रही महिला पुलिस मुलाजिमों को लिंग संवेदनशील माहौल दें और ड्यूटी के दौरान पुरुष मुलाजिम नशा न करें।
- महिला मुलाजिमों की मौजूदगी में गाली-गलोज व दोहरे शब्दों वाली भाषा का प्रयोग करने वाले मुलाजिमों पर कार्रवाई की जाए। पुलिस स्टेशनों में महिला मुलाजिमों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अलग इंतजाम हो।
- ड्यूटी के दौरान आने-जाने के लिए विशेष ट्रांसपोर्ट साधनों का इंतजाम हो।
- बच्चों की क्रेच का विशेष प्रबंध किया जाए।
- ड्यूटी के दौरान अगर महिलाओं को यौन या मानसिक शोषण झेलना पड़ता है तो उसकी शिकायत करने के लिए आंतरिक कमेटियों का गठन किया जाए। आरोपी पाए जाने वाले मुलाजिम को एक्ट के अनुसार 50 हजार रुपए का जुर्माना किया जाए।
- महिला पुलिस मुलाजिमों के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाए जाएं और उन्हें जागरूक करने के लिए समय-समय पर कॉन्फ्रेंस और सेमिनारों का आयोजन किया जाए।

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