--Advertisement--

इस साल से डबल ट्रैक पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें, सफर का समय घटेगा

ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और सफर में समय की बचत होगी। वहीं नई ट्रेनों की संभावना बढ़ेगी।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 05:33 AM IST

बठिंडा. नया साल 2018 बठिंडा रेलवे स्टेशन के लिए बेहद सौभाग्यशाली रहेगा, डेवलपमेंट के नए आयाम स्थापित होंगे। आधुनिक एक्सीलरेटर-रैंप लिफ्ट वाला फुट ओवरब्रिज पर आवागमन सुगम होगा। वहीं दिल्ली तक डबल ट्रैक के साथ-साथ इलेक्ट्रिफिकेशन मुकम्मल होगी जिससे बिजली वाले इंजनों से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और सफर में समय की बचत होगी। वहीं नई ट्रेनों की संभावना बढ़ेगी।

जनवरीमें शुरू होगा फर्स्ट फेज: रेलवेस्टेशन में 8 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से तैयार हो रहा 135 मीटर लंबा 6.5 मीटर चौड़े नया फुट ओवरब्रिज 31 मार्च तक मुकम्मल होगा जबकि जनवरी से फ़र्स्ट फेज के पुल की शुरुआत रैंप से होगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन की हाई वॉल्टेज वायरिंग गुजरने के मद्देनजर ओवरब्रिज की ऊंचाई 6.5 मीटर रखी गई है। एफओबी का रैंप सिटी साइड की ओर उतरेगा जिससे कि यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों को अपने सामान ओवरब्रिज पर चढ़ने-उतरने में सुविधा रहेगी। वहीं बुकिंग वाली साइड में एक साइड में रैंप, एक्सीलरेटर और सीढ़ी का प्रावधान होगा। एफओबी से मेन प्लेटफार्म नंबर 5-6 के एक तरफ सीढ़ी जबकि दूसरी तरफ एक्सीलरेटर और लिफ्ट का प्रबंध रहेगा। जून में दिल्ली-बठिंडा का इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट मुकम्मल हो जाएगा। चीफ सेफ्टी रेलवे कमिश्नर (सीएसआरसी) की मंजूरी मिलने के बाद मंजूरी के बाद ट्रायल के तौर पर एक-दो दिन में इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाई जाएंगी। रेलवे ट्रैक पर खंभे लगाए जा चुके हैं केबल बिछाया जाना बकाया है। रेल ट्रैक पर केबल खींचने का काम 137 करोड़ रुपए में चंडीगढ़ की कंपनी केईसी को सौंपा गया है।

सफर का समय घटेगा
डबल लाइन होने से ट्रेन निर्धारित समय पर पहुंचेंगी। फिलहाल दिल्ली-बठिंडा रेलवे ट्रैक पर डीजल इंजन वाली गाडिया चल रही हैं। दिल्ली-बठिंडा तक का इलेक्ट्रिफिकेशन होने से इस रेलवे रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी। दिल्ली, रोहतक, जाखल बठिंडा आदि शहरों में जाने के लिए यात्रियों को ट्रेनों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।