--Advertisement--

मार्च के दूसरे सप्ताह बठिंडा से चलेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेन, ये रहेगा रूट

रोहतक से बठिंडा तक 294 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रिफिकेशन का प्रोजेक्ट फरवरी 2015 में शुरू किया था।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 06:37 AM IST

बठिंडा. बठिंडा रेलवे स्टेशन से जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चलेंगी। फरवरी में दिल्ली रेल ट्रैक की इलेक्ट्रिफिकेशन पूरी होने पर मार्च के दूसरे हफ्ते तक बिजली वाली ट्रेन दौड़ेगी। मंगलवार को नरवाना से कटार सिंहवाला के इलेक्ट्रिफिकेशन का चीफ सेफ्टी रेलवे कमिश्नर (सीआरएससी) शैलेश कुमार पाठक ने निरीक्षण किया और प्रोजेक्ट पर संतोष जताया।

उन्होंने नारियल फोड़कर इलेक्ट्रिक इंजन का पूजन किया और सुरक्षित रेल सफर के लिए शुभकामना दी जबकि तमाम अधिकारियों एवं इलाका निवासियों ने तालियों के साथ इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने पर बधाई दी। इस दौरान दिल्ली रेल मंडल के डीआरएम आरएन सिंह व चीफ डायरेक्टर इलेक्ट्रिफिकेशन अजीत सिंह जंगू समेत दिल्ली डिविजन की ऑपरेटिंग, इंजीनियरिंग, टेलीकम्युनिकेशन, कामर्शियल समेत तमाम विंगों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सीआरएससी शैलेश कुमार पाठक ने बताया कि रोहतक से बठिंडा तक 294 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रिफिकेशन का प्रोजेक्ट फरवरी 2015 में शुरू किया था, जिसके 3 साल में मुकम्मल करने का टारगेट था। थर्ड फेज में बठिंडा व लहरा मुहब्बत तक का 30 किमी के रेलवे ट्रैक की इलेक्ट्रिफिकेशन फरवरी 2018 में पूरा होगी और इसकी इंस्पेक्शन के बाद मार्च के दूसरे सप्ताह तक एक्सप्रेस, पैसेंजर और गुड्स ट्रेन इलेक्ट्रिक इंजन से चल सकेंगी।

नरवाना से कटार सिंहवाला रेलवे ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन पर संतोष जताते हुए चीफ सेफ्टी कमिश्नर पाठक ने कहा कि 133 किमी. के इलेक्ट्रिफिकेशन के निरीक्षण में सब कुछ ठीक है और इसे रनिंग के लिए उनकी ओर से ऑथोराइज्ड ओएचई (ओवर हेड इक्यूपमेंट) को भेजा जा रहा है। जल्द ही इलेक्ट्रिक इंजन के साथ एक्सप्रेस, पैसेंजर और गुड्स ट्रेन चल सकेंगी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिफिकेशन से ट्रेन की रफ्तार में कोई फर्क तो नहीं पड़ेगा जबकि पर्यावरण प्रदूषित नहीं होने का सबसे बड़ा फायदा होगा तथा महंगे डीजल की खपत कम होने से रेलवे को भारी बचत होगी, वहीं फॉरेन एक्सचेंज भी घटेगा। इसके अलावा एक्सलरेशन व डिसलरेशन एक मिनट में होने से झटके कम लगेंगे और सफर स्मूथ होगा। स्पेशल ट्रेन से इलेक्ट्रिफिकेशन का नरवाना से लगभग 133 किमी इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट की इंस्पेक्शन करते हुए चीफ सेफ्टी कमिश्नर देर शाम 7 बजे कटार सिंहवाला पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मार्ग में आते माइसरखाना स्टेशन के पास बनाए ग्रिड समेत विभिन्न रेलवे स्टेशनों का भी मुआयना किया।

स्टेट गवर्नमेंट पहल के आधार पर देगी बिजली
इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियों के संचालन के लिए प्रदेश सरकार रेलवे को पहल के आधार पर बिजली की सप्लाई देगी, मुसाफिरों को रियायती दामों में सुहाना सफर की सुविधा देने के लिए केंद्र की ओर से प्रदेश सरकार से बाकायदा समझौता हुआ है। बठिंडा रेलवे स्टेशन के 7 प्लेटफार्म पर खंभे लगाने के लिए पूरी तेजी से ड्राइंग के अनुसार खंभे लगाने की कंस्ट्रक्शन चल रही है जबकि रेलवे ट्रैक पर खंभे लगाए जा चुके हैं, सिर्फ केबल बिछाया जाना बकाया है। रेल ट्रैक पर केबल खींचने का काम 137 करोड़ रुपए में चंडीगढ़ की कंपनी केईसी इंटरनेशनल कंपनी को सौंपा गया। पहले चरण में रोहतक से जींद के नरवाना तक के ट्रैक का विद्युतीकरण 31 जुलाई 2016 तक पूरा हुआ जबकि दूसरे चरण में नरवाना से कटार सिंहवाला तक का 133 किलोमीटर की इलेक्ट्रिफिकेशन की 9 जनवरी को चीफ सेफ्टी रेलवे कमिश्नर की इंस्पेक्शन की। मार्च के पहले सप्ताह में इंस्पेक्शन के बाद दिल्ली से बठिंडा तक इलेक्ट्रिक गाड़ियां दौड़ेंगी।

मार्च में तीन प्रोजेक्ट्स की होगी सीएसआरसी
बठिंडा रेलवे स्टेशन पर मार्च में एक साथ तीन प्रोजेक्ट की सीएसआरसी होने की उम्मीद है। दिल्ली से बठिंडा डबल ट्रैक के साथ-साथ इलेक्ट्रिफिकेशन भी फरवरी तक मुकम्मल होगी। वहीं नवनिर्मित अत्याधुनिक फुट ओवरब्रिज भी मार्च तक कंपलीट होगा। पुल का परसराम नगर साइड का रैंप तैयार हो चुका है जबकि तीनों प्लेटफार्म और इंक्वायरी साइड पर रैंप बनाने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं 3.4 किमी रेलवे ट्रैक की डबलिंग बकाया है। डीएम कंस्ट्रक्शन भूषण गर्ग के मुताबिक दिल्ली डबल ट्रैक का काम मार्च तक पूरा करने का टारगेट है। हालांकि कोटफत्ता रेलवे स्टेशन तक डबल ट्रैक पर अक्टूबर से गाड़ियां आवागमन कर रही हैं। कटार सिंहवाला और कोटफत्ता हाल्ट स्टेशन पर क्रॉसिंग हो रही है जबकि दिल्ली से जाखल के रास्ते में कोई ट्रेन क्रॉसिंग नहीं है।

स्टेशन सुपरिटेंडेंट से मिले ग्रामीण
कटार सिंह वाला पर अफसरों के आने की भनक पाकर गुलाबगढ़ के लगभग 15 गणमान्य नागरिक भी पहुंचे, वे स्टेशन पर एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव करवाने के लिए अफसरों से मिलना चाहते थे लेकिन स्टेशन सुपरिटेंडेंट सीआर दहिया ने बताया कि अधिकारी तो इलेक्ट्रिफिकेशन का निरीक्षण करने आए हैं, उनके सामने ऐसे मुद्दे रखने का कोई फायदा नहीं।