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28 साल बच्चों को पढ़ाने वाले गुरुजी अब क्लर्की करने को मजबूर

मुलाजिमों ने मुख्य सड़कों पर रोष मार्च निकालकर थर्मल बंद करने के फैसले का विरोध जताया।

bhaskar news | Last Modified - Jan 07, 2018, 05:56 AM IST

  • 28 साल बच्चों को पढ़ाने वाले गुरुजी अब क्लर्की करने को मजबूर
    फाइल फोटो

    बठिंडा.मिनी सचिवालय के बाहर कड़कड़ाती ठंड में प्रदर्शन करने वाले थर्मल मुलाजिमों के दो बच्चे बीमार हो गए, वहीं लंगर में सेवा देने वाले एक साथी की भी हालत बिगड़ गई। पक्के मोर्चा के छठे दिन इंकलाबी नाटक से थर्मल मुलाजिमों में नया जोश जगाया गया जबकि रोजमर्रा की तरह शनिवार को भी थर्मल कांट्रेक्ट मुलाजिमों ने मुख्य सड़कों पर रोष मार्च निकालकर थर्मल बंद करने के फैसले का विरोध जताया।

    थर्मल मुलाजिम रमेश कुमार की 11 साल की बेटी खुशी रामबरन की अढ़ाई साल की निशा बीमार हो गई, इन्हें तुरंत डॉक्टरी सहायता के बाद घर छोड़ना पड़ा। वहीं लंगर में रात-दिन सेवा दे रहे दर्शन सिंह की सर्दी लगने से हालत खराब हो गई जिसे अस्पताल से एमरजेंसी में ड्रिप लगवानी पड़ी। राजिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पक्का मोर्चा में दिन-रात बच्चों परिवार समेत अनशन कर रहे थर्मल मुलाजिमों के लिए किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा का प्रबंध नहीं किया।

    स्पेशल हाई स्कूल में 450 बच्चे
    थर्मलकॉलोनी के स्पेशल हाई स्कूल में पहली से आठवीं तक 450 बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनमें से लगभग 200 बच्चे प्राइमरी विंग में हैं। फ़र्स्ट स्टेज में प्राइमरी विंग के अध्यापकों का तबादला किया गया है और आशंका जताई जा रही है कि एनुअल एग्जाम के बाद मार्च सेशन खत्म होने पर स्पेशल स्कूल को किसी अन्य जगह पर शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए अप्रैल से नए सेशन शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग की औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।

    पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से एफिलिएटेड थर्मल कॉलोनी के स्पेशल हाई स्कूल के प्राइमरी विंग को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसके तहत लगभग डेढ़ महीने पहले प्राइमरी विंग के 4 अध्यापिकाओं को रोपड़ थर्मल के स्कूल में बतौर ड्राइंग टीचर ट्रांसफर कर दिया गया लेकिन वहां कोई पोस्ट होने की वजह से इन्हें ज्वाइन नहीं कराया गया। करीब डेढ़ महीना तक हेड क्वार्टर के चक्कर काटने के बाद अध्यापकों को बठिंडा के पावरकॉम आफिस में ही फील्ड यूडीसी के अगेंस्ट लगा दिया गया। स्पेशल स्कूल की टीचर एगनेस ने बताया कि वे नर्सरी टीचर ट्रेंड हैं और 28 साल स्पेशल स्कूल में टीचिंग की और अब इन्हें थर्मल कॉलोनी के पावरकाम ऑफिस में डिप्टी यूडीसी के अधीन क्लर्की करने लगा दिया जिससे अब सेवाकाल के आखिरी समय में प्रोफेशन ही बदल गया। उन्हें रोपड़ थर्मल ट्रांसफर करने पर पोस्ट होने पर ज्वाइन नहीं कराया, लगातार पटियाला हेड आफिस में चक्कर लगाए और डेढ़ महीना तक कोई ड्यूटी मिलने पर मजबूरी में क्लर्की का ही समझौता करना पड़ा। उनके साथ ही 28 साल पढ़ा चुकी सुरेंद्र धीर को भी पावरकाम के फील्ड अपर डिविजन क्लर्क के अधीन ड्यूटी दी गई है। प्राइमरी स्कूल में इनके साथ पढ़ाने वाली प्राइमरी टीचर किरण गुप्ता को स्पेशल स्कूल में ही एडजस्ट कर लिया गया जबकि गोविंदर कौर निर्मल कौर को रोपड़ में ज्वाइन करा लिया गया।

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Web Title: Guruji Is Now Forced To Do A Clerk
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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