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दादा के मरने से दिमागी संतुलन खो बैठा पोता, एक साथ जलीं परिवार की 3 चिताएं

दादा के मरने के बाद दिमागी संतुलन खोकर पोते ने दादी को गोली मार खुद आत्महत्या कर ली।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 06:58 AM IST

बरनाला(अमृतसर). दादा के मरने के बाद दिमागी संतुलन खोकर पोते ने दादी को गोली मार खुद आत्महत्या कर ली। इस घटना में परिवार के तीनों सदस्यों के मरने से घर को ताला लग गया। दादा-दादी व पोते की एक साथ जली तीन चिताओं से पूरा शहर शोक में डूबा रहा। कच्चा कॉलेज रोड की दुकानें पूरा दिन नहीं खुली। एक साथ अपने भतीजे व माता-पिता को खोने वाली बेटियों का विलाप देखकर सारे शहर की आंखें नम हो गई। जिला बरनाला कांग्रेस के महासचिव हरमेश मित्तल उर्फ हनी टल्लेवालिया (25) अपने दादा हरी राम टल्लेवालिया की मौत के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका।


- इस घटना के बाद शहर में पूरा गम का माहौल रहा। कच्चा कॉलेज की मार्केट पूरा दिन नहीं खुली। हनी की अपनी फर्नीचर शॉप कच्चा कॉलेज रोड पर थीं। वहीं पर पहली मंजिल पर उसका घर था। इसके चलते पूरी मार्केट बंद रही। पूरे शहर में गम का माहौल था।

- हनी के दोस्त वरूण वत्ता ने बताया कि उसका सुबह फोन आया कि दादा जी चल बसे। आप आ जाओ। तब वह थोड़ा मायूस था लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं लग रही थी। कांग्रेस के जिला प्रधान मक्खन शर्मा, हनी और वह पास ही खड़े थे।

- इसके बाद वह लोगों के नीचे बैठने के लिए दरी लेने चला गया। करीब 8 बजे उसे इस बात की सूचना मिली कि हनी ने खुद को गोली मार ली। एक ही घर में हुई तीन मौतों के कारण शहरवासी बड़ी संख्या में वहां पर पहुंच गए। विलाप देख कर सभी की आंखें नम हो गई।




3 साल पहले लिया रिवॉल्वर, पहली बार चलाई गोली
- हनी ने अपने दादा से जिद्द करके तीन साल पहले दो लाख रुपए खर्च करके रिवॉल्वर लिया था। उसके दोस्त वरुण वत्ता ने बताया कि वह बेहद शांत और हंसमुख था। उसने शौक के लिए रिवॉल्वर ले रखा था लेकिन कभी भी इसका इस्तेमाल नहीं किया था।

- उससे कई बार इसकी बात होती तो वो कहता था कि ये रिवॉल्वर सिर्फ शौक के लिए ले रखा है। मुझे इसे चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। बड़े लोगों के पास होता है इसलिए मैंने इसे खरीदा है। जिस दादी ने मां बनकर उसे पाला पहली बार गोली उसी की छाती पर मारी। उसके बाद खुद को खत्म कर लिया। शौक के लिए लिया रिवॉल्वर पूरे परिवार का काल बन गया। हनी की फर्नीचर शॉप कच्चा कॉलेज रोड पर थीं। यह मार्केट पूरा दिन नहीं खुली।


बुआ रोती रही.. हनी नूं बचा लो मेरे बाप दी वंश रह जूगी
- हनी को बचा लो मेरे पिता का वंश रह जाएगा । रोते हुए हनी की बुआ ये बात चीख-चीख कर बोल रही थी। उसकी इन चीखों से सभी की आंखें नम हो गई।

- बतातें चले कि हनी के पिता की मौत हनी के जन्म से पहले ही हो गई थी। उसके बाद उसकी माता की भी कहीं और शादी कर दी गई।

- उसके रिश्तेदारों ने बताया कि हनी अपने परिवार का अकेला वारिस था।

- उसके पिता अकेले थे। फिर हनी अकेला था। वह तीनों ही घर में रहते थे। तीनों की मौत के बाद घर को ताला लग गया।